Are you stuck with LIC share?: क्या आप एलआईसी शेयर में फँस गए हैं?

लिस्टिंग के बाद से ही फिसलनेवाले एलआईसी शेयर के बारे में जानकारी।

एलआईसी शेयर में फँस गए

LIC Share: जीवन बीमा कॉर्पोरेशन (एलआईसी) के शेयर की कीमत अपने प्रारंभिक पब्लिक ऑफर (IPO) से 27% नीचे पहुँच गई है। 17 मई को उसकी लिस्टिंग की तारीख से लेकर अब तक निवेशकों को 1.5 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। इस पूरे समय के दौरान भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी के शेयर की कीमत ज्यादातर समय प्राइसिंग लिस्ट के नीचे ही बनी रही है। इसका मतलब ज्यादातर समय निवेशकों को इस शेयर से नुकसान ही उठाना पड़ा है। बाजार की अस्थिरता के चलते मई 17 को इस शेयर की कमजोर शुरुआत हुई थी। एलआईसी के आईपीओ का मूल्य 8.62% की रियायत (डिस्काउंट) के साथ ₹867.20 था, जबकि कंपनी ने अपने शेयर के लिए प्राइस बैंड ₹902 से ₹949 के बीच दिया था। 

एलआईसी शेयर का सबसे ऊँचा स्तर उसके लिस्टिंग के दिन ही प्राप्त हो गया था। 17 मई को यह अपने सबसे ऊँचे स्तर ₹920 को तब तक पहुँच गया था। लेकिन उसके बाद से ही इसकी कीमत लगातार गिरती जा रही है। 26 सितंबर को कारोबारी सत्र बंद होते समय एलआईसी के शेयर ने एक बार फिर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर नए निचले स्तर को छुआ, जो ₹629.30 था । 17 मई से बाजार में आनेवाले अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर को एलआईसी के कमजोर प्रदर्शन का कारण माना जा रहा है। 

साथ ही रूस और यूक्रेन के बीच चलनेवाले युद्ध के कारण आई आर्थिक मंदी ने वैश्विक और घरेलू बाजार को और अधिक अस्थिर कर दिया है। जिसके चलते भी एलआईसी के शेयर के प्रति रुचि और कम हो गई है। हालाँकि जीवन बीमा कंपनी ने जून 2022 को खत्म हुई तिमाही में जबरदस्त आमदनी की घोषणा की थी। 

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एलआईसी का शुद्ध लाभ ₹682.88 करोड़ तक पहुँच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसका एकल लाभ मात्र ₹2.94 करोड़ का था। एलआईसी की शुद्ध प्रीमियम आय वार्षिक 20.35% से बढ़कर अब ₹98,351.76 करोड़ हो गई है।

यह भी पढ़ें: जीवन बीमा के महत्व और प्रकार

एलआईसी Q1FY

एलआईसी की Q1FY 23 में अन्य आय ₹160.09 करोड़ तक पहुँच गई, जबकि Q1FY22 में यह आमदनी ₹145.47 करोड़ थी। इसी तिमाही के दौरान शेयरधारकों के खातों से ट्रांसफर होनेवाली रकम ₹799.24 करोड़ थी जिस पर सबका ध्यान है। अपनी पहली तिमाही की कमाई के सकारात्मक प्रभाव के कारण शेयर में 3% की बढ़ोतरी देखी गई। लेकिन आमदनी की घोषणा के बाद से गिरावट जारी है। 11 अगस्त को कारोबार बंद होते समय इस शेयर की कीमत ₹683.65 थी जिसमे 7% की गिरावट और हुई और अब कीमत ₹635.50 पर पहुँच चुकी है।

27 सितंबर को मौजूदा सत्र में एलआईसी का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर पिछले सत्र के ₹630.80 से 0.70% बढ़कर ₹635.20 पर कारोबार कर रहा था। एलआईसी का मार्केट कैप 4.01 लाख करोड़ का है। एलआईसी ने 0.56 लाख शेयर जारी किए थे और बीएसई पर उनके बदले ₹3.58 करोड़ का कारोबार हुआ था। आइए जानते हैं विशेषज्ञों की इस स्टॉक को लेकर क्या राय है। 

प्रोफिशिएंट इक्विटीज के संस्थापक और डायरेक्टर मनोज डालमिया का कहना है कि शेयर में अभी और अधिक गिरावट आ सकती है और उन्होंने निवेशकों को इससे दूर रहने की सलाह दी है। उनके अनुसार, “एलआईसी ने ₹647 के समर्थन को पार कर लिया है। निवेशक को अभी इस स्तर पर खरीददारी से बचना चाहिये क्योंकि अभी और बिकवाली हो सकती है। बिकवाली के लिए ₹606 का लक्ष्य हो सकता है।”   

शेयर इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ रिसर्च रवि सिंह भी शेयर में गिरावट ही देख रहे हैं। उनके अनुसार, “एलआईसी की लिस्टिंग के समय से ही यूक्रेन में हो रहे युद्ध के कारण आर्थिक मंदी और अनाज की कमी की मार झेलनी पड़ रही है। जिसके चलते भारत से विदेशी संस्थागत निवेश बाहर जा रहा है और रुपये का अवमूल्यन हो रहा है। ये पूरी स्थितियाँ आईपीओ के लिए अनुकूल नहीं है। इन सभी कारणों का एलआईसी के शेयर की कीमतों पर उल्टा असर पड़ा है। बाजार के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए मौजूदा परिदृश्य में एलआईसी की कीमत और अधिक फिसलेगी। हो सकता है कि आनेवाले हफ्तों में यह ₹550 के सबसे निचले स्तर तक पहुँच जाए। निवेशक को कोई भी कदम उठाने से पहले अभी स्टॉक में स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए।”  

टिप्स टू ट्रेड के अभिजीत का कहना है “आईपीओ के खराब समय के साथ ही वैश्विक बाजार में आई मंदी की भावना के कारण ही एलआईसी के शेयर को उसके मूल्य और आकार के बावजूद गिरावट झेलनी पड़ रही है। लंबी अवधि के निवेशकों को अभी बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि एलआईसी का स्टॉक पहले ही काफी फिसल चुका है। यदि कारोबार बंद होते समय प्रतिदिन ₹641 से ऊपर कीमत रही तो ₹685 से लेकर ₹698 तक की रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। इसके बाद निवेशक अपनी रणनीति का पुनर्मूल्यांकन कर सकते हैं।” 

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LIC Share: जीवन बीमा कॉर्पोरेशन (एलआईसी) के शेयर की कीमत अपने प्रारंभिक पब्लिक ऑफर (IPO) से 27% नीचे पहुँच गई है। 17 मई को उसकी लिस्टिंग की तारीख से लेकर अब तक निवेशकों को 1.5 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। इस पूरे समय के दौरान भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी के शेयर की कीमत ज्यादातर समय प्राइसिंग लिस्ट के नीचे ही बनी रही है। इसका मतलब ज्यादातर समय निवेशकों को इस शेयर से नुकसान ही उठाना पड़ा है। बाजार की अस्थिरता के चलते मई 17 को इस शेयर की कमजोर शुरुआत हुई थी। एलआईसी के आईपीओ का मूल्य 8.62% की रियायत (डिस्काउंट) के साथ ₹867.20 था, जबकि कंपनी ने अपने शेयर के लिए प्राइस बैंड ₹902 से ₹949 के बीच दिया था। 

एलआईसी शेयर का सबसे ऊँचा स्तर उसके लिस्टिंग के दिन ही प्राप्त हो गया था। 17 मई को यह अपने सबसे ऊँचे स्तर ₹920 को तब तक पहुँच गया था। लेकिन उसके बाद से ही इसकी कीमत लगातार गिरती जा रही है। 26 सितंबर को कारोबारी सत्र बंद होते समय एलआईसी के शेयर ने एक बार फिर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर नए निचले स्तर को छुआ, जो ₹629.30 था । 17 मई से बाजार में आनेवाले अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर को एलआईसी के कमजोर प्रदर्शन का कारण माना जा रहा है। 

साथ ही रूस और यूक्रेन के बीच चलनेवाले युद्ध के कारण आई आर्थिक मंदी ने वैश्विक और घरेलू बाजार को और अधिक अस्थिर कर दिया है। जिसके चलते भी एलआईसी के शेयर के प्रति रुचि और कम हो गई है। हालाँकि जीवन बीमा कंपनी ने जून 2022 को खत्म हुई तिमाही में जबरदस्त आमदनी की घोषणा की थी। 

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एलआईसी का शुद्ध लाभ ₹682.88 करोड़ तक पहुँच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसका एकल लाभ मात्र ₹2.94 करोड़ का था। एलआईसी की शुद्ध प्रीमियम आय वार्षिक 20.35% से बढ़कर अब ₹98,351.76 करोड़ हो गई है।

यह भी पढ़ें: जीवन बीमा के महत्व और प्रकार

एलआईसी Q1FY

एलआईसी की Q1FY 23 में अन्य आय ₹160.09 करोड़ तक पहुँच गई, जबकि Q1FY22 में यह आमदनी ₹145.47 करोड़ थी। इसी तिमाही के दौरान शेयरधारकों के खातों से ट्रांसफर होनेवाली रकम ₹799.24 करोड़ थी जिस पर सबका ध्यान है। अपनी पहली तिमाही की कमाई के सकारात्मक प्रभाव के कारण शेयर में 3% की बढ़ोतरी देखी गई। लेकिन आमदनी की घोषणा के बाद से गिरावट जारी है। 11 अगस्त को कारोबार बंद होते समय इस शेयर की कीमत ₹683.65 थी जिसमे 7% की गिरावट और हुई और अब कीमत ₹635.50 पर पहुँच चुकी है।

27 सितंबर को मौजूदा सत्र में एलआईसी का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर पिछले सत्र के ₹630.80 से 0.70% बढ़कर ₹635.20 पर कारोबार कर रहा था। एलआईसी का मार्केट कैप 4.01 लाख करोड़ का है। एलआईसी ने 0.56 लाख शेयर जारी किए थे और बीएसई पर उनके बदले ₹3.58 करोड़ का कारोबार हुआ था। आइए जानते हैं विशेषज्ञों की इस स्टॉक को लेकर क्या राय है। 

प्रोफिशिएंट इक्विटीज के संस्थापक और डायरेक्टर मनोज डालमिया का कहना है कि शेयर में अभी और अधिक गिरावट आ सकती है और उन्होंने निवेशकों को इससे दूर रहने की सलाह दी है। उनके अनुसार, “एलआईसी ने ₹647 के समर्थन को पार कर लिया है। निवेशक को अभी इस स्तर पर खरीददारी से बचना चाहिये क्योंकि अभी और बिकवाली हो सकती है। बिकवाली के लिए ₹606 का लक्ष्य हो सकता है।”   

शेयर इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ रिसर्च रवि सिंह भी शेयर में गिरावट ही देख रहे हैं। उनके अनुसार, “एलआईसी की लिस्टिंग के समय से ही यूक्रेन में हो रहे युद्ध के कारण आर्थिक मंदी और अनाज की कमी की मार झेलनी पड़ रही है। जिसके चलते भारत से विदेशी संस्थागत निवेश बाहर जा रहा है और रुपये का अवमूल्यन हो रहा है। ये पूरी स्थितियाँ आईपीओ के लिए अनुकूल नहीं है। इन सभी कारणों का एलआईसी के शेयर की कीमतों पर उल्टा असर पड़ा है। बाजार के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए मौजूदा परिदृश्य में एलआईसी की कीमत और अधिक फिसलेगी। हो सकता है कि आनेवाले हफ्तों में यह ₹550 के सबसे निचले स्तर तक पहुँच जाए। निवेशक को कोई भी कदम उठाने से पहले अभी स्टॉक में स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए।”  

टिप्स टू ट्रेड के अभिजीत का कहना है “आईपीओ के खराब समय के साथ ही वैश्विक बाजार में आई मंदी की भावना के कारण ही एलआईसी के शेयर को उसके मूल्य और आकार के बावजूद गिरावट झेलनी पड़ रही है। लंबी अवधि के निवेशकों को अभी बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि एलआईसी का स्टॉक पहले ही काफी फिसल चुका है। यदि कारोबार बंद होते समय प्रतिदिन ₹641 से ऊपर कीमत रही तो ₹685 से लेकर ₹698 तक की रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। इसके बाद निवेशक अपनी रणनीति का पुनर्मूल्यांकन कर सकते हैं।” 

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