आपकी एसआईपी मैच्योर होने पर अपने पैसे का क्या करें?

जब आपके पास मैच्योर हुई एसआईपी से मिला पैसा हो, तो सबसे अच्छा निवेश विकल्प कैसे चुनें?

आपकी एसआईपी मैच्योर होने पर अपने पैसे का क्या करें

जैसा कि नाम से पता चलता है, एसआईपी का मतलब है सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान जिसके ज़रिए म्यूचुअल फंड निवेशक, नियमित रूप से थोड़ा-थोड़ा करके निवेश कर सकते हैं. इससे म्यूचुअल फंड निवेश के तरीके में थोड़ा अनुशासन आता है और लंबी अवधि के नतीजे भी मिलते हैं. यह सब पावर ऑफ़ कंपाउंडिंग और एवरेज कॉस्टिंग की मदद से संभव हो पाता है. जब आप अपने एसआईपी में हर महीने थोड़े थोड़े पैसे भरना जारी रखते हैं, तो टेन्योर पूरा होने तक फंड का पैसा बढ़कर बहुत सारा हो जाता है. 

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एसआईपी मैच्योरिटी कैलकुलेटर की सहायता से, आप किसी ख़ास एसआईपी मैच्योरिटी अमाउंट को पाने के लिए नियमित तौर पर पैसे जमा करने के बारे में निर्णय ले सकते हैं. और एसआईपी टेन्योर पूरा होने पर, जब आपके पास म्यूचुअल फंड रिडेम्पशन अमाउंट होता है, तो आप कई तरीकों से इसका बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं.

1. अपना टेन्योर बढ़ाना 

अगर आप एसआईपी की परफॉरमेंस से संतुष्ट हैं और आप पर कोई पैसे चुकाने को लेकर बोझ भी नहीं है, तो आप एसआईपी के मैच्योर हुए निवेशों का टेन्योर बढ़ाने का विकल्प चुन सकते हैं. एसआईपी एक सरल तरीके से निवेश करने का ज़रिया है. आप अपनी आर्थिक स्थिति के आधार पर टेन्योर के साथ-साथ मासिक किस्त को बढ़ा या घटा सकते हैं. कई निवेशक लंबे समय तक चलने वाली एसआईपी चुनते हैं, जिसमें आप जब तक चाहें निवेशित रह सकते हैं. निवेशक, टेन्योर के दौरान अपनी एसआईपी को कुछ समयावधि के लिए रोक सकते हैं. संक्षेप में कहें, तो एसआईपी सरल और आसानी से वापस लिए जाने वाले निवेश हैं जिनका टेन्योर मैच्योर होने पर आराम से और समय के लिए बढ़ाया जा सकता है.

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2. पैसे को अलग-अलग एसेट में निवेश करना 

पैसे से फ़ायदा उठाने के लिए, उसे अलग-अलग एसेट में निवेश करना एक बेहतर ख्याल होगा. आपको अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से अपनी प्राथमिकताओं का आकलन करना होगा और निवेश के सही विकल्पों को चुनना होगा. अगर आप मार्किट-लिंक्ड ग्रोथ से कमाना चाहते हैं, तो शेयरों या म्यूचुअल फंड में लम्पसम (एकमुश्त) निवेश करना एक अच्छा विकल्प है. दूसरी ओर, अगर आप रिटायर होने वाले हैं और/या लगातार कुछ कमाई करना चाहते हैं, तो पारंपरिक निवेश जैसे बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट, सरकारी बॉन्ड, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स वगैरह दोबारा निवेश के सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखे जा सकते हैं. अगर आपके पास ज़्यादा पैसा है, तो आप रियल एस्टेट में भी निवेश कर सकते हैं और एक किराये से होने वाली नियमित आय पाने का विकल्प तलाश सकते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपका निवेश आसानी से बेचा जा सके, तो सोना एक और विकल्प है.

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3. वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करना 

आपने अपने कुछ वित्तीय लक्ष्यों को पाने के लिए एसआईपी में निवेश करना शुरू किया होगा. यह आपके बच्चे की पढ़ाई को पूरा करने, एक बड़ा घर या कार खरीदने या छुट्टी पर विदेश जाने के लिए हो सकता है. एसआईपी टेन्योर के दौरान प्राथमिकताएं बदल सकती हैं, लेकिन अगर सब कुछ सही से चले, तो आप उन वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर सकेंगे जिन्हें आप हासिल करना चाहते थे. मैच्योर हुई एसआईपी से मिले पैसे का इस्तेमाल किसी भी बकाया देनदारी और ब्याज के पैसे को चुकाने के लिए किया जा सकता है जिसकी आप पर ज़िम्मेदारी है.

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और आखिर में

कुल मिलाकर, अगर आप अपने फंड मैनेजर से संतुष्ट हैं, तो आप एसआईपी जारी रख सकते हैं. इस पैसे को फिर से निवेश करने के लिए अलग-अलग एसेट में लगाना एक अच्छा विकल्प है, इसमें स्टॉक, सरकारी निवेश या अन्य फिक्स्ड एसेट में निवेश करना शामिल है. निवेश से मिले पूरे पैसे को अपनी विशलिस्ट पर खर्च करना भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है. लेकिन जो भी आप चुनते हैं, सभी विकल्पों पर विचार करें और निर्णय लेने से पहले अपनी वित्तीय आवश्यकताओं और उद्देश्य के बारे में स्पष्टता रखें. मैच्योरिटी के लाभ: बीमा खरीदते समय कौन सी बातें जानना ज़रूरी है

अस्वीकरण: यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी देने के लिए है और इसे निवेश या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए. कोई भी निवेश के निर्णय लेने से पहले आपको किसी जानकार से भी निष्पक्ष सलाह लेनी चाहिए. 

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