अपने म्यूच्यूअल फंड निवेशों को कब बेचें : एक त्वरित गाइड | Look out for these signs when you should sell your mutual fund

अपने म्यूच्यूअल फंड निवेश को निकालने की वजह को सही ठहराने के लिए इन ६ कारणों को देखें

अपने म्यूच्यूअल फंड निवेशों को कब बेचें

निवेश और विनिवेश ,एक ही सिक्के के दो पहलु हैं। जिस तरह म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के आपके पास कई कारण होंगे,उसी प्रकार उसे बेचने के भी कई कारण हो सकते है। आवश्यकता, निवेश योजना में बदलाव या बाहरी कारकों को इसे बंद करने के कारण ठहराए जा सकते हैं। इसलिए, यहां ६ उदाहरण दिए गए हैं जिससे आप समझ जाएं कि म्यूच्यूअल फंड को कब बेचना चाहिए।

१. निरंतर ख़राब प्रदर्शन

यह महत्वपूर्ण है कि निवेशक उनके श्रेणी बेंचमार्क या इंडेक्स फंड में अनेकों म्यूच्यूअल फंड्स के प्रदर्शन पर नियमित रूप से नज़र रखें। द्वी-वर्षीय,त्रि-वर्षीय और पांच-वर्षीय तुलना करें ताकि आप यह देख पाएं कि क्या आपके द्वारा किया गया निवेश अपने जैसे अन्य निवेशों से निरन्तर खराब प्रदर्शन तो नहीं कर रहे। आप आसानी से तृतीय पक्ष की जानकारी हासिल कर सकते हैं ताकि आप एक फंड के विभिन्न जोखिमों और रिटर्न मापकों द्वारा उसके प्रदर्शन का आंकलन कर सकते हैं। हालांकि, यदि आपके फंड ने केवल थोड़े ही समय में यदि ख़राब प्रदर्शन किया हो या ये एक नया फंड हो तो इस फंड से निकलने की जल्दबाज़ी न करें।

२. निवेश जनादेश में कोई परिवर्तन

निवेशक अपने फंड्स को विशिष्ट वित्तीय उद्देश्य,जोखिम क्षमता और एसेट आवंटन कारक के आधार पर चुनते हैं। आप निवेश जनादेश में आये परिवर्तन के कारण अपने फंड्स को बेचने पर विचार कर रहे होंगे। उदाहरण के लिए, मान लेते हैं कि आपने किसी मल्टी-कैप फंड में निवेश किया जिसके पोर्टफोलियो में अब मिड-कैप स्टॉक्स ज्यादा भरे हो। इससे आपके फंड का जोखिम स्तर बढ़ जाता है ,जो कि एक औसत जोखिम-प्रिय निवेशक के लिए शायद उचित न हो। तिमाही फंड रिपोर्ट का आंकलन करके उसकी तुलना करने से आपको यह समझने में आसानी होगी कि आपके फंड के निवेश विकल्पों में कोई ज्ञात या अज्ञात बदलाव तो नहीं हुए हैं।

३ निवेशों का ओवरलैप (एक ही जैसा होना)

जिन निवेशकों का म्यूच्यूअल फंड योजनाओं में पोर्टफोलियो होता है ,वे अनजाने में स्टॉक होल्डिंग को ओवरलैप कर देते हैं। ये आमतौर पर किसी लार्ज-कैप या ब्लू चिप स्टॉक्स के साथ होता है जो एक पोर्टफोलियो को बहुत अच्छी स्थिरता देते हैं। आपको ऐसे म्यूच्यूअल फंड्स को बेचने पर विचार करना चाहिए जिसका किसी विशेष स्टॉक या होल्डिंग से मिलते जुलते फंड में ज्यादा निवेश है और यह विविधता के इष्टम स्तर को प्राप्त करने में कोई मदद नहीं कर पा रहा। फिर से, आपको अपने पोर्टफोलियो में सभी फंड के रिपोर्ट को जांचना होगा और रिटर्न , होल्डिंग अवधी,कर दक्षता आदि का आंकलन करके यह समझना चाहिए कि आपको किस फंड से निकलना चाहिए।

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४. फंड प्रबंधक /स्वामित्व में परिवर्तन

हर फंड प्रबंधक और एसेट प्रबंधन कंपनियों के अपने अलग निवेश का तरीका होता है जो पैसे को संभालने के तरीके में झलकता है। स्वामित्व या मुख्य फंड प्रबंधन समूह में परिवर्तन से आपके उनके साथ निवेश में भी असर पड़ सकता है। कभी-कभी, निरंतर खराब प्रदर्शन या निवेश अधिदेश में परिवर्तन भी इस बदलाव के कारण हो सकते हैं।

५ .एसेट आवंटन में पुनर्संतुलन

इक्विटी आधारित म्यूच्यूअल फंड्स,बाजार की अस्थिरता के अधीन होते हैं।इसलिए,हर ६ महीने में कम से कम एक बार इसके प्रदर्शन का आंकलन करना चाहिए ताकि एसेट आवंटन की जांच होती रहे। यदि आपके म्यूच्यूअल फंड्स कुछ समय में सामान्य से अधिक रिटर्न देते हैं ,तो आप उस लाभ की राशि के समान्तर फंड्स की इकाइयों को बेचकर कुछ लाभ का हिस्सा निवेश से निकाल सकते हैं और अन्य कम बढ़ने वाले एसेट्स पर फिर से निवेश कर सकते हैं। यदि आप विभिन्न म्यूच्यूअल फंड्स से इकाइयां कम कर रहे हैं ,तो याद रखें कि आप प्राप्त लाभ के अनुपात में यह करें और वास्तविक एसेट आवंटन वापस वैसा ही रहे।

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६. लक्षित मूल्यवृद्धि प्राप्त करना

रिटायरमेंट की योजना बना रहे हैं ,बच्चों की शिक्षा के लिए बचत कर रहे हो या एक घर के डाउन पेमेंट के लिए बचत कर रहे हो , ये वे कुछ बड़े जीवन के लक्ष्य हैं जिसके लिए निवेशक म्यूच्यूअल फंड्स का चयन करते हैं। इन निवेशों को रिडीम करने का एक स्पष्ट कारण यह हो सकता है कि आपने आपका लक्ष्य प्राप्त कर लिया हो या जिस उद्देश्य से निवेश किया गया हो ,वो अब काफी नज़दीक है। अपने निवेश को भुनाने में ही समझदारी होगी और उस कोष को एक निश्चित आय वाले एसेट में लगाना चाहिए ताकि आपके लाभ और आपकी पूंजी, बाज़ार की अस्थिरता से सुरक्षित रहे।

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अंतिम पंक्तियाँ

जल्दबाज़ी में निर्णय लेने से बचें ,सिर्फ इसलिए कि आपने हाल ही में अच्छा-ख़ासा लघुकालिक हानि का सामना किया हो या असामान्य लाभ प्राप्त किया हो। अपने निर्णयों के कराधान और नियामक पहलु ध्यान रखें। आप पर लाभ पर पूंजीगत लाभ कर चुकाने का दायित्व होगा या आपके पास कर हानि को कम करने का अवसर होगा। फंड से निकलने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार और चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें ताकि आप सारे पहलुओं को कवर कर पाएं। मिलेनियल्स म्यूचुअल फंड पर बड़ा दांव लगा रहे हैं ।

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