What are BH series Numbers: क्या हैं BH सीरीज के नंबर प्लेट

यदि अब एक राज्य से दूसरे राज्य में आपका तबादला हो जाए तो नंबर प्लेट बदलने की जरूरत नहीं होगी।

बीएच सीरीज नंबर प्लेट

BH series number plate India: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा गैर परिवहन (नॉन-ट्रांसपोर्ट) वाहनों के लिए बीएच (BH) सीरीज, यानी भारत सीरीज के नंबर की नई सुविधा निकाली गई है। यह सुविधा खास उन लोगों के लिए जारी की गई है जिनका नौकरी-व्यवसाय के चलते लगातार स्थानांतरण होता रहता है। उन्हें अब राज्य बदलने पर गाड़ियों की नंबर प्लेट बदलने की जरूरत नहीं होगी। जानते हैं बीएच सीरीज से जुड़ी हुई कुछ खास जरूरी बातें। 

बीएच सीरीज की शुरुआत 

28 अगस्त, 2021 को गैर परिवहन वाहनों के लिए बीएच सीरीज के नंबरों की सुविधा लागू की गई थी। इसके लिए पंजीकरण 15 सितंबर, 2021 से शुरू हुआ था। भारत में वाहनों की आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा यह कदम उठाया गया था। 

बीएच सीरीज के फायदे 

मोटरयान अधिनियम 1988 के अनुसार एक राज्य में पंजीकृत वाहन को दूसरे राज्य में 12 महीनों तक बगैर नए रजिस्ट्रेशन के प्रयोग की छूट थी। इसके बाद वाहन का नए राज्य में रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक था। बीएच सीरीज में रजिस्टर किए हुए वाहन के लिए अब यह अनिवार्यता नहीं रहेगी। इस सीरीज के वाहन की वैधता पूरे भारत में होगी। राज्य बदलने पर नया रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं है। 

कई नौकरीपेशा लोगों के लगातार तबादले होते हैं, उन सभी के लिए बीएच सीरीज ने एक अच्छी सहूलियत दे दी है। साथ ही इसके अन्य कई फायदे भी हैं। बीएच सीरीज के वाहन मालिकों को अब एक समय में मात्र 2 साल के लिए रोड टैक्स देना होगा। पहले यह टैक्स 15 से 20 सालों के लिए दिया जाता था जबकि वे उस राज्य में केवल एक-दो साल ही रहते थे। यदि दो सालों बाद रोड टैक्स भरने में चूक हो जाए तो ₹100 प्रतिदिन का अतिरिक्त शुल्क देना होगा ।

यह भी पढ़ें: मोटर बीमा 2022 तकनीकी रुझान 

बीएच सीरीज कैसे प्राप्त करें 

इस सीरीज के नंबर प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। वाहन खरीदते समय डीलर द्वारा वाहन पोर्टल पर यह नंबर रजिस्टर किया जा सकता है। पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर लेने पर बीएच सीरीज का नंबर प्लेट वाहन मालिक को मिल जाता है। 

कैसी दिखती है बीएस सीरीज की नंबर प्लेट 

अन्य किसी भी नंबर प्लेट की तरह ही बीएच सीरीज में सफेद प्लेट पर काले अंकों और अक्षरों से पंजीकृत क्रमांक लिखा होता है। नंबर लिखने का तरीका कुछ इस प्रकार होता है,

YY BH #### XX 

सीरीज के पहले दो अंक दर्ज किए हुए साल के होते हैं। उसके बाद बीएच (BH) जो भारत सीरीज के लिये है, उसके बाद चार अंकों का एक आंकड़ा जो कंप्यूटर द्वारा निकाला जाता है, इसके बाद आई (I) और ओ (O) को छोड़कर 24 रोमन अक्षरों में से कोई भी दो अक्षर।

बीएच सीरीज में नई कर प्रणाली के हिसाब से कर देना होगा। 

नए कानून के अनुसार यदि किसी वाहन की कीमत ₹10 लाख से कम है तो मालिक को उसका 8% रोड टैक्स देना होता है। वहीं यदि वाहन की कीमत ₹10 लाख से ₹20 लाख के बीच है तो रोड टैक्स 10% लगेगा; और यदि वाहन की कीमत ₹20 लाख से ऊपर है तो रोड टैक्स 20% देना होता है। साथ ही ऊर्जा के स्रोतों के हिसाब से डीजल गाड़ियों पर 2% अतिरिक्त कर लगता है, तो वहीं इलेक्ट्रिक गाड़ियों में 2% कर बचता है।

यह भी पढ़ें: आरसी बुक के बारे में

BH Series Number Plate: क्या आपको इसकी जरूरत है?

BH series number plate India: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा गैर परिवहन (नॉन-ट्रांसपोर्ट) वाहनों के लिए बीएच (BH) सीरीज, यानी भारत सीरीज के नंबर की नई सुविधा निकाली गई है। यह सुविधा खास उन लोगों के लिए जारी की गई है जिनका नौकरी-व्यवसाय के चलते लगातार स्थानांतरण होता रहता है। उन्हें अब राज्य बदलने पर गाड़ियों की नंबर प्लेट बदलने की जरूरत नहीं होगी। जानते हैं बीएच सीरीज से जुड़ी हुई कुछ खास जरूरी बातें। 

बीएच सीरीज की शुरुआत 

28 अगस्त, 2021 को गैर परिवहन वाहनों के लिए बीएच सीरीज के नंबरों की सुविधा लागू की गई थी। इसके लिए पंजीकरण 15 सितंबर, 2021 से शुरू हुआ था। भारत में वाहनों की आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा यह कदम उठाया गया था। 

बीएच सीरीज के फायदे 

मोटरयान अधिनियम 1988 के अनुसार एक राज्य में पंजीकृत वाहन को दूसरे राज्य में 12 महीनों तक बगैर नए रजिस्ट्रेशन के प्रयोग की छूट थी। इसके बाद वाहन का नए राज्य में रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक था। बीएच सीरीज में रजिस्टर किए हुए वाहन के लिए अब यह अनिवार्यता नहीं रहेगी। इस सीरीज के वाहन की वैधता पूरे भारत में होगी। राज्य बदलने पर नया रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं है। 

कई नौकरीपेशा लोगों के लगातार तबादले होते हैं, उन सभी के लिए बीएच सीरीज ने एक अच्छी सहूलियत दे दी है। साथ ही इसके अन्य कई फायदे भी हैं। बीएच सीरीज के वाहन मालिकों को अब एक समय में मात्र 2 साल के लिए रोड टैक्स देना होगा। पहले यह टैक्स 15 से 20 सालों के लिए दिया जाता था जबकि वे उस राज्य में केवल एक-दो साल ही रहते थे। यदि दो सालों बाद रोड टैक्स भरने में चूक हो जाए तो ₹100 प्रतिदिन का अतिरिक्त शुल्क देना होगा ।

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बीएच सीरीज कैसे प्राप्त करें 

इस सीरीज के नंबर प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। वाहन खरीदते समय डीलर द्वारा वाहन पोर्टल पर यह नंबर रजिस्टर किया जा सकता है। पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर लेने पर बीएच सीरीज का नंबर प्लेट वाहन मालिक को मिल जाता है। 

कैसी दिखती है बीएस सीरीज की नंबर प्लेट 

अन्य किसी भी नंबर प्लेट की तरह ही बीएच सीरीज में सफेद प्लेट पर काले अंकों और अक्षरों से पंजीकृत क्रमांक लिखा होता है। नंबर लिखने का तरीका कुछ इस प्रकार होता है,

YY BH #### XX 

सीरीज के पहले दो अंक दर्ज किए हुए साल के होते हैं। उसके बाद बीएच (BH) जो भारत सीरीज के लिये है, उसके बाद चार अंकों का एक आंकड़ा जो कंप्यूटर द्वारा निकाला जाता है, इसके बाद आई (I) और ओ (O) को छोड़कर 24 रोमन अक्षरों में से कोई भी दो अक्षर।

बीएच सीरीज में नई कर प्रणाली के हिसाब से कर देना होगा। 

नए कानून के अनुसार यदि किसी वाहन की कीमत ₹10 लाख से कम है तो मालिक को उसका 8% रोड टैक्स देना होता है। वहीं यदि वाहन की कीमत ₹10 लाख से ₹20 लाख के बीच है तो रोड टैक्स 10% लगेगा; और यदि वाहन की कीमत ₹20 लाख से ऊपर है तो रोड टैक्स 20% देना होता है। साथ ही ऊर्जा के स्रोतों के हिसाब से डीजल गाड़ियों पर 2% अतिरिक्त कर लगता है, तो वहीं इलेक्ट्रिक गाड़ियों में 2% कर बचता है।

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