समूह स्वास्थ्य बीमा बनाम व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा

आप सोचते होंगे कि समूह बीमा पॉलिसी और व्यक्तिगत बीमा पॉलिसी के अंतर को समझना काफी आसान है।

group health insurance vs Individual health insurance

आप सोचते होंगे कि समूह बीमा पॉलिसी और व्यक्तिगत बीमा पॉलिसी के अंतर को समझना काफी आसान है। लेकिन, हकीकत में, बहुत सारे लोग समूह बीमा और व्यक्तिगत बीमा की बारीकियों को लेकर अन्जान हैं। अगर आप उपयोगी जानकारी के साथ इन दो स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की तुलना करेंगे तो आपके लिए दोनों में से बेहतर पॉलिसी चुनना आसान हो जाएगा।  

हां, यह सच है कि दोनों तरह की बीमा पॉलिसी में बीमाकृत राशि (Coverage) एकसमान है। लेकिन, जब आप विस्तार में जाएंगे, तो दोनों में काफी फर्क है, कई बार तो यह फर्क काफी अधिक हो जाता है। छोटे व्यवसायों में समूह बीमा योजना काफी कारगर साबित होगी, क्योंकि इसमें कर छूट का तो फायदा मिलता ही है साथ ही कर्मचारियों के लिए भी यह उपयोगी है।

समूह बीमा और व्यक्तिगत बीमा के फर्क को बेहतर तरीके से समझने और फिर उनके बारे में कोई भी महत्वपूर्ण फैसला लेने के लिए उनके बारे में विस्तार से जानना जरूरी हो गया है।

तो चलिये, समूह और व्यक्तिगत बीमा के बीच अंतर पर एक नजर डाल लेते हैं...

परिभाषा:  

आसान शब्दों में समूह बीमा एक बीमा पैकेज है जिसे कोई भी संगठन अपने कर्मचारियों के फायदे के लिए खरीदता है। अगर कोई संगठन किसी बीमा कंपनी के पास समूह बीमा लेने जा रहा है, तो उसके सामने दो विकल्प होते हैं...पहला, जैसा वह चाहता है उस तरह की बीमा योजना का डिजाइन वह खुद करे और दूसरा, बीमा कंपनी द्वारा पहले से तैयार बीमा पॉलिसी का चुनाव कर सकता है।

व्यक्तिगत बीमा भी सुगम है। यह बीमा पैकेज है जिसे कोई भी व्यक्ति खुद के लिए या फिर अपने परिवार जैसे लोगों के समूह के लिए खरीदता है। हालांकि, इसके नाम से तो कुछ और ही मतलब निकलता है। यह सही नहीं है कि व्यक्तिगत बीमा पैकेज, जैसा कि नाम से पता चल रहा है, केवल एक ही व्यक्ति के लिए है।

अंतर:

लागत  

जाहिर है समूह बीमा योजनाएं सस्ती होती हैं। कभी-कभी कर्मचारी काफी कम खर्च या मुफ्त में भी इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं उसी तरह से जैसे थोक में कोई सामान खरीदने पर भारी छूट मिलती है। कर्मचारियों को समूह बीमा योजना के लिए अलग से कोई पैसे नहीं देने होते हैं। हां, अगर कोई कर्मचारी समूह बीमा योजना के तहत दी जा रही सुविधाओं से अलग कोई योजना लेना चाहता हो, तो ही पैसे देने पड़ेंगे। इसके अलावा, समूह योजनाओं के प्रीमियम  भुगतान के लिए कर्मचारियों की सैलरी में से ही पैसे काट लिये जाते हैं जबकि व्यक्तिगत योजनाओं के प्रीमियम भुगतान के लिए अलग से पैसे देने होते हैं। इसलिए कुछ लोग जिनकी जरूरत नियोक्ता की समूह स्वास्थ्य बीमा पैकेज से पूरी हो जाती है, वो अलग से कोई व्यक्तिगत बीमा योजना नहीं खरीदते हैं।

सुविधा और नियंत्रण:

हालांकि, यह सामान्य परिदृश्य नहीं है, लेकिन कई बार कुछ कारणों से कंपनी या इंश्योरर किसी शख्स के व्यक्तिगत बीमा पैकेज की अर्जी खारिज कर सकती है। कारण चिकित्सकीय भी हो सकता है और वित्तीय इतिहास भी। लेकिन, समूह बीमा पैकेज के साथ ऐसा नहीं है। कंपनी का कोई भी कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से कंपनी के समूह बीमा पैकेज के योग्य है और स्वचालित रूप से उसके लिए बीमा पैकेज की मंजूरी मिल जाती है। ऐसा इसलिए कि समूह बीमा योजना की हामीदारी (Underwriting) प्रक्रिया ऐसी है जिसमें किसी शख्स को कई बार बारिकी चिकित्सकीय जांच से छूट मिल जाती है। इसलिए, संगठन के माध्यम से समूह बीमा पैकेज प्राप्त करना काफी आसान है।

दूसरी ओर, व्यक्तिगत बीमा पैकेज लेने के भी अपने फायदे हैं। इसमें बीमा लेने वाले व्यक्ति को अपनी शर्त तय करने की पूरी आजादी है। पॉलिसी बंद करने का फैसला सिर्फ आप कर सकते हैं। इसमें पॉलिसी के बारे में फैसला सिर्फ और सिर्फ आपके व्यक्तिगत चिकित्सकीय, वित्तीय और सामाजिक स्थिति पर निर्भर करता है, ना कि समूह बीमा योजना के जैसा, जिसमें कई व्यक्तियों पर निर्भर करता है।

दावा नहीं करने का फायदा (नो क्लेम बोनस):

 बीमा पॉलिसी के तहत अगर आप पॉलिसी की अवधि के दौरान व्यक्ति के तौर पर बोनस का दावा नहीं करते हैं, तो आपको इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। इसके विपरीत, व्यक्तिगत बीमा योजना के तहत अगर आप पॉलिसी की अवधि के दौरान बोनस का दावा नहीं करते हैं तो भी आप नो क्लेम बोनस के योग्य हैं। इसे आपको सेहतमंद होने के इनाम के रूप में देखा जा सकता है। इसका फायदा आपको प्रीमियम के नवीनीकरण में छूट के रूप में मिल सकता है या फिर बिना किसी अतिरिक्त लागत के बड़े हुए कवर के रूप में।

समूह बीमा योजना का एक और नुकसान है। अगर समूह बीमा योजना के तहत आपने दावा नहीं किया लेकिन दूसरा व्यक्ति बच्चा होने या गंभीर बीमारी के आधार पर दावा करता है और यदि नियोक्ता समूह की ओर से ज्यादा प्रीमियम देने से इनकार कर देता है तो समूह को पेशकश की जा रही कुल सुरक्षा रकम (कवर) घटाई जा सकती है।

प्रासंगिकता:

समूह बीमा योजना का लाभ आप तभी तक उठा सकते हैं जब तक आप उस कंपनी में काम कर रहे हैं और वह कंपनी आपके प्रीमियम का भुगतान कर रही है, लेकिन व्यक्तिगत बीमा योजना में ऐसी बात नहीं है। जब भी आप कंपनी से सेवानिवृत होते हैं या फिर इस्तीफा देते हैं तो आपके पास समूह कवर को व्यक्तिगत पॉलिसी में बदलने का विकल्प मिल सकता है। लेकिन, परिवर्तन (Conversion) प्रीमियम नई व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसी के मुकाबले अधिक हो सकता है। ऐसी स्थिति में आपको दो सलाह दी जाती है। पहला, यदि नई पॉलिसी के मुकाबले परिवर्तन प्रीमियम कम हो तो ही समूह कवर को व्यक्तिगत बीमा में बदलें और दूसरा

अगर आपका बीमा अब संभव नहीं हो। अगर आपने कवर बदलने का फैसला कर लिया है, तो आपको समूह बीमा पॉलिसी के तहत नियोक्ता से मिले बीमित राशि का दस्तावेज (Certificate Of Coverage) देना पड़ेगा।

आप किसे चुनें?

समूह बीमा योजनाएं वास्तव में कंपनी और कर्मचारी के लिए सस्ती होती हैं। इसी वजह से यह फायदे का सौदा है। लेकिन सस्ता व्यक्तिगत बीमा पैकेज भी निश्चित रूप से उनके लिए भी  जरूरी है जिनको उनकी कंपनियों द्वारा सुरक्षा मिला हुआ है। इसका मुख्य कारण है कि व्यक्तिगत बीमा पॉलिसी में आपको क्या कवर लेना है या और क्या नहीं, इसे चुनने की आजादी होती है। इसके तहत आप अपने और अपने परिवार के चिकित्सकीय इतिहास के आधार पर इस बात का फैसला कर सकते हैं कि किस बीमारी के लिए आपको सुरक्षा लेना है और किसके लिए नहीं। इसके अलावा, आप ये भी फैसला कर सकते हैं कि परिवार के कितने सदस्यों की सुरक्षा लेनी है, यहां तक कि आप बीमित राशि के बारे में भी फैसला ले सकते हैं। इसके विपरीत, समूह बीमा योजना कंपनी की नीतियों और नियोक्ता की इच्छा के अनुसार तैयार की जाती है।  

साथ ही आपकी कंपनी द्वारा मिला समूह बीमा कवर तभी तक जारी रहता है जब तक आप अपने नियोक्ता के लिए काम करते हैं। आप जब भी नौकरी बदलते हैं तो नए नियोक्ता से आपको स्वास्थ्य बीमा कवर मिल भी सकता है और नहीं भी मिल सकता है। ऐसा इसलिए कि आपके नियोक्ता के लिए अनिवार्य नहीं है कि वह आपको समूह स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा दे। इसके अलावा हो सकता है आपके पहले वाले नियोक्ता से जितने की सुरक्षा मिली हुई थी नए नियोक्ता से उतनी की नहीं मिले।

अंत में, अगर आपके पास पहले से व्यक्तिगत बीमा सुरक्षा नहीं हो तो सेवानिवृति के बाद इसे लेना आपके लिए दिक्कत हो सकती है, खासकर जब आप किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से ग्रस्त हो जाएं। अगर सुरक्षा मिल भी जाए तो आपको काफी अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है।

उपरोक्त कारणों को देखते हुए आपको व्यक्तिगत बीमा सुरक्षा लेने की सलाह दी जाती है, भले ही आपको आपके नियोक्ता से समूह बीमा सुरक्षा मिली हुई हो।

अगर आपने एक बार व्यक्तिगत योजना लेने के बारे में फैसला कर लिया, तो यह जरूरी है कि आप उसके बारे में अनुसंधान करें, बेहतर उद्धरण प्राप्त करें और तुलना करें। यदि जरूरी हो तो किसी विशेषज्ञ से आप इस बारे में सलाह ले सकते हैं। आखिरकार, यह आपका पैसा है जिससे आप पॉलिसी खरीदने जा रहे हैं और दांव पर आपका स्वास्थ्य है।

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