आप एक संगठित और समयबद्ध तरीके से अपनी वित्तीय आकाक्षाओं को पूरा करने के लिए म्यूचुअल फंड निवेश का लाभ उठा सकते हैं।

इंडेक्स फंड्स से असेट अलोकेशन फंडों से लेकर गोल्ड फंड्स से ईएलएसएस तक, कई प्रकार के म्यूचुअल फंड होते हैं, जो आपको हर वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

हरेक वित्तीय आवश्यकता के लिए एक म्यूचुअल फंड उपलब्ध है।

अलग-अलग व्यक्तियों की ही तरह हमारी भी अलग वित्तीय आवश्यकताएं होती हैं। और ये समय के साथ लगातार बदलती रहती हैं। उदाहरण के लिए, आप छह महीने बाद विदेश यात्रा के लिए पैसे बचाना चाहते हैं या किसी बड़ी कार खरीदने की योजना बनाते हैं। कुछ वर्षों बाद आप परिवार बसाना शुरु करते हैं, अपने बच्चों की शिक्षा के लिए पैसे बचाना एक अहम लक्ष्य बन सकता है। फिर, आपके सपने के घर की खरीद पर डाउन पेमेंट भी लगते हैं। और आखिरकार, आपको सेवानिवृत्ति के बाद के सुविधाजनक जीवन के लिए पर्याप्त पैसे की आवश्यकता होगी। 

यह लघु, मध्यम और दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों का एक विविधतापूर्ण मिश्रण है। जीवन की तेजी से बढ़ती लागत को देखते हुए, इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ने केवल पैसे की बचत करना, बल्कि अणनैतिक रूप से उनका निवेश करना भी आवश्यक होता है और म्यूचुअल फंड्स इसमें एक अच्छा विकल्प साबित होता है। चाहे आप लंबे समय में मध्यम रफ़्तार से धन अर्जित करना चाह रहे हैं या अपने अफंड को शॉर्ट-टर्म लाभों में लगाना चाहते हैं, म्यूचुअल फंड आपको अपने निवेश पोर्टफोलियों में विविधता लाने और आपके वित्तीय उद्देश्यों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। 

म्यूचुअल फंड्स एक वन-स्टॉप समाधान है, जो सभी आयु वर्ग, सभी आय वर्गों और पुराने और नए दोनों ख्यालात के लोगों के लिए कुछ न कुछ पेश करते हैं। पर म्यूचुअल फंड के इतने प्रकार के होने से, उनमें से किसी एक का चुनाव करना काफी पेंचीदा साबित हो सकता है। पहला चरण है अपनी जरूरतों को समझना और यह जानना कि आपका लक्ष्य क्या है। इन बातों का निर्धारण हो जाने के बाद, यह जानने की कोशिश करें कि आप किस हद तक जोखिम उठा सकते हैं - जो मुख्यतः आपकी आयु और करियर अवस्था पर निर्भर करता है।

इसके अलावा म्यूचुअल फंड का चुनाव करते समय आपके निवेश की अवधि, आपके जोखिम उठाने की क्षमता भी एक अहम भूमिका निभा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप बार-बार बाजार में होने वाले उतार-चढ़ावों से अवगत हैं, तो आप हाई इक्विटी एक्सपोजर से निपटना चाहेंगे, पर यदि आप जोखिम उठाना चाहते हैं और उस योग्य हैं, तो इक्विटी फंड्स आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आखिर में, यह सभी बातें इस बात पर निर्भर करती है कि आप वित्तीय जोखिम उठाने के प्रति कितने अनिच्छुक हैं।

लक्ष्य: कर नियोजन

  • इक्विटी-लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस)

करों के ऊपर बचत का आनंद कौन नहीं उठाता? ईएलएसएस को विशेष रूप से कर बचत करने के लिए तैयार किया जाता है। ईएलएसएस के साथ आप न केवल कर बचा सकते हैं, बल्कि पैसे भी कमा सकते हैं। आपका ईएलएसएस निवेश आपको आय कर अधिनियम की धारा 80C के तहत रु. 1.5 लाख की कटौती का दावा करने और कर के रूप में रु.46,800 की बचत करने की अनुमति देता है। आपकी वित्तीय जरूरतों के आधार पर, आप मध्यम अवधि (3-5 वर्ष) के लिए या लंबी अवधि (5+ वर्ष)‌ के लिए निवेश कर सकते हैं। इक्विटी-लिंक्ड होने के कारण, उनमें अन्य कर-बचत इंस्ट्रुमेंटों की तुलना में अधिक ऊंचे रिटर्न की संभावना होती है। ईएलएसएस 3 वर्ष के लॉक-इन अवधि के साथ आता है; जो धारा 80C के तहत सभी उपलब्ध विकल्पों में सबसे कम है।

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लक्ष्य: घर खरीदना

  • डाइनैमिक असेट अलोकेशन फंड

अपना खुद का घर होना कइयों के लिए एक पूरे जीवन का सपना होता है। यह किसी व्यक्ति द्वारा की जाने वाली संभवतः सबसे बड़ी खरीददारी होती है। भले ही आप होम लोन ले सकते हैं, आपको डाउन पेमेंट का भुगतान करना होता है, जो अपने आप में एक बड़ी धनराशि होती है। डाइनैमिक असेट अलोकेशन फंड आपके अपने घर के डाउन पेमेंट के भुगतान के लिए पैसे जमा करने का एक आदर्श तरीका होता है। ये हाइब्रिड फंड होते हैं, जो इक्विटीज और डेट इंस्ट्रुमेंट्स के मिश्रण में निवेश करते हैं। सर्वोत्तम इक्विटी-डेट संयोजन का निर्धारण करने के लिए नियम-आधारित मॉडलों के साथ, हाइब्रिड फंड्स बाजार की दशाओं के आधार पर मिक्स को पुनर्संतुलित करते हैं, क्योंकि उनका लक्ष्य ली गई जोखिम के लिए हरसंभव संवोत्तम रिटर्न प्रदान करना है।

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लक्ष्य: नियमित आय

  • सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान

निरंतर रूप से आय प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए, सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान एक अच्छा विकल्प है। यह आपको अपने म्यूचुअल फंड से नियमित रूप से (या तो मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक) एक निश्चित धनराशि निकालने की अनुमति देता है।

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लक्ष्य: सेवानिवृत्ति धनराशि

  • विविधतापूर्ण इक्विटी फंड

सेवानिवृत्ति के लिए योजना कभी भी बनाई जा सकती है। आदर्श रूप से कहें, तो आपको अपनी आयु के 30वें दशक में प्रवेश करते ही इसकी शुरुआत कर देनी चाहिए। इस तरह आप इक्विटी फंड्स में सक्रिय रूप से निवेश करना शुरु कर सकते हैं और अपनी सेवानिवृत्ति के लिए अच्छी खासी धनराशि जमा कर सकते हैं। भले ही यह जोखिम भरा हो सकता है, सही इक्विटी फंड आपको व्यापक बाजार से अधिक प्रदर्शक करने और बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में बेहतर रिटर्न प्राप्त करने में भी मदद कर सकते हैं। यहां बताया जा रहा है कि आप कैसे इक्विटी म्यूचुअल फंड का चुनाव करेंगे

  • असेट अलोकेशन फंड

आपकी उम्र बढ़ने से आपके निवेश पोर्टफोलियों में भी बदलाव की जरूरत होती है, जो जोखिम उठाने की आपकी इच्छा और आपकी वित्तीय परिस्थितियों पर आधारित होता है। असेट अलोकेशन फंड्स आपकी आयु की अवस्था से जुड़े होते हैं - यानी वे धीरे-धीरे इक्विटीज जैसी अस्थिर संपत्तियों के एक्सपोजर को घटाते हैं और आपकी आयु के साथ धीरे-धीरे अधिक स्थिर विकल्पों की ओर बढ़ते हैं, जैसे कि बॉन्ड्स, डिपॉजिट्स और नकद। ये फंड तब अच्छा विकल्प होते हैं, जब आप अपने असेट अलोकेशन का पुनर्संतुलन अपने फंड मैनेजर के ऊपर छोड़ना चाहते हैं।

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लक्ष्य: बच्चों की शिक्षा तथा विवाह

  • इंडेक्स फंड

अपेक्षाकृत एक सुरक्षित विकल्प, इंडेक्स फंड ऐसे स्टॉक्स में निवेश करते हैं, जो इंडेक्स उनकी मात्रा के अनुसार समान अनुपात में अपने बेंचमार्क इंडेक्स निर्मित करते हैं। नतीजतन, वे बेंचमार्क के प्रदर्शन को मैच करते हैं। यह उन निवेशकों के लिए कमाल है, जो इंडेक्स रिटर्न्स के लिए संतुष्ट होते हैं और उसका मुकाबला करने में ज्यादा रुची नहीं रखते। इस प्रकार का निष्क्रिय निवेश सक्रिय रूप से प्रबंधित फंडों की तुलना में काफी सस्ता भी होता है। इन फंडों में निवेश उन लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए उपयुक्त होते हैं, जिनके पास कम से कम 7 सालों का एक निवेश अनुभव हो।

  • गोल्ड फंड

सोने को मूल्यवान माना जाता है और यह हमारे देश में शादी-विवाह के मौके पर एक अभिन्न हिस्से के रूप में कार्य करता है। अपने बच्चे की शादी पर इस महंगी धातु का प्रदर्शन करने के लिए आप गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) की यूनिट्स खरीदना शुरु कर सकते हैं। प्रत्येक यूनिट 24k सोने के 1 ग्राम के बराबर होती है। कागज के रूप में सोने की खरीददारी, सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक होती है। आप इन निवेशों को आसानी से तरलीकृत भी कर सकते हैं। अपने बच्चे की शिक्षा की योजना बनाने और फंड जमा करने के लिए म्यूचुअल फंड्स का इस्तेमाल करना

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लक्ष्य: निकट अवधि के लिए बचत

  • मीडियम-टर्म डेट फंड

मीडियम-टर्म डेट फंड्स आपको अपने निकट अवधि के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। यदि आप अब से छह महीने के बाद एक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आप अपने फंड को कम अस्थिर मीडियम-टर्म डेट फंड में लगा सकते हैं, जो ब्याज दर के गिरने पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं। स्टॉक मार्केट से डीलिंक होने के कारण, वे स्थिर होते हैं और 12-15 महीने बाद के वित्तीय लक्ष्यों के लिए पैसे की बचत के लिए काफी उपयुक्त होते हैं।

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अंतिम शब्द

किसी म्यूचुअल फंड को यूं ही चुन लेना आपके लक्ष्यों को पूरा नहीं करता है। इसलिए प्रत्येक म्यूचुअल फंड से जुड़ी जोखिम और उनसे मिलने वाले फ़ायदों के लिहाज से तमाम म्यूचुअल फंड को समझना महत्वपूर्ण हो जाता है। आपके पास तमाम तरह के म्यूचुअल फंड हैं जिनसे आप सही फंड का चुनाव कर सकते हैं, हरेक का अलग-अलग निवेश उद्देश्य होता है, इसलिए आगे बढ़ने से पहले काफी जांच-पड़ताल कर लें। म्यूचुअल फंड्स के लिए बाजार के नुकसान का क्या अर्थ है?अपने प्रश्नों के उत्तर के लिए इसे पढ़ें।




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