संपत्ति निर्माण या जीवन बीमा: क्या ज़्यादा ज़रूरी है?

संपत्ति निर्माण या बीमा, इस दुविधा का समाधान यही है कि एक व्यक्ति के लिए दोनों ज़रूरी हैं। यहां जाने ऐसा क्यों है।

जीवन बीमा आपकी वित्तीय योजना का हिस्सा क्यों होना चाहिए

संपत्ति या बीमा की बहस इतनी उलझी हुई नहीं है। इस दुविधा का सीधा सा जवाब है कि व्यक्ति के लिए दोनों ही ज़रूरी हैं। जीवन बीमा सेटलमेंट व्यापार के ‘जनक’ माने जाने वाले विलियम स्कॉट पेज ने एक लेख में लिखा था, कि बहुत अमीर लोग भी अपने आश्रितों की सुरक्षा और वित्तीय साधन के रूप में जीवन बीमा के महत्व को मानते हैं।

संपत्ति की ज़रूरत

पेज संपत्ति की बात नहीं करते हैं क्योंकि शायद उन्होंने जिन लोगों का उदाहरण दिया वे पहले से ही अमीर हैं। लेकिन हम अमेरिका में रहने वाले वित्तीय सलाहकार रमित सेठी की बात पर गौर कर सकते हैं। भारतीय अप्रवासी परिवार में पैदा हुए सेठी  2009 में आई उनकी बेस्टसेलर किताब आई विल टीच टू बी रिच और अपने ब्लॉग के कारण पहचाने जाते हैं।
 

अपने एक ब्लॉग में रमित बताते हैं कि एक व्यक्ति होने के नाते उन्हें संपत्ति की जरूरत क्यों है, रमित कहते हैं: “एक वाक्य में कहूं तो, मैं कभी पैसे के कारण गलत निर्णय नहीं लेना चाहता (उदाहरण के लिए, मैं किसी नौकरी में बना रहूँ जिसे मैं पसंद नहीं करता क्योंकि मुझे अपनी कार का पैसा चुकाना है)।” सेठी कहना चाह रहे हैं कि संपत्ति के कारण उन्हें अपनी शर्तों पर जीने की आज़ादी मिलती है।सेठी लंबी अवधि के लक्ष्यों के बारे में बताते हैं जिन्हें वे अपनी संपत्ति के कारण पूरा कर पाएंगें- इसमें अच्छे लक्ष्य (उनके माता-पिता बिना काम किए बेहतर रिटायर्ड ज़िंदगी जी पाएं) से लेकर थोड़ा स्वार्थी लक्ष्य (वे खुद एक आरामदायक और रंगीन ज़िंदगी जी पाएं) शामिल हैं। फिर वे अपने पाठकों से पूछते हैं कि वे अमीर क्यों बनना चाहते हैं: एक शानदार जीवन जीने के लिए, खूब घूमने के लिए, बढ़िया रेस्टोरेंट्स में खाने के लिए, व्यापार शुरू करने के लिए - अमीर बनने का इनमें से कोई भी कारण हो सकता है।सेठी अपने पाठकों से कहते हैं, “मुझे लगता है कि आप अमीर क्यों बनना चाहते हैं इस बारे में सोच विचार करने की ज़रूरत है।” “अगर आप इस पर विचार नहीं करेंगे तो बिना समझे कि आपको यह क्यों चाहिए, आप पैसा कमाने की दौड़ में लगे रहेंगे।”
 
 

यही वित्तीय योजना का सार है: लक्ष्य बनाओ; एक बार लक्ष्य मिल जाए तो आप समझ पाएंगे कि संपत्ति बनाना इतना ज़रूरी क्यों है।

जीवन बीमा की ज़रूरत

अगर संपत्ति बनाना किसी वित्तीय योजना का मूल उद्देश्य है तो जीवन बीमा इसका प्रमुख हिस्सा है।

संपत्ति निर्माण या जीवन बीमा: क्या ज़्यादा ज़रूरी है?


जीवन बीमा से यह सुनिश्चित होता है कि मुश्किल समय में भी आपको  नियमित अंतराल से पैसा मिलता रहेगा। संपत्ति का भी तो यही मतलब होता है। 

हालाँकि,  संपत्ति निर्माण एक प्रक्रिया है जिसे पूरा करने में लंबा समय लगता है। दुर्भाग्य से अचानक कुछ ना कुछ ऐसा हो जाता है जिससे पूरे परिवार की वित्तीय सुरक्षा पर संकट खड़ा हो जाता है, ऐसे समय में बीमा बहुत काम आता है। दिल्ली की एक गृहणी रानी डे अपना अनुभव बताती हैं - उनके पति एक मामूली नौकरी करते थे, एक रात सोते हुए उनको स्ट्रोक पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। उस समय पति की उम्र 45 वर्ष थी। दो बच्चों की मां के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया। लेकिन  पति के जीवन बीमा के पैसे से उन्हें सहारा मिला और वे फिर से अपनी ज़िंदगी शुरू कर पाई।  

 आखिरी बात

पुराने प्रश्न पर ही वापस आते हैं: संपत्ति या सुरक्षा? जीवन बीमा सेटलमेंट के विशेषज्ञ पेज की बात सुनते हैं। वे कहते हैं कि उनके ऐसे ग्राहक जो अपना जीवन जीने के लिए हर महीने की तनख्वाह पर निर्भर नहीं है वे भी जीवन बीमा लेते हैं। “अमीर लोग भी पैसे को लेकर चिंतित रहते हैं, भले ही उनकी चिंता दूसरे स्तर की हो। अगर घर का कमाने वाला प्रमुख सदस्य ना रहे तो परिवार का गुजारा कैसे हो यह अमीर-गरीब सभी लोगों की चिंता होती है।”

तो इसका उत्तर है: हो सकता है कि आपके पास संपत्ति हो लेकिन फिर भी आपके परिवार को सुरक्षा की ज़रूरत होती है- और जीवन बीमा से यह सुरक्षा मिल सकती है। 
 

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