नए बीमा नियमों में किए गए 6 महत्वपूर्ण परिवर्तन

नियम किसी भी उद्योग में वृद्धि और उसके भविष्य को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

6 Significant Changes Made To New Insurance Rules

नियम किसी भी उद्योग में वृद्धि और उसके भविष्य को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हाल ही में बीमा विनियमन एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने नियमावली-2016 (स्वास्थ्य बीमा) जारी की जिसने 2013 में निर्धारित नियमों को बदल दिया। इस नियमावली में किए गए छह बड़े परिवर्तन इस प्रकार हैं:

  • संयुक्त योजनाएं किसी भी जीवन (पहले केवल आवधिक योजनाएं थी) और स्वास्थ्य बीमा का मिश्रण हो सकता है।

  • लाभ योजनाओं में संचयी बोनस लागू है

  • स्वास्थ्य लाभ

  • बीमाकर्ताओं को अग्रणी उत्पाद लान्च करने के लिए कहा गया है।

  • मानक घोषणा प्रारूप लचीला हो सकता है और बीमाकर्ता उन्हें स्वयं डिजाइन कर सकते हैं।

  • जीवन बीमाकर्ता तुरंत आधार पर उत्पादों को प्रदान नहीं कर सकते

आइए उनमें से प्रत्येक को विस्तार से समझें:

संयुक्त प्लान किसी भी जीवन बीमा (पहले केवल आवधिक योजना) योजना और स्वास्थ्य योजना

दिसम्बर 2009, आईआरडीएआई

दिसम्बर 2009 में आईआरडीएआई ने संयुक्त जीवन बीमा योजनाओं के लिए निर्देश जारी किए जो एक जीवन बीमा और गैर-जीवन बीमा (या एक विशिष्ट स्वास्थ्य) बीमा के लिए निर्देश जारी किए ताकि इस प्रकार की योजनाओं के लिए समझौता किया जा सके। हाल ही में इंडिया फस्र्ट लाइफ ने स्टार हेल्थ इन्शोरेंस के सहयोग से स्टार फस्र्ट कोम्बी प्लान की शुरूआत की-जो कि हेल्थ और जीवन बीमा योजनाओं का मिश्रण है।

यह एक जीवन बीमा और सावधि योजनाओं का विशुद्ध मिश्रण है। अब एक कोम्बी प्लान को जीवन (एंडोमेंट, मनी बैक या युलिप) और स्वास्थ्य बीमा का एक हाईब्रिड रूप कहा जा सकता है। इंडिया फस्र्ट लाइफ इन्शोरेंस की आरएम, महानिदेशक एवं सीईओ विशाखा बताती हैं, ”ग्राहकों के पास संयुक्त उत्पाद लाभ और अद्वितीय आसानी उपलब्ध है जिसके लिए दो अलग अलग योजनाओं को एक सिंगल पोलिसी को व्यवस्थित करना होता है, जबकि एजेंट को अपने ग्राहकों को पूरा पैकेज प्रदान करने पर संतुष्टि मिलती है।“

लाभ योजनाओं में संचयी बोनस लागू है

वर्तमान में संचयी बोनस निर्धारित लाभ योजनाओं में लागू नहीं है जैसे एक गंभीर बीमारी के लिए योजनाएं। इसके अलावा इसे विवरणिका और पोलिसी दस्तावेज में प्रदान किया गया है और स्पष्ट रूप से समझाया गया है। संचयी बोनस के जुड़ने से बीमित धन एक समय की अवधि के बाद बढ़ जाता है और भविष्य में उपचार के लिए अधिक खर्च को पूरा करने में सहायता करता है। लेकिन क्या गंभीर बीमारी योजनाओं में भी इसके अनुसार लाभ में बढोतरी होगी? मैक्स बुपा हेल्थ इन्शोरेंस के एमडी एवं सीईओ आशिश मेहरोत्रा बताते हैं, ”इससे सालों के बाद ग्राहकों को उनकी बीमित राशि को बढाने में सहायता मिलेगी और उससे संबंधित प्रिमीयम में अच्छी खासी बढोतरी होगी।“

लेकिन अगर किसी विशिष्ट वर्ष के दौरान दावा किया जाता है तो उसी के अनुसार संचयी बोनस कम कर दिया जाएगा। प्रत्येक दावा रहित वर्ष के लिए बीमित राशि कुछ प्रतिशत तक बढ जाती है, जैसे 10 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक। यह अतिरिक्त बढोतरी संचयी बोनस है जो पोलिसी में जुड़ता है।

स्वास्थ्य लाभ

स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम आयु और बीमित राशि पर और उसके बाद स्वास्थ्य के रखरखाव और स्वस्थ आदतों पर निर्भर हैं। पोलिसी धारकों को जल्दी प्रवेश करने और निरंतर रिन्यू करने के निर्देश पहले से ही आईआरडीएआई ने अपनी नियमावली 2013 में दिए थे। स्वस्थ जीवन को प्रोत्साहन देने के लिए हाल ही के नियम विवरणिकाओं और पोलिसी दस्तावेजों में इस प्रकार की विधियों या प्रोत्साहनों को प्रस्तुत करके रोकथाम एवं स्वास्थय संबंधी आदतों के आधार पर पोलिसी धारकों को लाभ देने पर बल देते हैं। मेहरोत्रा बताते हैं, ”इस प्रकार के लाभ उनके स्वास्थ्य की निगरानी करके और उसमें सुधार करके ग्राहकों की सहायता कर सकते हैं। दूसरी ओर बीमाकर्ताओं को इसकी पहचान होती है और रिन्युअल प्रिमीयम पर छूट प्रदान करता है।“

लेकिन किसी भी तीसरे पक्ष की सेवा या उत्पाद पर कोई छूट प्रदान नहीं की जाएगी। उदाहरण के लिए बीमाकर्ता केवल इसलिए हेल्थ क्लब की सदस्यता पर छूट प्रदान नहीं कर सकता क्योंकि उनका क्लब के साथ समझौता है। इसकी बजाय प्रिमीयम पर छूट या निदान या फार्मास्युटिकल्स या नेटवर्क में शामिल प्रदाता की परामर्श सेवाओं पर छूट लागू होगी।  

बीमाकर्ता को पायलट उत्पादों को लान्च करने के लिए कहा गया है

यह नया प्रोत्साहन बीमा उद्योग में एक नया परिवर्तन शुरू कर सकता है। आईआरडीएआई ने बीमाकर्ताओं को ‘पायलट उत्पाद’ लांन्च करके परीक्षण करने की अनुमति दी है। एक वर्ष की पोलिसी अवधि के साथ बंद उत्पाद केवल सामान्य या स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं द्वारा शुरू में पहले पांच वर्ष के लिए प्रदान किए जाएंगे। उत्पाद को नियमित रूप से आगे बढाया जा सकता है। इसका उद्देश्य है उन जोखिमों को शामिल करना जो पहले बीमाकर्ता द्वारा शामिल नहीं किए गए थे। लेकिन इस प्रकार के प्रयोग पोलिसी धारकों के लिए हानिकारक नहीं होने चाहिए। मेहरोत्रा कहते हैं, ”बीमाकर्ता के पास 5 वर्ष के बाद उत्पाद को जारी रखने या बंद करने की स्वतंत्रता है, जबकि नियंत्रक ने एक बीमाकर्ता के वर्तमान उत्पाद के साथ पायलट उत्पाद को आधारित करने के लिए बीमा कम्पनियों को बाध्य करके ग्राहकों के हितों की सुरक्षा की है। यह ग्राहकों को निरंतर लाभ प्रदान करेगा और साथ ही बीमाकर्ता को अधिक और नए उत्पादों का परीक्षण करने के लिए उत्साहित करेगा।“

प्रस्ताव प्रपत्र लचीला हो सकता है और बीमाकर्ता स्वतंत्र रूप से उन्हें डिजाइन कर सकते हैं।

जीवन बीमा, सामान्य और स्वास्थ्य बीमा सहित सभी बीमा कम्पनियों के पास अब अपने स्वयं के प्रस्ताव प्रपत्र हो सकते हैं जिनमें अलग अलग मानदण्ड संबंधी घोषणाएं हो सकती हैं। लेकिन नियम तीसरे पक्षों के साथ सूचना को प्रदान करने के लिए संभावित खरीदादर की किसी भी स्पष्ट या अस्पष्ट सहमति को सख्ती से प्रतिबंधित करते हैं।

जीवन बीमाकर्ताओं को क्षतिपूर्ति आधारित उत्पादों को पेश करने की अनुमति नहीं है

अब से जीवन बीमाकर्ताओं को क्षतिपूर्ति उत्पाद पेश करने की अनुमति नहीं है। लेकिन वर्तमान पोलिसी धारकों के लिए पोलिसी संबंधित पोलिसी के समाप्त होने लागू रहेगी। लेकिन क्या उनके दावे का अनुभव प्रभावित नहीं होगा अगर पोलिसियों को बेचा नहीं जा सकेगा? विशाखा का कहना है, ”बीमांकिक अनुमानों में कुछ करकों को ध्यान में रखा जाता है, जिनमें उत्पाद की निरंतरता और बिजने के मूल्य को शामिल किया जाता है। एक समझदार बीमा कम्पनी के रूप में हम संभावित दावों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रिजर्व रखते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वर्तमान पोलिसी धारकों की सेवा और दावों की प्रक्रिया पर विपरित प्रभाव न पड़े।“

क्षतिपूर्ति योजनाएं स्वास्थ्य बीमा योजनाएं हैं जैसे चिकित्सा

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