वंशाणु और स्वास्थ्य: सभी स्वास्थ्य समस्याएं जो आप अपनी मां से विरासत में पा सकते है

एक बहुत पुरानी कहावत है - महिलाएं 30 तक पहुंचने पर अपनी माताओं जैसी बनने लगती हैं। हालांकि यह सच नहीं होगा, परन्तु आपकी मां का चिकित्सा इतिहास आप पर भी लागू हो सकता है।

वंशाणु और स्वास्थ्य सभी स्वास्थ्य समस्याएं जो आप अपनी मां से विरासत में पा सकते है

सबसे उपयोगी और आवश्यक जीवन के नुस्खे जो आप जानते होंगे,वो आपने अपनी मां से सीखा होगा । जैसे कि पैसे को कुशलतापूर्वक कैसे संभालें, हर समय अपने बच्चों के लिए मौजूद कैसे रहें, और अपने लिए कुछ समय कैसे निकालें। आपने उनसे सभी बेहतरीन रेसिपी और कुकिंग ट्रिक्स भी सीखी होगी । 

एक और बात है जिसे आपको अपनी मां से जानना चाहिए - उनका चिकित्सा इतिहास।

जब आप उनकी कुछ बीमारियों के बारे में जान लें, तो आप बैठें और शुरू से ही उनके चिकित्सा इतिहास को समझने की कोशिश करें । डॉक्टर आमतौर पर आपके परिवार के सभी सदस्यों के लिए यह सलाह देते हैं। लेकिन आप अपनी मां के साथ शुरुआत कर सकते हैं क्योंकि आप, एक बेटी के रूप में, ऐसी कई बीमारियां है जो अपनी माँ से विरासत में पा सकती हैं । जब आप ऐसा करते हैं, तो यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ स्वास्थ्य सम्बंधित बीमारियां, दूसरों की तुलना में आनुवंशिक रूप से अधिक जुड़ी हुई होती हैं। 

तो, इसका मतलब यह नहीं है कि आप हर एक बीमारी या चिकित्सीय स्थिति को अपनी मां से विरासत में पाएं। लेकिन यहां कुछ ऐसी बीमारियां दी गई हैं जिन्हें आपको जानना चाहिए:

1. स्तन कैंसर

स्तन कैंसर का कारण अभी भी निर्णायक रूप से ज्ञात नहीं है । हालांकि, यह पाया गया है कि अगर आपके रक्त सम्बन्धी महिला रिश्तेदारों में से एक- मां, बहन या बेटी - को यदि स्तन कैंसर का निदान किया जाता है, तो आपको भी यह होने की संभावना दोगुना हो जाती है। और अगर आपके रक्त सम्बन्धी दो रिश्तेदारों को यह हुआ है, तो आपका जोखिम औसत से पांच गुना अधिक हो जाता है ।बीआरसीए जीन में म्यूटेशन से स्तन कैंसर का अधिक जोखिम जुड़ा होता है और यह परिवार में फैल सकता है, इसलिए आपको यह देखने के लिए एक परीक्षण करवाना चाहिए कि क्या आपके वंशाणु में यह मौजूद है। नियमित मैमोग्राम प्राप्त करने के अलावा, जोखिम को कम करने के लिए आप कुछ अन्य चीजें कर सकते हैं: अपना वजन बनाए रखें, अपने अल्कोहल के सेवन पर ध्यान दें , और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से बचें। 

2. ऑस्टियोपोरोसिस

ऑस्टियोपोरोसिस अन्य स्वास्थ्य सम्बंधित स्थिति के जैसे विषाणु से संबंधित नहीं है, लेकिन यह उनके कारकों में से एक हो सकता है । अगर आपकी मां को ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित फ्रैक्चर का सामना करना पड़ा है, जैसे कूल्हे की हड्डी तोड़ना, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। यदि आप 50 या उससे अधिक उम्र के हैं, तो आपको एक बेसलाइन डेंसिटी स्कैन, या हड्डी डेंसिटी परीक्षण करवाना चाहिए, जो आपकी हड्डियों की ताकत को मापता है। यदि आप छोटे हैं, तो आप सावधानी के रूप में अपनी जीवनशैली की आदतों को बदल सकते हैं: कैल्शियम और विटामिन डी की खुराक लें, धूम्रपान से बचें, और नियमित रूप से अपने डॉक्टर से परामर्श करें। 

3. थायराइड

एक अंडर-या ओवरएक्टिव थायराइड सबसे आम वंशानुगत स्थितियों में से एक है। अध्ययनों से पता चलता है कि परिसंचारी थायराइड हार्मोन और थायराइड उत्तेजक हार्मोन (टीएसएच)  के ६७% तक आनुवंशिक रूप से निर्धारित होते हैं । यह हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों के लिए सच है। यदि आप हमेशा थके हुए होते हैं, ठंड के प्रति संवेदनशील होते हैं, लगातार कब्ज और वजन बढ़ने के कारण संघर्ष करते हैं, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और ऐंठन का अनुभव करते हैं, तो आपको हाइपोथायरायडिज्म के लिए परीक्षण करना चाहिए। दूसरी ओर हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण चिंता, घबराहट, मिजाज में जल्दी बदलाव , डायरिया, मांसपेशियों में कमजोरी और गर्मी के प्रति संवेदनशीलता हैं।

4. मधुमेह

आपकी जीवन शैली, आपकी खाने की आदतें, शारीरिक गतिविधि के स्तर, और वजन, निर्धारित करने में एक प्रमुख भूमिका निभाते है कि क्या (या कितनी जल्दी) आपको प्रकार 2 मधुमेह है। लेकिन यह इस अर्थ में भी आनुवंशिक है कि अगर आपकी मां, पिता, या भाई को यह है, तो आपमें भी ये बीमारी होने की उच्च जोखिम हो सकती हैं । आपको एक अनुशंसित बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) बनाए रखना चाहिए और अपने रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच रखना चाहिए। टाइप 1 डायबिटीज में तो कई ऐसे कारक हैं जो इसका कारण बन सकते हैं लेकिन अगर आपके माता-पिता में से किसी एक को यह है तो आपका रिस्क भी बढ़ जाता है।

5. डिप्रेशन

डिप्रेशन उन बीमारियों में से एक है जिसमें लिंग अंतर होता है - यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक आम है। दरअसल, महिलाओं को पुरुषों की तुलना में डिप्रेशन होने की संभावना दोगुनी होती है । अगर आपकी मां या किसी अन्य रिश्तेदार को क्लीनिकल डिप्रेशन है तो इससे आपका रिस्क पांच गुना बढ़ जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको यह निश्चित रूप से होगा ; इसका मतलब केवल यह है कि यदि आप तनावपूर्ण स्थिति में हो, तो आपको डिप्रेशन होने की अधिक सम्भावना है , उनके मुकाबले जिनके अन्य घनिष्ठ रिश्तेदार डिप्रेशन से पीड़ित नहीं होते है। इसलिए, यदि आपकी मां कभी डिप्रेशन से पीड़ित रही है, तो आपको अपने मानसिक स्वास्थ्य को बारीकी से देखना चाहिए और जब चीजें खराब होने लगे तो एक मनोवैज्ञानिक पेशेवर से मदद लेनी चाहिए।

अंतिम शब्द

अपनी मां के चिकित्सीय इतिहास को जानना आपके लिए तनावपूर्ण या चिंताजनक नहीं बनना चाहिए । न तो आपको निराशा का रवैया अपनाना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि अगर आपकी मां को कुछ है, तो आपको भी 100% यह होगा और ऐसा कुछ भी नहीं है जो आप इसे रोकने या खुद की मदद करने के लिए कर सकते हैं । इसके बजाय, आपको इस ज्ञान के साथ खुद को सशक्त बनाना चाहिए और कुछ जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए, अपने स्वास्थ्य को बारीकी से देखना चाहिए, नियमित परीक्षण कराने चाहिए, और एक व्यापक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेनी चाहिए।

एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का चयन करके, आप इन बीमारियों के कारण भविष्य में उच्च चिकित्सा लागतों से आर्थिक रूप से खुद को बचा रहे हैं, जिसका आपको उच्च जोखिम है,साथ ही अन्य बीमारियों के लिए भी यह सही होगा । एक व्यापक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी आपको बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, नेटवर्क अस्पतालों की एक विस्तृत श्रृंखला और मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच जैसे अन्य लाभ देता है।

जब आप अपने लिए एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेते हैं, तो अपने माता-पिता के लिए भी एक पालिसी लेना याद रखें। इस तरह, आप उनकी उम्र के साथ उनके स्वास्थ्य की आर्थिक देखभाल भी कर सकते हैं । ध्यान रखें कि उन्हें जिस तरह के कवरेज की जरूरत है, और आपको उनके लिए जो प्रीमियम देना होगा, वह आपकी सेहत बिमा पॉलिसी की तुलना में अलग होगा ।

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