Car insurance at lower Premium: मोटर इंश्योरेंस का बेहतरीन विकल्प

ग्राहकों के लिए बीमा कंपनियों द्वारा आवश्यकता के अनुसार अनुकूलित (कस्टमाइज्ड) उत्पाद दिए जा रहे हैं।

Car insurance at lower Premium

Car insurance at lower Premium: बीमा कंपनियों में नया चलन देखा जा रहा है। अब वे ग्राहकों की सुविधा के लिए उनकी आवश्यकता के अनुसार बीमा योजनाएँ देने लगी हैं। इसके लिए वे बेहतर उत्पाद और उनके डिज़ाइन के लिए कई तरह की उन्नत तकनीकों और विश्लेषणों (analytics) की सहायता ले रही हैं। ऐसा करने से कंपनियों को ग्राहकों के लिए पारंपरिक बीमा के स्थान पर ग्राहकों की आवश्यकता के अनुसार कस्टमाइज्ड बीमा देना संभव हो पा रहा है।

बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के आदित्य शर्मा ने इस विषय में विस्तार से जानकारी दी। चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर-रिटेल सेल आदित्य ने बताया कि मोटर इंश्योरेंस के क्षेत्र में कई तरह की नई संकल्पनाएँ अपनाई जा रही हैं। इसके चलते इनोवेटिव प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज की एक पूरी शृंखला ‘पे एस यू कंज्यूम’ (पीएवायसी/PAYC) की संकल्पना पर आधारित है। इसका मतलब हुआ कि आप जितना उपयोग करेंगे उतने के लिए ही भुगतान करेंगे। विकसित देशों में इस तरह के मॉडल पर पहले से ही बीमा योजनाएँ प्रचलित हैं। भारत में इस अवधारणा को अभी अपनाया जा रहा है। 

पीएवायसी में ग्राहक की पसंद और वाहन के उपयोग के अनुसार बीमा उत्पाद चुनने का विकल्प मिलता है। इसमें प्रीमियम दूरी और बीमा धारक द्वारा चुने गए कवरेज के आधार पर गिना जाता है। बीमाकर्ता को कई स्लैब्स उपलब्ध कराए जाते हैं। ये स्लैब्स अलग-अलग कंपनियों के अलग-अलग होते हैं। यदि पूर्व निर्धारित दूरी की सीमा पार हो जाए तो आसानी से अधिक दूरी का स्लैब चुना जा सकता है। इसके लिए प्लान को सिर्फ टॉप-अप करना होगा। प्रत्येक व्यक्ति की वाहन चलाने की दूरी अलग-अलग होने के कारण पीएवायसी द्वारा प्रत्येक वाहन के लिए तय की गई दूरी के आधार पर प्रीमियम निर्धारित होता है। एक तरफ पारंपरिक बीमा के लिए कार के मॉडल, मेकिंग, उसकी उम्र, बीमित घोषित मूल्य और स्थान के आधार पर प्रीमियम निर्धारित होता है वहीं पीएवायसी में कार विशेष द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर प्रीमियम निर्धारित किया जाता है। 

यह भी पढ़ें: मोटर बीमा 2022 तकनीकी रुझान

टेलीमैटिक्स की सुविधा   

नवीन पद्धति के बीमा उत्पादों के लिए टेलीमैटिक्स डिवाइस एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा उपकरण है जो कार के ऑन बोर्ड डायग्नोस्टिक्स पोर्ट में लगाया जाता है। इस का काम होता है वाहन द्वारा तय की गई दूरी को दर्ज करना और बीमा स्लैब के हिसाब से बची हुई दूरी का अनुमान बताना। इस उपकरण के द्वारा प्राप्त जानकारी को स्टोर किया जाता है और बीमा कंपनियों को उपलब्ध कराया जाता है। इसके विश्लेषण से वाहन के चालक की आवश्यकता और गाड़ी चलाने के तरीके का अध्ययन किया जा सकता है। 

टेलीमैटिक्स उपकरण के स्थान पर ऐप पर आधारित टेलीमैटिक्स का भी उपयोग एक अच्छा विकल्प है। इस ऐप द्वारा गाड़ी की गति, ब्रेक का उपयोग और अन्य जानकारी को दर्ज किया जा सकता है। उन्नत विश्लेषण (एडवांस्ड एनालिटिक्स) के प्रयोग से ग्राहक की गाड़ी चलाने की पद्धति के अनुसार उसके प्रीमियम में छूट देने के लिए भी प्रोत्साहन दिया जा सकता है। सावधान और सतर्क वाहन चालक को निश्चित ही इससे लाभ हो सकता है। जितनी अच्छी तरह से गाड़ी चलाई जाएगी प्रीमियम उतना ही कम होगा। 

पीएवायसी यानी ‘जितना उपयोग उतना भुगतान’ उन ग्राहकों के लिए बहुत फायदेमंद है जिनके पास एक से अधिक गाड़ियाँ हैं और इन गाड़ियों का वह एक समान उपयोग नहीं कर पाते। साथ ही यह उन ग्राहकों के लिए भी बहुत अच्छा विकल्प है जो कार पूलिंग करके रोज़ाना काम पर जाना पसंद करते हैं। 

प्रीमियम कम करने का विकल्प 

त्यौहारों के इस मौसम में यदि आप गाड़ी लेने की इच्छा रखते हैं तो आपके लिए कम प्रीमियम के साथ अच्छा बीमा चुनना बहुत मुश्किल नहीं होगा। पीएवायसी जैसी ग्राहकों के लिए कस्टमाइज्ड उत्पाद देनेवाली कंपनियों को चुना जा सकता है और आपके पास अपना प्रीमियम चुनने का विकल्प होगा।  

यह भी पढ़ें: आरसी बुक के बारे में

Car insurance at lower Premium: बीमा कंपनियों में नया चलन देखा जा रहा है। अब वे ग्राहकों की सुविधा के लिए उनकी आवश्यकता के अनुसार बीमा योजनाएँ देने लगी हैं। इसके लिए वे बेहतर उत्पाद और उनके डिज़ाइन के लिए कई तरह की उन्नत तकनीकों और विश्लेषणों (analytics) की सहायता ले रही हैं। ऐसा करने से कंपनियों को ग्राहकों के लिए पारंपरिक बीमा के स्थान पर ग्राहकों की आवश्यकता के अनुसार कस्टमाइज्ड बीमा देना संभव हो पा रहा है।

बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के आदित्य शर्मा ने इस विषय में विस्तार से जानकारी दी। चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर-रिटेल सेल आदित्य ने बताया कि मोटर इंश्योरेंस के क्षेत्र में कई तरह की नई संकल्पनाएँ अपनाई जा रही हैं। इसके चलते इनोवेटिव प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज की एक पूरी शृंखला ‘पे एस यू कंज्यूम’ (पीएवायसी/PAYC) की संकल्पना पर आधारित है। इसका मतलब हुआ कि आप जितना उपयोग करेंगे उतने के लिए ही भुगतान करेंगे। विकसित देशों में इस तरह के मॉडल पर पहले से ही बीमा योजनाएँ प्रचलित हैं। भारत में इस अवधारणा को अभी अपनाया जा रहा है। 

पीएवायसी में ग्राहक की पसंद और वाहन के उपयोग के अनुसार बीमा उत्पाद चुनने का विकल्प मिलता है। इसमें प्रीमियम दूरी और बीमा धारक द्वारा चुने गए कवरेज के आधार पर गिना जाता है। बीमाकर्ता को कई स्लैब्स उपलब्ध कराए जाते हैं। ये स्लैब्स अलग-अलग कंपनियों के अलग-अलग होते हैं। यदि पूर्व निर्धारित दूरी की सीमा पार हो जाए तो आसानी से अधिक दूरी का स्लैब चुना जा सकता है। इसके लिए प्लान को सिर्फ टॉप-अप करना होगा। प्रत्येक व्यक्ति की वाहन चलाने की दूरी अलग-अलग होने के कारण पीएवायसी द्वारा प्रत्येक वाहन के लिए तय की गई दूरी के आधार पर प्रीमियम निर्धारित होता है। एक तरफ पारंपरिक बीमा के लिए कार के मॉडल, मेकिंग, उसकी उम्र, बीमित घोषित मूल्य और स्थान के आधार पर प्रीमियम निर्धारित होता है वहीं पीएवायसी में कार विशेष द्वारा तय की गई दूरी के आधार पर प्रीमियम निर्धारित किया जाता है। 

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टेलीमैटिक्स की सुविधा   

नवीन पद्धति के बीमा उत्पादों के लिए टेलीमैटिक्स डिवाइस एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक ऐसा उपकरण है जो कार के ऑन बोर्ड डायग्नोस्टिक्स पोर्ट में लगाया जाता है। इस का काम होता है वाहन द्वारा तय की गई दूरी को दर्ज करना और बीमा स्लैब के हिसाब से बची हुई दूरी का अनुमान बताना। इस उपकरण के द्वारा प्राप्त जानकारी को स्टोर किया जाता है और बीमा कंपनियों को उपलब्ध कराया जाता है। इसके विश्लेषण से वाहन के चालक की आवश्यकता और गाड़ी चलाने के तरीके का अध्ययन किया जा सकता है। 

टेलीमैटिक्स उपकरण के स्थान पर ऐप पर आधारित टेलीमैटिक्स का भी उपयोग एक अच्छा विकल्प है। इस ऐप द्वारा गाड़ी की गति, ब्रेक का उपयोग और अन्य जानकारी को दर्ज किया जा सकता है। उन्नत विश्लेषण (एडवांस्ड एनालिटिक्स) के प्रयोग से ग्राहक की गाड़ी चलाने की पद्धति के अनुसार उसके प्रीमियम में छूट देने के लिए भी प्रोत्साहन दिया जा सकता है। सावधान और सतर्क वाहन चालक को निश्चित ही इससे लाभ हो सकता है। जितनी अच्छी तरह से गाड़ी चलाई जाएगी प्रीमियम उतना ही कम होगा। 

पीएवायसी यानी ‘जितना उपयोग उतना भुगतान’ उन ग्राहकों के लिए बहुत फायदेमंद है जिनके पास एक से अधिक गाड़ियाँ हैं और इन गाड़ियों का वह एक समान उपयोग नहीं कर पाते। साथ ही यह उन ग्राहकों के लिए भी बहुत अच्छा विकल्प है जो कार पूलिंग करके रोज़ाना काम पर जाना पसंद करते हैं। 

प्रीमियम कम करने का विकल्प 

त्यौहारों के इस मौसम में यदि आप गाड़ी लेने की इच्छा रखते हैं तो आपके लिए कम प्रीमियम के साथ अच्छा बीमा चुनना बहुत मुश्किल नहीं होगा। पीएवायसी जैसी ग्राहकों के लिए कस्टमाइज्ड उत्पाद देनेवाली कंपनियों को चुना जा सकता है और आपके पास अपना प्रीमियम चुनने का विकल्प होगा।  

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