जीवन बीमा- महत्व, लाभ एवं प्रकार

जीवन बीमा किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में आपके परिवार की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यह एक कर मुक्त आय है जिसके अनेक लाभ हैं।

जीवन बीमा- महत्व, लाभ एवं प्रकार

जीवन बीमा इंसानों के जीवन की अस्थिरता, विकलांगता, रिटायरमेंट आदि स्थितियों के लिए एक वित्तीय सुरक्षा कवर है। चुने गए बीमा के आधार पर हम मासिक/वार्षिक रूप से बीमा कंपनी को प्रीमियम चुकाते हैं और किसी भी अप्रत्याशित हादसे की स्थिति में वह कंपनी हमें या हमारे द्वारा चुने गए नॉमिनी को पहले से सुनिश्चित की गई राशि देती है।

आपके और आपके परिवार के लिए जीवन बीमा का महत्व:

जीवन बीमा का प्राथमिक उद्देश्य आपकी गैर-मौजूदगी में आपके परिवार की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद करना होता है। किसी भी हादसे की स्थिति में आपके जीवनसाथी, बच्चे, बूढ़े मां-बाप आपके जीवन बीमा से प्राप्त राशि से घर और जीवनयापन के अन्य खर्चों का वहन कर सकेंगे।

जीवन बीमा आपकी विकलांगता की स्थिति में भी आपको सुनिश्चित राशि प्रदान करता है ताकि आप और आपके परिवार को आय की कमी की वजह से वित्तीय परेशानियां नहीं झेलनी पड़े।

जीवन बीमा के लाभ:

1) आपके ऋणों के प्रबंधन के लिए:

किसी भी मुश्किल घड़ी में आप नहीं चाहेंगे कि आपका परिवार वित्तीय परेशानियों का सामना करे। इसलिए आपकी कोई भी व्यक्तिगत ऋण, चाहे वो गृह ऋण, कार ऋण, व्यक्तिगत ऋण, क्रेडिट कार्ड ऋण आदि हो, बीमा कंपनी से प्राप्त राशि से आपका परिवार इन सभी देनदारियों को पूरा करके अपनी जरूरतों को पूरा करते हुए जीवन यापन कर सकता है।

2) दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए:

एक जीवन बीमा पॉलिसी दीर्घकालिक निवेश है जो आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकती है। कुछ योजनाओं के पैसे से आप घर खरीद सकते हैं या अपने रिटायरमेंट की योजना बना सकते हैं या अपने बच्चों की शिक्षा की योजना बना सकते हैं। अपने लक्ष्यों और जरूरतों के अनुसार ही आपको बीमा के प्रकार का चुनाव करना होगा और इसका प्रीमियम निर्धारित करना होगा। 

3) व्यवसाय के प्रबंधन के लिए:

कुछ बीमा पॉलिसियां केवल आपके परिवार का ही नहीं, अपितु आपके व्यापार का भी ख्याल रखती हैं। यदि आपका व्यापार साझेदारी में है, तो आपकी मृत्यु की स्थिति में आपका पार्टनर 'खरीदी एवं बिक्री' के अनुबंध में आ जाता है। इससे वह व्यापार में आपके हिस्से को खरीद सकता है और बिक्री की राशि, पॉलिसीधारक के नॉमिनी को दी जाती है। हालांकि, नॉमिनी को कंपनी के कोई शेयर नहीं दिए जाते हैं।

4) आपके रिटायरमेंट लक्ष्यों के पूरक के रूप में:

हम में से कौन नहीं चाहेगा कि हमारे रिटायरमेंट के लिए की गई बचत, हमारे जीवन के आखिरी दिन तक खत्म नहीं हो। सही जीवन बीमा उत्पाद का चुनाव करके आप हर माह उसमें कुछ पैसे निवेश कर सकते हैं, जो आपके रिटायरमेंट के बाद आपको हर माह निश्चित आय के रूप में मिलती रहेगी।

5) कर बचत लाभ के लिए:

हर बीमा पॉलिसी में कर बचत का प्रावधान होता है। किसी भी बीमा पॉलिसी में चुकाया गया प्रीमियम धारा 80C के अंतर्गत, साल में अधिकतम ₹1.5 लाख तक कर छूट के लिए पात्र होगा। मृत्यु/विकलांगता की स्थिति में, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(D) के अंतर्गत प्राप्त राशि भी कर-मुक्त होगी।

6) मन की शांति के लिए:

मृत्यु अपरिहार्य है। किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में आप कम से कम अपने परिवार के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करके मन की शांति पा सकते हैं। ये पॉलिसियां उन्हें मुश्किल परिस्थितयों से उबरने में मदद करेंगी। 

जीवन बीमा के प्रकार:

जीवन बीमा पॉलिसियां मुख्यतः 6 प्रकार की होती हैं :

1) टर्म जीवन बीमा: यह जीवन बीमा आपको एक पूर्व-निर्धारित टर्म(अवधि) के लिए कवरेज प्रदान करता है। यदि आपके चुने गए टर्म के भीतर आपकी मृत्यु हो जाती है तो आपके नॉमिनी को पूर्व-निर्धारित राशि एकमुश्त /मासिक/वार्षिकी के रूप में प्रदान की जाती है। यदि उस अवधि में आप सुरक्षित रहते हैं तो पॉलिसी की मैच्युरिटी पर आपको कोई लाभ नहीं दिया जाता है। अन्य पॉलिसियों के मुकाबले इसका प्रीमियम कम है और यह अधिक किफायती है, इसलिए यह अधिक लोकप्रिय पॉलिसी मानी जाती है।

2) सम्पूर्ण जीवन बीमा:

इस पॉलिसी के अंतर्गत, आपको जीवन भर के लिए कवर किया जाता है। पॉलिसीधारक को इस पॉलिसी में उत्तरजीविता लाभ भी मिलता है। इसमें पॉलिसीधारक कुछ समय के बाद, जमा राशि का कुछ हिस्सा निकाल सकता है।

3) एंडोमेंट पॉलिसी:

यह पॉलिसी टर्म पॉलिसी की ही तरह होती है, परन्तु इसमें मैच्युरिटी पर अतिरिक्त लाभ मिलता है। इस पॉलिसी में यदि एक निश्चित टर्म के अंदर पॉलिसीधारक सकुशल रहता है तो मैच्युरिटी पर वह लाभ के साथ एकमुश्त राशि प्राप्त करता है। यदि उस अवधि में पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी को वह राशि मिलती है।

4) यूनिट लिंक्ड जीवन बीमा (यूलिप):

यूलिप निवेश और सुरक्षा का एक मिश्रण प्रदान करता है। इस पॉलिसी के अंतर्गत आपके द्वारा भुगतान किये गए प्रीमियम को आपकी इच्छानुसार डेट और इक्विटी फंड में विभाजित करके निवेश किया जाता है। पॉलिसी अवधि के अंदर आप फंड में कुछ शुल्क अदा करके फेर-बदल भी कर सकते हैं।

5) मनी-बैक पॉलिसी: इसमें पॉलिसी अवधि के दौरान समय-समय पर पॉलिसीधारक को एक निश्चित राशि प्राप्त होती है। टर्म अवधि खत्म होने के बाद, पॉलिसीधारक को शेष राशि मैच्युरिटी मूल्य के तौर पर दी जाती है।

6) एन्युटी (वार्षिकी) बीमा योजना: इस पॉलिसी के तहत जमा की गई राशि को एसेट की तरह संचित किया जाता है जो पॉलिसीधारक को एकमुश्त रूप में या एन्युटी के रूप में दी जाती है।

निष्कर्ष:जीवन बीमा पॉलिसी को अपनी क्षमतानुसार और आवश्यकतानुसार चुनें। इससे संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। जितनी जल्दी आप बीमा पॉलिसी शुरू करेंगे, प्रीमियम उतना कम होगा। इसलिए देरी ना करें, आज ही अपने परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए एक बीमा पॉलिसी खरीदें।

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