नौसिखियों के लिए पूर्ण कालिक जीवन बीमा

पूर्ण कालिक जीवन बीमा में बीमा लाभ केवल तय समय के लिए ही नहीं होता। बल्कि पॉलिसी लेने वाले की उम्र भर तक उसका फायदा मिलता है।

Detailed Life Insurance Guide For Beginners Hindi

किसी परिवार की अच्छी फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए जीवन बीमा एक स्तंभ की तरह होता है। अक्सर परिवारों में ये भ्रम की स्थिति रहती है कि तय मियाद वाली पॉलिसी ली जाए। या फिर बाजार में मिलने वाली पूर्ण कालिक जीवन बीमा की पॉलिसी ली जाए। आज इस भ्रांति को दूर करते हैं और समझते हैं कि इन योजनाओं में क्या फर्क होता है। और आपके लिए कौन सी पॉलिसी सबसे उपयुक्त है।

पूर्ण कालिक जीवन बीमा क्या होता है?

तय मियाद वाली पॉलिसी में कुछ बरसों तक ही जब तक पॉलिसी सक्रिय है तब तक बीमा का लाभ मिलता है। बीमे की मियाद पूरी होने के बाद कवर खत्म हो जाता है। बीमा कंपनी किसी भी तरह का मैच्योरिटी बेनिफिट नहीं देती है। हालांकि, ये टर्म इंश्योरेंस प्लान विद रिटर्न ऑफ प्रीमियम पर लागू नहीं है।

जबकि पूर्व कालिक जीवन बीमा पॉलिसी की कोई तय मियाद नहीं होती। प्लान 100 साल या पॉलिसी होल्डर की पूरी ज़िंदगी तक चलता रहता है। इसमें मैच्योरिटी बेनिफिट एक तय उम्र पर मिल जाती है। लेकिन कवर पॉलिसीधारक के ज़िंदा रहने तक चलता रहता है। मान लीजिए कि किसी पॉलिसहोल्डर को मैच्योरिटी बेनिफिट 80 साल की उम्र में मिले और वो 90 साल तक ज़िंदा रहे तो 90 साल की उम्र तक कवर चालू रहता है। पॉलिसीहोल्डर की मौत के बाद उसकी ओर से नामांकित व्यक्ति को डेथ बेनिफिट मिलता है। जबकि पॉलिसीहोल्डर की पूरी ज़िंदगी तक पॉलिसी की प्रीमियम समान रहती है।

<!--/* * * Revive Adserver Asynchronous JS Tag * - Generated with Revive Adserver v4.0.0 * */-->

  [removed][removed]

सस्ते और कोई मैच्योरिटी बेनिफिट न देने वाले मियादी बीमा प्लान ( टर्म इंश्योरेंस) की तुलना में पूर्ण कालिक जीवन बीमा वाली पॉलिसी में निवेश का भी एक हिस्सा होता है, जो बचत के तौर पर काम आता है। हर साल बीमा कंपनी बोनस की एक दर का ऐलान करती है, साथ ही साथ पॉलिसी में समय के साथ एक कैश वैल्यू भी इकट्ठा होता रहता है, जो कि मियाद से पहले पॉलिसी को सरेंडर करने या फिर पैसों की बहुत ज़रूरत पड़ने पर पॉलिसी के बदले लोन लेने पर काम आता है।

संबंधित: बीमा पॉलिसी खरीदते समय अक्सर होने वाली गलतियां( वीडियो)

अलग अलग किस्म की पूर्ण कालिक जीवन बीमा पॉलिसी

देश की लगभग सभी बीमा कंपनियां अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में पूर्ण कालिक जीवन बीमा वाली पॉलिसी मुहैया कराती हैं। हालांकि ज्यादातर में मामूली अंतर ही रहता है, खास तौर पर निम्नलिखित पैमानों को लेकर:

प्रीमियम अदा करने के विकल्प: प्रीमियम अदा करने के अलग अलग विकल्प होते हैं। जैसे सिंगल (एकल)  प्रीमियम, सीमित समय तक प्रीमियम या फिर पूरी ज़िंदगी तक प्रीमियम अदा करने का विकल्प।

मैच्योरिटी बेनिफिट: निजी बीमा कंपनियों की ओर से जारी कुछ पॉलिसी में एक तय साल के बाद या फिर पॉलिसीहोल्डर के एक तय उम्र पार कर लेने के बाद पैसा मिलना शुरू हो जाता है।

संबंधित: 6 अहम पहलू जिनके आधार पर जीवन बीमा की प्रीमियम तय होती है

पूर्ण कालिक जीवन बीमा के अनेकों फायदे होते हैं:

-एक प्लान लेने से ही मानसिक शांति पक्की हो जाती है, क्योंकि पॉलिसी अपने नाम के मुताबिक आपको पूरी जिंदगी तक सुरक्षा देती है।

-प्रीमियम की अदायगी भी ज़िंदगी भर समान ही रहती है

-ऐसे प्लान में से एक हिस्सा बचत के लिए भी जाता है

-आपके परिजनों को विरासत में देने के लिए पैसे भी जुटते हैं

-ज़रूरत के मुताबिक  कवर बनाने के लिए राइडर्स भी मुहैया

-पॉलिसी पर अदा प्रीमियम पर 80सी के तहत टैक्स में भी छूट

-ज्यादातर पूर्ण कालिक जीवन बीमा पॉलिसी में भविष्य की वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए लोन की सुविधा होती है। साथ ही आंशिक तौर पर रकम निकासी की भी सहूलियत होती है।

किन लोगों के लिए पूर्ण कालिक जीवन बीमा पॉलिसी उपयुक्त है?

-जिन लोगों ने अपने रिटायरमेंट के लिए निवेश किया है और अब निवेश का अन्य ज़रिया खोज रहे हैं।

-जो लोग अपने एक या उससे अधिक उत्तारिधिकारियों के लिए विरासत में बड़ी रकम छोड़ना चाहते हैं।

-जो कम उम्र में पॉलिसी लेना चाहते हैं ताकि वो ज़िंदगी भर के लिए कम प्रीमियम का फायदा उठा सकें।

संभावित खामियां

-ऐसे प्लान में बीमा और निवेश दोनों की सुविधा मिलती है, जिससे अगली पीढ़ी के  लिए लोग विरासत में रकम इकट्ठा कर सकें। लेकिन कुछ लोगों का ये भी दलील देंगे कि बीमा और निवेश दोनों के लिए एक ही प्रोडक्ट अच्छा नहीं होता।

-आमतौर पर लोगों को रिटायरमेंट के बाद जीवन बीमा कवर की ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि उन पर निर्भर उत्तराधिकारी खुद की देखभाल करने में सक्षम होते हैं। ऐसे में प्रीमियम का जो हिस्सा बीमा के लिए जाता है वो बहुत से निवेशकों के लिए उपयोगी नहीं होता।

पूर्ण कालिक जीवन बीमा प्लान में टर्म राइडर का सिद्धांत

पूर्ण कालिक जीवन बीमा प्लान में आप चाहें तो प्रीमियम में निवेश वाले हिस्से को घटाकर इसे सस्ता बना सकते हैं, केवल उतना ही प्रीमियम चालू रख सकते हैं जो कवर के लिए ज़रूरी हो। इसके लिए आपको पूर्ण कालिक जीवन बीमा प्लान में टर्म राइडर का विकल्प चुनना होगा, जिसमें टर्म राइडर के लिए अदा किया गया प्रीमियम वापस नहीं मिलेगा लेकिन निवेश में गया प्रीमियम का बचा हुआ हिस्सा निकाला जा सकता है और अगर इस पर बोनस की रकम भी इकट्ठा हुई हो तो वो भी वापस मिलती है। इस तरह आप बीमे की निश्चिचित रकम ( सम अश्योर्ड) के साथ साथ अपनी नियमित बचत को भी जारी रख सकते हैं। क्योंकि आप निवेश के हिस्से की रकम को निकालने के साथ और सम अश्योर्ड के लिए कम प्रीमियम में पॉलिसी जारी रख सकते हैं।

निष्कर्ष

पूर्ण कालिक जीवन बीमा ऐसे ढेरों विकल्पों में से एक है जिसका चुनाव कर आप अपने परिवार को जीवन की अनिश्चितताओं से बचा सकते हैं। लेकिन प्लान खरीदने से पहले इस क्विज़ (पहेली) को ज़रूर आज़माइए ताकि पता चल सके कि आप कितने तैयार हैं।

क्विज़: क्या आप अपने बीमा एजेंट के मुकाबले ज्यादा होशियार हैं?

संबंधित लेख

Most Shared

5 Ways RBI has made e-wallet safer for users

5 RBI steps that have made e-wallet more customer friendly