TomorrowMakers

भारत में बाइक या स्कूटर खरीदने के पहले आपको कौन सी बातों पर गौर करना चाहिए

2-व्हीलर खरीदने के पहले किन बातों का रखें ध्यान

(भारत में बाइक या स्कूटर खरीदने के पहले आपको कौन सी बातों पर गौर करना चाहिए)

 

भारत की सड़कों पर ट्रैफिक की वजह से कार चालकों की बढ़ती मुश्किलों को देखते हुए 2-व्हीलर चलाना राहत की बात होती है। 2-व्हीलर की मदद से न सिर्फ आप ट्रैफिक में आगे बढ़ सकते हैं, बल्कि पार्किंग की समस्या भी कम होती है। साथ ही थोड़े खर्च में कम दूरी की यात्रा भी हो जाती है।

जून 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक मई 2014 के मुकाबले मई 2015 में ये देश की 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक हैं।

इससे आपको अंदाजा लग जाएगा कि देश में सबसे ज्यादा बिकने वाले 2-व्हीलर्स कौन से हैं और इससे आपको 2-व्हीलर खरीदते वक्त मदद मिलेगी।

आम धारणा के अलावा 2-व्हीलर खरीदते वक्त आपको नीचे दिए गए सवालों पर ध्यान देना जरूरी है:

  1. स्कूटर या मोटर बाइक?

स्कूटर में बैठना ज्यादा आरामदेह होता है। इसके अलावा ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, गियरलेस ड्रायविंग, ज्यादा स्टोरेज, कम कीमत और चलाने में आसानी से भी शहरों के लिए स्कूटर उपयुक्त हैं।

हालांकि, गियर बॉक्स की वजह से मोटर साइकिल पर बेहतर नियंत्रण मिलता है। साथ ही, मोटर साइकिल चलाने वालों को सवारी करते वक्त बाइक की घरघराहट से खासा जोश मिलता है खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में लंबी यात्रा करते वक्त।

  1. बजट- आप कितना खर्च कर सकते हैं?

आप अपनी बचत, टैक्स देने के बाद की मासिक आय और हर महीने के खर्चों का हिसाब लगाइए। जो आय बचती है, थोड़ी रकम आपात खर्चों के लिए अलग रखकर, उतनी ही आप हर महीने खर्च कर सकते हैं। जितने महीनों तक आप 2-व्हीलर की किश्त भरना चाहते हैं (60 महीनों से ज्यादा नहीं) उससे इस राशि को मल्टल्पाइ करिए। इससे आपको पता चलेगा कि हर साल 2-व्हीलर पर कितनी रकम खर्च कर सकते हैं।

साथ ही, ध्यान रखिए कि आपके पास कम से कम 2-3 साल 2-व्हीलर रहेगी तो आपको उसके रखरखाव, सर्विस, बीमा और ईंधन पर भी खर्च करना होगा।

सबसे ज्यादा बिकने वाली 2-व्हीलर की सूची में ज्यादा बाइक की कीमत 45000-50000 रुपये के बीच है। अगर आप इतना खर्च कर सकते हैं तो आप भी लोगों की पसंदीदा बाइक घर ला सकते हैं।

  1. नई या पुरानी 2-व्हीलर?

इसका फैसला आपको अपने बजट के साथ-साथ अपनी ड्राइविंग पर पकड़ के मुताबिक करना होगा।

अगर आप नौसीखिया हैं तो आप सेंकेंड हैंड बाइक खरीद सकते हैं और ड्राइविंग बेहतर होने के साथ नया 2-व्हीलर ले सकते हैं। इससे आपको नया 2-व्हीलर खरीदते वक्त कम नुकसान होगा।

अगर आप सेकेंड हैंड गाड़ी खरीद रहे हैं तो आप सभी कागजात और अहम बातों पर जरूर ध्यान दें। पुरानी गाड़ी खरीदने के वक्त किन बातों पर गौर करना चाहिए ये जानने के लिए यहां क्लिक करें और पुरानी गाड़ी से अधिकतम मूल्य पाने के लिए क्या करें ये जानने के लिए यहां क्लिक करें।

 

  1. मॉडल या माइलेज?

मोटरसाइकिल या स्कूटर खरीदते वक्त मॉडल को लेकर बड़ा फैसला लेना होता है। नीचे मोटरसाइकिल और स्कूटर के अलग-अलग किस्म के बारे जानकारी दी गई है:

2-व्हीलर खरीदते वक्त ध्यान दें कि जब बाइक या स्कूटर खड़ी हो तो आप आसानी से अपने पैर जमीन पर रख सकते हैं, ताकि आप आरामदेह सवारी का मजा ले पाएं। साथ ही, 2-व्हीलर का वजन भी आपके लिए ज्यादा न हो।

इसके अलावा आपको माइलेज पर ध्यान देना होगा। मोटरसाइकिल की माइलेज 80 किलोमीटर प्रति लीटर से शुरू होती है।

  1. क्या आप खरीदारी करने के लिए तैयार हैं?

अगर आपने 2-व्हीलर खरीदने का मन बना लिया है तो देर किस बात की। अगला कदम है पैसे देकर अपना मनपसंद 2-व्हीलर खरीदना। 2-व्हीलर खरीदते वक्त इन बातों का ध्यान रखिए:

एक से ज्यादा डीलर के पास जाइए: 2-व्हीलर खरीदते वक्त एक से ज्यादा डीलर के पास जाइए और जल्दबाजी में फैसला न करें। जो डीलर आपको सबसे अच्छा भाव दे रहा हो उससे ही 2-व्हीलर खरीदिए।

  • टेस्ट राइड लीजिए: अगर आपको ड्राइविंग नहीं आती है तो किसी दोस्त की मदद से आप 2-व्हीलर को हाइवे और सड़क पर चलाकर देखिए।
  • बातों पर विश्वास न करें: आप 2-व्हीलर की कीमत के हर अलग-अलग भागों के समझिए, चाहे वो एक्स-शोरूम कीमत हो या आरटीओ का खर्च।
  • मोलभाव करें: जैसे नकद में भुगतान करने पर कई डीलर ज्यादा छूट देते हैं।

 

  1. क्या आपने बीमा लिया है?

इस बात में दो राय नहीं है कि भारत की सड़के नहीं है। साल 2014 में 489,400 सकड़ दुर्घटनाएं हुईं थी और इसमें 137,000 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इन आंकड़ों में 30 फीसदी हिस्सा 2-व्हीलर्स का है और कार-जीप दुर्घटनाओं का हिस्सा 22.7 फीसदी है।

इसलिए न सिर्फ 2-व्हीलर का बीमा कराना आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि इससे दूसरे व्यक्ति को हुए नुकसान की भरपाई का बोझ भी हटता है।

आमतौर पर 2-व्हीलर की कीमत में ही बीमा का भी खर्च जुड़ा होता है, लेकिन जरूरी है कि आपको पता हो कि क्या बातें बीमा के तहत आती हैं और कौन सी नहीं – दुर्घटना के कवर के अलावा बाइक या स्कूटर के कलपुर्जे का बीमा और दूसरी शर्तें।

आईसीआईसीआई लोंबार्ड जैसे बीमा कंपनियों द्वारा लंबी अवधि का 2-व्हीलर बीमा लाने से अब हर साल बीमा कराने की जरूरत नहीं है, बल्कि तीन साल में बस एक बार बीमा कराना होगा। साथ ही, इन बीमा पॉलिसी की मदद से थर्ड पार्टी बीमा की कीमत बढ़ने का भी आप पर असर नहीं होगा। ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

2-व्हीलर खरीदने का बड़ा फैसला लेने के पहले थोड़ी छानबीन करना जरूरी है। बताई गई बातों का ध्यान रखकर आप अपने लिए उपयुक्त 2-व्हीलर का चुनाव कर पाएंगे। अगर आप कार खरीदने के बारे सोच रहे हैं तो आप इस फेस्टिव सीजन में कार खरीदने की विस्तृत गाइड जरूर पढ़ें।