How to start SIP investment in mutual funds?

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए एसआईपी के माध्यम से नियमित छोटी रकम के साथ निवेश किया जा सकता है।

म्यूचुअल फंड एसआईपी

Online SIP: यदि आप म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए नए हैं तो जरूर जानिए कि Systematic Investment Plan (एसआईपी) में निवेश कैसे शुरू किया जा सकता है?

एसआईपी लक्ष्य आधारित योजना ( SIP Goal Based Planning

यह म्यूचुअल फंड में निवेश का एक तरीका है जिसमें नियमित अंतराल पर छोटी राशि का निवेश किया जाता है।

अपनी इसी खूबी के कारण एसआईपी लक्ष्य निर्धारित करने के लिए बहुत फायदेमंद साबित होती है।

कार खरीदने, उच्च शिक्षा, या मकान बनवाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निवेशक आवश्यकता के अनुसार एसआईपी तय कर सकते हैं। 

एसआईपी वर्तमान बजट से समझौता किए बगैर भविष्य की योजना और लक्ष्य प्राप्त करने में मदद करता है। 

2023 में निवेश करने के लिए सर्वश्रेष्ठ योजनाएँ 

  • ₹100 के एसआईपी के लिए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल टेक्नोलॉजी फंड और निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड SIP के लिए बेस्ट स्कीम रही। 
  • ₹500 के एसआईपी के लिए एसबीआई कॉन्ट्रा फंड और एसबीआई टेक्नोलॉजी अपॉर्च्युनिटीज फंड ने शानदार प्रदर्शन किया है। 
  • इसी के साथ ₹1000 की एसआईपी के लिए पीजीआईएम इंडिया मिडकैप अपॉर्च्युनिटीज फंड सर्वश्रेष्ठ योजना रही। 

एसआईपी निवेश कैसे शुरू करें?

म्यूचुअल फंड कैल्क्युलेटर को एसआईपी कैल्क्युलेटर के रूप में भी जाना जाता है। अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सही आकलन करने में यह सहायता करता है। म्यूचुअल फंड कैल्क्युलेटर से एसआईपी के जरिए जमा की जाने वाली राशि तय की जाती है। इससे भविष्य की योजना के लिए समय सीमा और एसआईपी में निवेश की वृद्धि आदि के बारे में भी हिसाब किया जा सकता है।

म्यूचुअल फंड कैल्क्युलेटर में कुछ जानकारी देनी पड़ती है जैसे निवेशक की आय, उसकी वर्तमान बचत राशि, रिटर्न आदि। 

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एसआईपी शुरू करने का क्रमवार तरीका 

  1. एक उद्देश्य का निर्धारण 

एसआईपी शुरू करने के लिए सबसे पहले निवेश के लक्ष्य या उद्देश्य परिभाषित करके उस आधार पर निवेश की अवधि, किस प्रकार की योजना और अपेक्षित रिटर्न आदि तय किए जा सकते हैं। 

दो वर्षों बाद ही उच्च शिक्षा के लिए रकम की जरूरत है तो उस आधार पर डेट (debt) फंड में निवेश किया जा सकता है। 

  1. निवेश की अवधि निर्धारण 

दूसरा कदम होता है, निवेश की अवधि तय करना जिससे कितने समय में रिटर्न की उम्मीद है उस आधार पर निवेश की रकम भी तय की जा सकती है। 

  1. केवाईसी का अनुपालन (KYC compliance)

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले हर व्यक्ति की केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। केवाईसी ऑनलाइन या ऑफ़लाइन दोनों तरीके से की जा सकती है। 

  1. सही योजना का चुनाव 

एसआईपी को इक्विटी फंड के संदर्भ में भी समझा जा सकता है। यानी किसी भी योजना में निवेश के पहले उसकी पूरी जानकारी और पिछला रेकॉर्ड जाँच लेना चाहिए ताकि जोखिम का सही अनुमान लगाया जा सके। इसके बाद ही यह तय किया जा सकता है कि जोखिम और आवश्यकताओं का कोई मेल बैठता है या नहीं। म्यूचुअल फंड को केवल नाम के आधार पर न चुने बल्कि प्रबंधन और कंपनी की साख का भी ध्यान रखना चाहिए 

  1. निवेश की राशि और तिथि तय करना 

निर्धारित अंतराल में नियमित रूप से जमा की जाने वाली इस राशि को एसआईपी कैल्क्युलेटर की मदद से सही-सही तय किया जा सकता है। राशि तय करते समय उद्देश्यों की प्राप्ति और लगने वाले समय का जरूर ध्यान रखना चाहिए। साथ ही निवेश की तारीख भी विचारपूर्वक तय करनी चाहिए ताकि अनुशासित रूप से बचत की जा सके और आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।

  1. निवेश का पुनस्संतुलन (मॉनिटर एंड रीबैलेंस) 

अपने निवेश से अपेक्षित रिटर्न के लिए उसका पुनर्संतुलन और निगरानी करना बहुत जरूरी होता है। समय-समय पर यह जरूर जाँचें कि निवेश अपेक्षा के अनुसार परिणाम दे रहा है या नहीं। साथ ही अपने निवेश को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पोर्टफोलियो का पुनर्संतुलन और आकलन आवश्यक है । 

एसआईपी खरीदें ऑनलाइन 

नई तकनीक के फायदे ये हैं कि एसआईपी की सुविधा ऑनलाइन भी मौजूद है। आप म्यूचुअल फंड संस्था से सीधे तौर पर एसआईपी ले सकते हैं या किसी म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर की सहायता से भी यह प्राप्त की जा सकती है। 

म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर से एसआईपी लेने का एक फायदा यह भी होता है कि डिस्ट्रीब्यूटर की ओर से लोगों को योजना और अन्य जानकारी भी मिल जाती है।

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