Tips to buy the correct inusrance policy for a two wheeler

: देश में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए आसपास की जगहों पर आने-जाने के लिए लोग दुपहिया वाहन का उपयोग करना ज्यादा पसंद करते हैं | सही बाइक और बीमा चुनते वक़्त नीचे बताये कुछ बिंदुओं पर ध्यान दें |

बाइक  दुपहिया वाहन कैसे खरीदें सही दुपहिया वाहन बीमा चुनने के टिप्स

 देश में बढ़ते ट्रैफिक और कम होते पार्किंग स्पेस को देखते हुए अब दुपहिया वाहन खरीदना ज़रूरी हो गया है | चाहे आपको पड़ोस में किसी मित्र के घर जाना हो, या कोई सामान लेने भारी ट्रैफिक वाली जगह जाना हो, दुपहिया वाहन आवागमन के लिए आसान और सुविधाजनक होते हैं | दुपहिया वाहन/बाइक खरीदते समय आपको बहुत से बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए जिससे आगे जाकर आपको परेशानी न हो | जानिये कि सही बाइक/दुपहिया वाहन कैसे खरीदें ? यह समझने के लिए निम्न बिंदुओं पर ध्यान दें :

  • ब्रांड: एक अच्छे ब्रांड का वाहन खरीदने से आप लम्बे समय के लिए उसके मेंटेनेंस और सर्विस गुणवत्ता को लेकर बेफिक्र हो सकते हैं | वर्त्तमान में, भारत में कई ब्रांड्स मौजूद हैं जैसे कि हीरो मोटोकॉर्प ,हौंडा मोटरसाइकिल्स एंड स्कूटर्स इंडिया,टी.वी.एस., महेंद्र, सुजुकी, काइनेटिक आदि | अच्छे से शोध करके अपना ब्रांड चुनें क्यूंकि इसकी रि-सेल (पुनःबिक्री) मूल्य इसकी ब्रांड पर भी निर्भर करेगी |
  • बजट: किसी भी दुपहिया वाहन को खरीदने से पहले,अपना बजट निर्धारित कर लें | चूँकि बाज़ार में बहुत सी नयी सुविधाओं और मॉडल के आधार पर विभिन्न मूल्यों के वाहन उपलब्ध है ,इसलिए अपने बजट को पूर्व-निर्धारित कर लेने से आप विभिन्न मॉडलों को देखकर भ्रमित नहीं होंगे| वास्तविक खरीदी मूल्य के अलावा,आपको बीमा के खर्च ,मेंटेनेंस के खर्च आदि का हिसाब लगा लेना चाहिए |
  • माइलेज पर ध्यान दें : किसी भी वाहन का माइलेज यह बताता है कि प्रति लीटर ईंधन से वह कितनी दुरी तय कर सकता है| पेट्रोल/डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ,आपके लिए अच्छी माइलेज का वाहन चुनना, अधिक किफायती होगा |आमतौर पर,एक दुपहिया वाहन का माइलेज : 35-50 कि.मी./लीटर होता है |
  • पता लगाएं कि आपकी पसंदीदा ब्रांड का सेवा केंद्र आपके नज़दीक है या नहीं : कंपनी के सेवा-केंद्र,किसी भी परिस्थिति में आपके वाहन के खराब होने पर उसकी सर्विसिंग की सुविधा देता है| यदि आपके घर के आसपास ही कोई सेवा-केंद्र मौजूद हो, तो आपको ख़राब वाहन को वहाँ तक पहुंचाने में अधिक परेशानी नहीं होगी |
  • आपके शहर में स्पेयर-पार्ट्स की उपलब्धता जांचें : कई ब्रांड्स के वाहनों के स्पेयर पार्ट्स छोटे शहरों में उपलब्ध नहीं होते हैं ,जिससे कि उनकी मरम्मत में ज़रूरत से अधिक समय की देरी लग सकती है | कोई वाहन पसंद करने से पहले ये जांच लें कि आपकी पसंदीदा ब्रांड के स्पेयर पार्ट्स आपके शहर में उपलब्ध है या नहीं |
  • ग्राहकों के फीडबैक और रिव्यु (समीक्षा) अच्छे से पढ़े: किसी भी वाहन को चुनते वक़्त, ऑनलाइन वेबसाइट्स पर जाकर ग्राहकों द्वारा उस मॉडल के फीडबैक और रिव्यु अवश्य पढ़ें | इससे आपको वाहन के वास्तविक माइलेज,उसकी खामियां,उसकी सर्विसिंग गुणवत्ता आदि की व्यापक जानकारी मिल सकती है जो बिक्री के वक़्त डीलर नहीं बताते हैं |

वाहन के पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज़:

एक नया वाहन खरीदते वक़्त आपको आर.टी.ओ. (रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस) में वाहन के स्वामित्व के प्रमाण के लिए वाहन पंजीकृत कराना अनिवार्य है,जिसके लिए निम्न दस्तावेज़ ज़रूरी होते हैं :

  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • पहचान प्रमाण की सत्यापित कॉपियां -ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड या आधार कार्ड
  • स्थायी निवास के प्रमाण की सत्यापित कॉपियां - पासपोर्ट,मतदाता पहचान पत्र.बिजली बिल,राशन कार्ड आदि |

भारत में मोटर वाहन अधिनियम ,1988 के तहत एक दुपहिया वाहन बीमा पालिसी खरीदना अनिवार्य है | कानूनन, एक तृतीया पक्ष बीमा कवर लेना ज़रूरी है जो आपके वाहन से किसी तृतीय पक्ष को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति करता है | आप एक व्यापक बीमा कवर भी चुन सकते हैं जो तृतीय पक्ष कवर के अलावा स्वयं के नुकसान को भी कवर करती है| एक अच्छी बीमा पॉलिसी खरीदते वक़्त निम्न बिंदुओं को ध्यान में रखें:

  • पॉलिसी के कवरेज के बारे में अच्छे से समझ लें - अपने बजट और आवश्यकतानुसार तय करें कि आप तृतीय पक्ष कवर या व्यापक बीमा कवर में से कौन सा चुनेंगे |
  • आई.डी.वी. को ध्यान में रखें -इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (आई.डी.वी.) आपके दुपहिया वाहन का वर्तमान मार्केट मूल्य दर्शाता है | किसी भी नुकसान या चोरी की स्थिति में,बीमादाता द्वारा आपको भुगतान किये जाने वाली अधिकतम राशि आपके आई.डी.वी. पर निर्भर करेगा |
  • सबसे उचित प्रीमियम दरें चुनें : अपनी क्षमता और कवरेज की आवश्यकतानुसार ऐसी पॉलिसी का चयन करें जिसके प्रीमियम के खर्च बहुत अधिक न हो |
  • दावा निपटारन के बारे में समझ लें : किसी भी कंपनी से बीमा पॉलिसी खरीदते वक़्त,उस पॉलिसी के दावा निपटारन के हर बिंदु को अच्छे से जांच लें | आपकी पॉलिसी में क्या-क्या कवर किया जाता है और क्या-क्या नहीं, इसे भी अच्छे से समझने के बाद ही निर्णय लें |

कोरोना वायरस महामारी के दौरान,लोग स्थानीय जगहों पर सार्वजनिक यातायात के माध्यम का उपयोग करने से परहेज कर रहे हैं| वे ऑफिस,बाज़ार या किसी अन्य स्थान जाने के लिए व्यक्तिगत परिवहन माध्यम की तरफ रुख कर रहे हैं | इसलिए जुलाई 2020 से दुपहिया वाहनों की बिक्री में अचानक से बढ़त देखी गई है | वर्तमान परिस्थिति में,एक बाइक/दुपहिया वाहन का होना,केवल चाहत नहीं बल्कि ज़रूरत है |

निष्कर्ष: अब जब आप जान चुके हैं कि बाइक/दुपहिया वाहन लेना कोई जल्दबाज़ी का निर्णय नहीं होना चाहिए | आपको वाहन/बीमा कवर चुनते वक़्त बहुत सावधानी बरतनी चाहिए जिससे कि आगे जाकर आपको कोई परेशानी न हो | अच्छे से शोध करें और बाइक खरीदकर सावधानी से चलाएं |

संवादपत्र

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