5 संकेत एजेंट आपसे झूठ बोल रहा है (अगर हां तो क्या करें)

सभी बीमा पॉलिसी हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध होती है (अंडरराइटिंग निर्णयों के अधीन)। कोई विशिष्ट पॉलिसी नहीं होती है, तो फिर अगर आपसे कहा जाए कि आपको वरीयता दी जा रही है, तो इस बात पर आंख बंद करके भरोसा न करें।

Signs your agent is lying

काफी वक्त से बीमा पॉलिसी की मिस-सेलिंग और अपनिर्वचन निवेशकों और बीमा कंपनियों के लिए बड़ी मुश्किल बनी हुई है और इस वजह से निवेशक बीमा कंपनियों से पॉलिसी खरीदने से घबराने लगे हैं।

निवेशकों के हित को सुरक्षित करने के लिए कई कदम उठाए जा चुके हैं और इसी दिशा में राज्यसभा ने बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2015 को पारित किया था, जिसके तहत एजेंट द्वारा मिस-सेलिंग के लिए बीमा कंपनियों को जवाबदेह माना गया है। विधेयक के तहत कानून का उल्लंघन करने पर, जिसमें मिस-सेलिंग और अपनिर्वचन शामिल है, बीमा कंपनियों पर 1 करोड़ रुपये से लेकर 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

चाहे बीमा कंपनियों की जवाबदेही बढ़ने के साथ केवीऐट एम्प्टॉर (क्रेता सावधान) के दिन खत्म हो गए हों, लेकिन चालबाजों से बचने के तरीके सीखना अब भी जरूरी है। हम आपको ऐसे 5 वाक्यों के बारे में बताएंगे, जिन्हें सुनकर आपको सावधान हो जाना चाहिए और पॉलिसी खरीदने के फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए।

  • ये छोटी अवधि का जीवन बीमा प्लान है।”

जीवन बीमा लंबी अवधि की प्रतिबद्धता है, जिसके लंबी अवधि में फायदे मिलते हैं। अगर आपको कोई व्यक्ति कहे कि बीमा छोटी अवधि का प्लान या फिर जल्दी कमाई करने का साधन है तो सतर्क हो जाएं कि ये झूठ है।

  • सिर्फ इस दस्तावेज पर दस्तखत कर दें। मैं आपका फॉर्म बाद में भर दूंगा।”

सलाहकार को बिना पढ़े दस्तखत करके फॉर्म देना खाली चेक देने के बराबर है। अगर आपका सलाहकार बार-बार आपको जानकारी भरने की ‘परेशानी’ से बचाने पर जोर दे रहा है तो आप सावधान हो जाएं। बेहतर है कि आप खुद बीमा फॉर्म भरें ताकि आप सही जानकारी दे पाएंगे और साथ ही आपको पता रहेगा कि आपने किन शर्तों पर सहमति के दस्तखत किए हैं।

  • ये पॉलिसी खास है और सबके लिए उपलब्ध नहीं है।

सभी बीमा पॉलिसी हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध होती है (अंडरराइटिंग निर्णयों के अधीन)। कोई विशिष्ट पॉलिसी नहीं होती है, तो फिर अगर आपसे कहा जाए कि आपको वरीयता दी जा रही है, तो इस बात पर आंख बंद करके भरोसा न करें। पता करें कि क्यों आपको वरीयता दी जा रही है और जब तक आपको पूरा भरोसा न हो तब तक पॉलिसी न लें।

  • मैंने आपके लिए गणना कर ली है।

बीमा कंपनियों के एंडाउमंट और यूलिप पॉलिसी के अपेक्षित रिटर्न के अपने स्टैंडर्ड इलस्ट्रैशन होते हैं। अगर एजेंट आपको हाथ से लिखे या लिफाफे के पीछे की गणना दिखाता है तो एजेंट से कंपनी के इलस्ट्रैशन की मांग करें। चाहे एजेंट द्वारा की गई गणना ज्यादा व्यक्तिगत लगती हो, लेकिन ये गलत और भ्रामक हो सकती है, जिसे आपको काफी नुकसान पहुंच सकता है।

  • नहीं, कोई फोन कॉल नहीं आएगा।

आमतौर पर जीवन बीमा कंपनियां पॉलिसीधारकों को फोन के जरिए पॉलिसी की शर्तें समझाती हैं और पता करती हैं कि क्या पॉलिसीधारक अपनी खरीदारी से संतुष्ट है। इसके साथ ही फोन कॉल वेरिफिकेशन के एक से दो चरण होते हैं। अगर आपको बीमा कंपनी से नियमित फोन कॉल नहीं आ रहे हैं, तो संभव है कि आपकी पॉलिसी अधिकृत नहीं है।

मिस-सेलिंग का आप पर और आपके परिवार की वित्तीय हालत पर लंबी अवधि में असर पड़ सकता है। बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले पूरी जानकारी हासिल कर लें, चाहे इंटरनेट के जरिए या फिर विश्वसनीय परिवारजन या मित्रों से बातचीत करके। पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन बीमा पॉलिसी खरीदें और शर्तों और नियमों के गूढ़ अर्थ को समझें।

 

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