IRDAI news: इरडा द्वारा बीमा कंपनियों को एकाउंट एग्रीगेटर के साथ जानकारी शेयर करने का दिशानिर्देश!

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण ने जारी किया नया सर्कुलर।

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण

IRDAI directs insurance companies to share information with account aggregators: बीमा कराने का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि बीमित सामान के साथ कोई दुर्घटना होने पर उससे हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई की जा सके। हर बीमा कवर की एक तय सीमा होती है। कोई भी व्यक्ति आर्थिक नुकसान से बचाव के लिए बीमा करा कर उसका लाभ उठा सकता है।

उदाहरण के लिए जीवन बीमा की बात करते हैं। यह बीमा करानेवाले ब्यक्ति की असमय मृत्यु हो जाने पर, नौकरी या व्यवसाय से उसके वारा अर्जित की जानेवाली आय के नुकसान की भरपाई करता है। बीमे के कवर की अधिकतम राशि व्यक्ति की आय के स्तर और बीमा के टर्म पर निर्भर करती है।

बीमा के कवर का मतलब किसी चीज को वापस करना या लाभ कमाना नहीं है बल्कि यह दुर्घटना के होने पर बीमित सामान या जीवन को हुए नुकसान की भरपाई करता है।

जब कोई बीमा लेने के लिए आवेदन करता है तो बीमा कंपनी उससे पहले के खरीदी गई सभी बीमा पॉलिसियों का विवरण देने के लिए कहती है। इसमें जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा या साधारण बीमा सभी का विवरण देने को कहा जाता है। इससे यह पता चल जाता है कि कहीं वह व्यक्ति कई कंपनियों से तो बीमा नहीं ले रहा है।

नई बीमा पॉलिसी लेने के समय भरे जाने वाले आवेदन पत्र में पहले कराये गये बीमे का विवरण देने के लिए एक कॉलम होता है। अधिकतर लोग इसे या तो अनावश्यक मानते हैं या समय बचाने के लिए इन विवरणों पर ध्यान नहीं देते हैं। बहुत से लोग जानबूझकर अपने पहले कराये गये बीमे या बीमों का विवरण नहीं देना चाहते हैं।

मगर, अब बीमे के विवरणों को अकाउंट एग्रीगेटर सिस्टम में शामिल करने से अब इससे जुड़ी जानकारी को छिपाना संभव नहीं हो पाएगा क्योंकि बीमे से संबंधित समस्त जानकारी डिजिटल रुप में एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण यानी इरडा ने 15 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में सभी बीमा कंपनियों को एकाउंट एग्रीगेटर के साथ जानकारी साझा करने के दिशानिर्देश दिए गए हैं।

फ्यूचर जनरली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष(कानूनी अनुपालन) और कंपनी सेक्रेटरी कंजीवाराम भारद्वाज ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक पहले ही सभी बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को भारतीय रिजर्व बैंक के पंजीकृत अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के दायरे में ला चुका है।  

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

डेटा संग्रहण और डेटा सुरक्षा के नियम

बीमा कंपनियों को अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के दायरे में शामिल किए जाने से वे वित्तीय जानकारी साझा कर सकती हैं, साथ ही इससे उन्हें ग्राहकों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में आसानी होती है। इससे जानकारियों को संग्रहित किया जा सकेगा और डेटा को भी डिजिटल रूप में साझा करना संभव हो जाएगा, जिससे कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ेगी।

डेटा साझा करने और प्राप्त करने वाली संस्थाएं डेटा को अकाउंट एग्रीगेटर्स सिस्टम के साथ एकीकृत करने के लिए एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस का उपयोग करेंगी। ग्राहक के सहमत होने पर ही उसकी वित्तीय जानकारी साझा की जाएगी। ग्राहक की वित्तीय जानकारी केवल सरकारी संस्थाओं के साथ ही साझा की जा सकेगी। भारतीय बीमा नियामक प्रधिकरण ने बीमा कंपनियों को अकाउंट एग्रीगेटर्स के साथ जानकारी साझा करते समय डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी सलाह दी है। इस उपायों से ग्राहकों का डेटा सुरक्षित रहेगा। इरडा के बीमा को डिजिटलाइज करने की परियोजना को स्वागत योग्य और मगार बताया गया है। 

यह भी पढ़ें: मार्केट में निफ़्टी ५० से रिटर्न कैसे पाए?

IRDAI Chairman Debasish Panda Guidelines

IRDAI directs insurance companies to share information with account aggregators: बीमा कराने का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि बीमित सामान के साथ कोई दुर्घटना होने पर उससे हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई की जा सके। हर बीमा कवर की एक तय सीमा होती है। कोई भी व्यक्ति आर्थिक नुकसान से बचाव के लिए बीमा करा कर उसका लाभ उठा सकता है।

उदाहरण के लिए जीवन बीमा की बात करते हैं। यह बीमा करानेवाले ब्यक्ति की असमय मृत्यु हो जाने पर, नौकरी या व्यवसाय से उसके वारा अर्जित की जानेवाली आय के नुकसान की भरपाई करता है। बीमे के कवर की अधिकतम राशि व्यक्ति की आय के स्तर और बीमा के टर्म पर निर्भर करती है।

बीमा के कवर का मतलब किसी चीज को वापस करना या लाभ कमाना नहीं है बल्कि यह दुर्घटना के होने पर बीमित सामान या जीवन को हुए नुकसान की भरपाई करता है।

जब कोई बीमा लेने के लिए आवेदन करता है तो बीमा कंपनी उससे पहले के खरीदी गई सभी बीमा पॉलिसियों का विवरण देने के लिए कहती है। इसमें जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा या साधारण बीमा सभी का विवरण देने को कहा जाता है। इससे यह पता चल जाता है कि कहीं वह व्यक्ति कई कंपनियों से तो बीमा नहीं ले रहा है।

नई बीमा पॉलिसी लेने के समय भरे जाने वाले आवेदन पत्र में पहले कराये गये बीमे का विवरण देने के लिए एक कॉलम होता है। अधिकतर लोग इसे या तो अनावश्यक मानते हैं या समय बचाने के लिए इन विवरणों पर ध्यान नहीं देते हैं। बहुत से लोग जानबूझकर अपने पहले कराये गये बीमे या बीमों का विवरण नहीं देना चाहते हैं।

मगर, अब बीमे के विवरणों को अकाउंट एग्रीगेटर सिस्टम में शामिल करने से अब इससे जुड़ी जानकारी को छिपाना संभव नहीं हो पाएगा क्योंकि बीमे से संबंधित समस्त जानकारी डिजिटल रुप में एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण यानी इरडा ने 15 नवंबर 2022 को जारी किए गए सर्कुलर में सभी बीमा कंपनियों को एकाउंट एग्रीगेटर के साथ जानकारी साझा करने के दिशानिर्देश दिए गए हैं।

फ्यूचर जनरली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष(कानूनी अनुपालन) और कंपनी सेक्रेटरी कंजीवाराम भारद्वाज ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक पहले ही सभी बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को भारतीय रिजर्व बैंक के पंजीकृत अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के दायरे में ला चुका है।  

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डेटा संग्रहण और डेटा सुरक्षा के नियम

बीमा कंपनियों को अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क के दायरे में शामिल किए जाने से वे वित्तीय जानकारी साझा कर सकती हैं, साथ ही इससे उन्हें ग्राहकों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में आसानी होती है। इससे जानकारियों को संग्रहित किया जा सकेगा और डेटा को भी डिजिटल रूप में साझा करना संभव हो जाएगा, जिससे कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ेगी।

डेटा साझा करने और प्राप्त करने वाली संस्थाएं डेटा को अकाउंट एग्रीगेटर्स सिस्टम के साथ एकीकृत करने के लिए एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस का उपयोग करेंगी। ग्राहक के सहमत होने पर ही उसकी वित्तीय जानकारी साझा की जाएगी। ग्राहक की वित्तीय जानकारी केवल सरकारी संस्थाओं के साथ ही साझा की जा सकेगी। भारतीय बीमा नियामक प्रधिकरण ने बीमा कंपनियों को अकाउंट एग्रीगेटर्स के साथ जानकारी साझा करते समय डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी सलाह दी है। इस उपायों से ग्राहकों का डेटा सुरक्षित रहेगा। इरडा के बीमा को डिजिटलाइज करने की परियोजना को स्वागत योग्य और मगार बताया गया है। 

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