PSU equity funds can be invested in shares and sectors of BSE PSU index: पीएसयू इक्विटी फंड से किया जा सकता है बीएसई पीएसयू इंडेक्स के शेयरों और सेक्टर में निवेश

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने पीएसयू इक्विटी फंड नाम से नई स्कीम आरंभ की

इक्विटी फंड

ICICI Prudential: भारत के म्यूचुअल फंड के क्षेत्र में दूसरा स्थान रखने वाली कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने एक नया पीएसयू इक्विटी फंड लॉन्च किया है। कंपनी ने इस स्कीम से बीएसई पीएसयू इंडेक्स के शेयरों और सेक्टरों में निवेश करने का तय किया है। इस पीएसयू इक्विटी फंड स्कीम से लार्ज, मिड, और स्माल, हर तरह के मार्केट कैप में निवेश किया जा सकता है। इस नए फंड का प्रस्ताव यानी एनएफओ निवेश के लिए खुल चुका है और इस में 6 सितंबर 2022 तक निवेश किया जा सकता है।

वर्तमान समय में पूरी दुनिया में निजी कंपनियों का वर्चस्व है। फिर भी कुछ ऐसी सरकारी कंपनियां हैं, जिनका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। शेयर बाजार में कुछ निवेशक सरकारी कंपनियों पर सबसे अधिक यकीन करते हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने ऐसे ही निवेशकों के लिए इस पीएसयू इक्विटी फंड को शुरू किया है। अगर आप भी सरकारी कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए यह एक अच्छा अवसर है। इस पीएसयू इक्विटी फंड के एनएफओ का इरादा मूल रूप से सरकारी कंपनियों के इक्विटी और उनसे संबंधित संसाधनों में निवेश कर दीर्घकालिक संपत्ति का निर्माण करना है। 

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इस स्कीम से कहाँ-कहाँ किया जा सकता है निवेश?

खबर है कि इस स्कीम से एसएंडपी बीएसई पीएसयू इंडेक्स के शेयरों और सेक्टर में निवेश किया जा सकता है। इसमें हर तरह के मार्केट कैप में निवेश किये जाने की संभावना है। कंपनी के उत्पाद और रणनीति प्रमुख, चिंतन हरिया ने बताया कि सरकारी कंपनियां पूंजी बाजार का एक महत्वपूर्ण घटक हैं और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद ये कंपनियां निवेश करने का विस्तृत अवसर प्रस्तुत करती हैं। 

अधिकांश पीएसयू कंपनियों में सरकार की 60 प्रतिशत से अधिक की साझेदारी होती है। इन कंपनियों का मूल्यांकन भी बेहतर होता है और सरकारी कंपनियां विस्तृत बाजार की अपेक्षा बेहतर लाभांश देती हैं। पिछले 17 वर्षों में एसएंडपी बीएसई पीएसयू इंडेक्स का औसत लाभांश करीब 2.6 और एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स का लाभांश 1.3 रहा है। 

पीएसयू यानी सरकारी कंपनियां कुछ सेक्टरों में अच्छा काम कर रही हैं। फिलहाल सरकारी बैंक परिवर्तन के एक चक्र से गुजर रहे हैं। इनमें इक्विटी पर लाभ हाल ही में शुरू हुआ है और परिसंपत्ति गुणवत्ता बेहतर होने के साथ क्रेडिट लागत में भी कमी आई है। सरकार रक्षा क्षेत्र को ज्यादा आवंटन करने के साथ-साथ स्वदेशीकरण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और उपकरणों पर होने वाले विदेशी व्यय को कम करने के लिए, सशस्त्र बलों के लिए 764 अरब रुपये खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भी सरकारी कंपनियों का ही वर्चस्व है। महामारी का प्रभाव बना रहने पर भी बिजली की मांग दिनों-दिन बढ़ रही है। 

अतीत पर ध्यान दें तो पता चलता है कि अक्सर चुनावों से पहले पीएसयू कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर होता है। विश्लेषकों की राय है कि अगले चुनाव से पहले, आने वाले दो सालों में सरकारी कंपनियों से और बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा की जा सकती है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के इस फंड का प्रबंधन मित्तुल कलावाड़िया और आनंद शर्मा करने वाले हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले सोमवार यानी 6 सितंबर तक इस फंड में काफी निवेश हो सकता है। 

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