लाइलाज बीमारी पर मिलने वाले बीमा लाभ

तेजी से बढ़ती किसी लाइलाज बीमारी को टर्मिनल इलनेस कहा जाता है। मेडिकल जांच में एक लाइलाज बीमारी का पता चलने पर पैलिएटिव केयर लेने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होता क्योंकि रोगी की बेहद कम आयु बची होती है।

Terminal illness benefit

टर्मिनल इलनेस क्या है?

परिभाषाः तेजी से बढ़ती किसी लाइलाज बीमारी को टर्मिनल इलनेस कहा जाता है। मेडिकल जांच में एक लाइलाज बीमारी का पता चलने पर पैलिएटिव केयर लेने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होता क्योंकि रोगी की बेहद कम आयु बची होती है।

टर्मिनल इलनेस के लिए क्या लाभ मिलते हैं?

आप ऑनलाइन उपलब्ध निश्चित अवधि की बीमा योजनाओं में से टर्मिनल इलनेस प्लान खरीदकर लाभ उठा सकते हैं। इसके तहत, यदि पॉलिसीधारक को कोई लाइलाज बीमारी हो जाती है तो बीमाकृत राशि के 25% के बराबर राशि का भुगतान किया जाता है (अधिकतम 100 लाख रुपयों तक)

इसका भुगतान किए जाने पर, बीमाकृत व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों को मिलने वाले लाभ में से इसके बराबर राशि को कम कर दिया जाता है। इसके अलावा, कंपनी द्वारा टर्मिनल इलनेस (लाइलाज बीमारी) के दावे को स्वीकार किए जाने के बाद कोई प्रीमियम नहीं देना होता।

आपको टर्मिनल इलनेस के लाभ का चयन क्यों करना चाहिए?

एक व्यक्ति को जानलेवा बीमारी होने की संभावना बेहद कम होती है। हालांकि फिर भी अगर जांच में ऐसी कोई बीमारी सामने आती है तो पॉलिसीधारक को जीवित रहने तक स्वास्थ्य देखभाल की ज़रूरत पड़ती है। बीमाकृत व्यक्ति और उसके परिवार को बीमारी का पता चलने के बाद और आमदनी बंद हो जाने के बाद वित्तीय सहायता की भी आवश्यकता होती है। इसके अलावा, बीमाकृत व्यक्ति को अनिश्चितता के साथ जीने के मानसिक और भावनात्मक दबाव को कम करने के लिए पेशेवर स्वास्थ्य परामर्श की ज़रूरत भी पड़ सकती है।

ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए, एक पॉलिसीधारक को अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करके टर्मिनल इलनेस के लिए मिलने वाले लाभों का चयन करना चाहिए। ऐसा कवर लाइलाज बीमारी होने की स्थिति में वित्तीय बोझ को कम कर सकता है।

टर्मिनल इलनेस की स्थिति में लाभ मिलने की पात्रता के मानदंड क्या हैं?

आपकी बीमा कंपनी और आपके द्वारा चुने गए बीमा उत्पाद के आधार पर, टर्मिनल इलनेस पर मिलने वाले लाभों की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। यहां कुछ संकेतक मानदंड दिए गए हैं:

 

  • बीमाकृत व्यक्ति के जीवन की बची हुई अवधि 6 महीने से कम होनी चाहिए
  • जांच को पॉलिसी की अवधि के भीतर ही किया जाना चाहिए
  • जांच की पुष्टि दो चिकित्सकों द्वारा की जानी चाहिए (एक विशेषज्ञ और दूसरा कंपनी का चिकित्सक)
  • टर्मिनल बीमारी के लाभों का इस्तेमाल केवल राहत देने वाले उपचार और देखभाल के लिए किया जा सकता है।

क्या क्रिटिकल इलनेस (गंभीर बीमारी) के लाभ और टर्मिनल इलनेस (लाइलाज बीमारी) के लाभ एक जैसे होते हैं?

नहीं। क्रिटिकल इलनेस पर मिलने वाले लाभ एक प्रकार का इंश्योरेंस राइडर (मुख्य पॉलिसी के अतिरिक्त बीमा) है जिसे आप अपनी पॉलिसी के साथ खरीद सकते हैं। यह एक गंभीर बीमारी होने पर उसके इलाज का खर्च दे सकता है, जिससे पॉलिसी धारक को अपनी स्थिति संभालने में मदद मिल सकती है। हालांकि यह राइडर कुछ निश्चित और विशेष बीमारियों के लिए ही कवर देता है। यह आम तौर पर दिल का दौरा, कुछ प्रकार के कैंसर, स्ट्रोक आदि के लिए कवर प्रदान करता है।

दूसरी ओर, एक जानलेवा बीमारी के लिए मिलने वाले लाभ जांच में बीमारी का पता चलते ही मिल जाता है। यह पॉलिसीधारक को पैलिएटिव केयर उपलब्ध करवाने में परिवार की मदद कर सकता है।

क्रिटिकल इलनेस पर मिलने वाले लाभ

  • कुछ निश्चित गंभीर रोगों के इलाज के लिए भुगतान किया जाता है जैसे कुछ प्रकार के कैंसर और दिल का दौरा आदि
  • उपचार के लिए खर्च मिल जाता है
  • यह एक राइडर है (सहायक/अतिरिक्त पॉलिसी)


टर्मिनल इलनेस पर मिलने वाले लाभ

  • इलाज का विवरण मांगे बिना बीमाकृत व्यक्ति को बीमा राशि का 25% भुगतान किया जाता है
  • केवल पैलिएटिव केयर के लिए निधि उपलब्ध होती है
  • यह सुविधा कुछ बीमा पॉलिसियों का प्रमुख फीचर होती है

कैसे करें एक कवर का चयन?

कवर की ज़रूरतों का आंकलन करते समय, बीमा ग्राहक लाइलाज बीमारी से जुड़े खर्चों को आम तौर पर कम आंकते हैं। यह सुनिश्चित करें की आपके द्वारा तय की गई बीमा राशि आपको स्वास्थ्य देखभाल के बढ़ते खर्च के हिसाब से कवर देने में सक्षम है। याद रखें कि अगर कोई किसी लाइलाज बीमारी का शिकार हो जाए तो उसे इन चीज़ों के लिए पैसों की ज़रूरत होगी:

 

  • राहत देने वाली देखभाल यानि पैलिएटिव केयर
  • नियमित घरेलू खर्च और ईएमआई
  • बच्चों की शिक्षा और जीवनशैली से संबंधित खर्च
  • परामर्श और संबंधित सेवाएं
  • वैकल्पिक आय

भविष्य में आने वाले इन खर्चों के मूल्य के बारे में अधिक जानने के लिए एक फाइनेंशियल प्लानर की सलाह लें।

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