वरिष्ठ नागरिकों का बीमा- क्या वाकई है जरूरत?

क्या आपको लगता है कि वरिष्ठ नागरिकों को रिटायरमेंट के बाद भी बीमा पर खर्च करना चाहिए? आपको इन बातों को ध्यान में रखने की जरूरत है।

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जब श्री वर्मा 35 वर्ष के थे, तब वो अपने निवेश और वित्तीय हालत को लेकर काफी जागरुक थे। उनके ऊपर पत्नी और बेटे की जिम्मेदारी थी। उन्होंने कई तरह की बीमा पॉलिसी ले रखी थीं, जिनमें जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा शामिल था। 

अब वर्तमान की बात करते हैं। 67 वर्ष की उम्र में श्री वर्मा रिटायरमेंट ले चुके हैं और दादाजी बन गए हैं। अब उनको चिंता सता रही है कि वो रिटायरमेंट में मिले पैसों का कैसे सही तरीके से इस्तेमाल करें। क्या उन्हें बीमा पॉलिसी लेनी चाहिए? या फिर पैसे को फिक्स्ड डिपॉजिट में रख दिया जाए? या फिर, उन्हें अपनी नातिन की पढ़ाई के लिए पैसों को निवेश करना चाहिए? श्री वर्मा के पास विकल्प काफी हैं, लेकिन वो अंतिम फैसला नहीं कर पा रहे हैं। 

आप भी सोच रहे होंगे कि क्या वरिष्ठ नागरिकों के लिए बीमा लेना सही फैसला होगा। चलिए, वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश के विकल्पों पर नजर डालते हैं। 

वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा
एक वरिष्ठ नागरिक, अपनी सेहत और पॉलिसी के लाभ के आधार पर, सालाना 20,000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के प्रीमियम के तौर पर खर्च करता है। ये काफी बड़ी राशि है। इसलिए, स्वास्थ्य बीमा लेने से पहले आप हर साल इलाज और स्वास्थ्य सेवा पर होने वाले खर्चे को आंक लें। 

हालांकि, इलाज का भारी खर्चा होने पर ही स्वास्थ्य बीमा लेना जरूरी नहीं है। उम्र बढ़ने के साथ आपको विशिष्ट चिकित्सा सेवा की जरूरत पड़ सकती है। आप किसी गंभीर बीमारी से भी ग्रस्त हो सकते हैं, जिसका इलाज काफी खर्चीला हो सकता है। एक उपयुक्त स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी इन स्थितियों आपकी वित्तीय मदद करेगी और इलाज के खर्चे को लेकर चिंतामुक्त रह सकते हैं। साथ ही, कुछ पॉलिसी के अंतर्गत नियमित स्वास्थ्य जांच शामिल होती है, जिससे आप अपनी सेहत पर नजर बनाए रख सकते हैं। 

मेहनत से कमाई पूंजी को निवेश करने के लिए दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं। इनमें ज्यादातर कम जोखिम वाले निवेश विकल्प हैं जिनमें निवेश पर उचित रिटर्न मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर निवेश विकल्प में से कुछ हैं: 

  • वरिष्ठ नागरिक बचत योजना
  • फिक्स्ड डिपॉजिट
  • डाक घर टर्म डिपॉजिट
  • राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र
  • मासिक आय योजना (म्युचुअल फंड्स की)

इसके अलावा एक और विकल्प है इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस)। हालांकि, बाकी विकल्पों के मुकाबले ईएलएसएस के साथ ज्यादा जोखिम जुड़ा होता है। 

अगर आपकी सेहत ठीक नहीं है और आपको बार-बार चिकित्सीय सेवा की जरूरत पड़ती है तो आपको व्यापक स्वास्थ्य बीमा लेना चाहिए जिसके तहत कैंसर, हृदय रोग जैसे मुख्य गंभीर बीमारियों का भी कवर शामिल हो। 

अगर आप अभी स्वस्थ हैं तब भी आकस्मिक स्वास्थ्य संकटों के लिए अभी से योजना बना लेना समझदारी होगी। क्या आपको पता है कि भारत में हर 33 सेंकेंड में दिल के दौरे से एक व्यक्ति की मौत होती है? और वायु प्रदूषण की वजह से हर मिनट दो भारतीय अपनी जान गंवाते हैं?

इन आंकड़ों को देखते हुए ये अहम हो जाता है कि आप आकस्मिक बीमारियों के लिए पहले से योजना बनाकर रखें, क्योंकि दुर्भाग्यपूर्ण घटना कभी भी हो सकती है। 

वहीं, अगर आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं और डाइअबीटिस या दिल की बीमारी जैसे रोगों से मुक्त हैं और आप स्वास्थ्य बीमा पर खर्च नहीं करना चाहते हैं, तो दूसरे वित्तीय उत्पादों में निवेश कर सकते हैं। 

हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि आपका निवेश स्वास्थ्य खर्च (आकस्मिक या भविष्य में होने वाली बीमारियों पर होने वाला खर्च) और वर्तमान और भविष्य के रोजमर्रा का खर्च को पूरा करने में सक्षम हो। 

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वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन बीमा
ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक रिटायरमेंट के वक्त अपना कर्ज चुका देते हैं। तब तक उनके बच्चे भी अपने रोजगार में स्थापित हो चुके होते हैं। तो आप सोच रहे होंगे कि क्या रिटायर्ड व्यक्ति को जीवन बीमा जारी रखने की जरूरत है। अगर आप भी इस सवाल का हल सोच रहे हैं तो आपको अपनी वित्तीय हालत पर ध्यान देना होगा। आपको जीवन बीमा पॉलिसी को जारी रखना चाहिए अगर: 

  • आप पर कर्ज है: चाहे घर या कारोबार का कर्ज बकाया है, तो आपको इसे चुकाने की जरूरत है। अगर आप जीवन बीमा पॉलिसी बंद कर देते हैं और आपकी मृत्यु हो जाती है, तब बकाया कर्ज चुकाने का बोझ आपके जीवनसाथी और बच्चों पर आ जाता है। 
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  • आप पर लोग निर्भर हैं: क्या अभी भी आपके माता-पिता आपके साथ रह रहे हैं? क्या अभी आप पर आपका जीवनसाथी या बच्चा वित्तीय तौर पर निर्भर है? ऐसे में आपको रिटायरमेंट के बाद भी जीवन बीमा पॉलिसी जारी रखनी चाहिए। 
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  • विरासत छोड़ कर जाएं: अगर आपके बच्चे हैं और आप उनके लिए विरासत छोड़ कर जाना चाहते हैं तो जीवन बीमा पॉलिसी लेना उपयुक्त है। ऐसा करने पर आपकी मृत्यु के बाद नॉमिनी को बड़ी राशि मिलेगी। लेकिन, अगर आपके बच्चे नहीं है या कोई दूसरा आपपर आश्रित नहीं है तो आपके लिए जीवन बीमा सही निवेश विकल्प नहीं होगा। 
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  • अगर आप पर इस तरह की जिम्मेदारियां नहीं हैं तो आप रिटायरमेंट के बाद जीवन बीमा पॉलिसी खत्म करने का विचार कर सकते हैं। 

वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्रा बीमा
वरिष्ठ नागरिकों के लिए यात्रा बीमा लेना बेहद जरूरी है। विदेश में स्वास्थ्य सेवाएं काफी महंगी हैं। अगर आप यात्रा बीमा लिए बिना विदेश जाते हैं और आपके इलाज की जरूरत पड़ती है तो आपकी बचत का काफी बड़ा हिस्सा खर्च हो जाएगा। इसलिए, सावधान रहें और बिना बीमे के यात्रा नहीं करें। 
संक्षेप में
इस लेख के जरिए आपको पता चल गया होगा कि सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और जीवन बीमा जरूरी नहीं है। हर व्यक्ति के मुताबिक जीवन और स्वास्थ्य बीमा की अहमियत बदलती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने वित्तीय सलाहकार से बीमा और निवेश विकल्पों की विस्तार से जानकारी प्राप्त करें। उसके बाद ही अपने लिए उपयुक्त विकल्प का चयन करें। 

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी उद्देश्य के लिए है और इसे निवेश, बीमा, कर या कानूनी सलाह के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। इन क्षेत्रों से संबंधित निर्णय लेने के पहले विशेषज्ञों से स्वतंत्र सलाह प्राप्त करें। 

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