Share market on all-time high, breaking its own records: शेयर बाजार में अभूतपूर्व उछाल, बाजार ने तोड़े अपनी ही रिकॉर्ड

वैश्विक बाजार में अनिश्चितता होने के बावजूद भारत में शेयर बाजार में अभूतपूर्व उछाल दिख रहा है।

भारत में अभूतपूर्व तेजी दिख रही है

Mutual fund alert: शेयर बाजार अपने सब ‘ऑल-टाइम हाई’ पर पहुँच चुका है जबकि वैश्विक बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। शेयर बाजार एक के बाद एक नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है जिसके चलते नवंबर के महीने में खासी तेजी देखी गई थी और यही सिलसिला दिसंबर में भी शुरू हो चुका है। 

1 दिसंबर को सेंसेक्स 63,583 अंकों पर तो निफ्टी 18,888 के उच्चतम स्तर पर पहुँच चुका था। इसके चलते कहा जा सकता है कि बाजार ने अपने नुकसान या गिरावट की भरपाई कर ली है। इस बीच इक्विटी और म्यूचुअल फंड के निवेशकों को बड़ी मात्रा में मुनाफा हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि आगे निवेशक की क्या रणनीति होनी चाहिए? 

निफ्टी और सेंसेक्स का रिटर्न 

2022 में उतार-चढ़ाव देखने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी का रिटर्न 9% तक पहुँच गया था। तुलनात्मक रूप से देखें तो 1 जनवरी से लेकर अब तक निफ्टी में करीब 1500 अंकों की बढ़ोतरी हुई है और सेंसेक्स में 5000 अंकों की वृद्धि हुई। दूसरी तिमाही के अंत में यानी जून 2022 से शेयर बाजार में संशोधन होना शुरू हो गया था। 17 जून 2022 तक निफ्टी 15,183 तक जबकि सेंसेक्स 50,981 के स्तर तक गिर चुका था।

म्यूचुअल फंड में बरतें सावधानी 

बीएनपी फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम ने म्यूचुअल फंड के निवेशकों को सावधानी बरतने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि जबकि बाजार अपने उच्चतम शिखर पर पहुँच चुका है लेकिन अनिश्चितताएँ अभी खत्म नहीं हुई हैं। इस कारण निकट भविष्य में कई संशोधन देखने को मिल सकेंगे। म्यूचुअल फंड के निवेशकों को चाहिए कि वे सावधानी बरतें। खासकर वे निवेशक जिन्होंने फाइनेंशियल गोल की प्राप्ति कर ली हो और उनकी उम्र अधिक हो। 

यह भी पढ़ें: वैल्यू फंड कैसे अलग है?

प्रॉफिट बुकिंग 

अधिक उम्र के और फाइनेंशियल गोल प्राप्त कर चुके निवेशकों के लिए सलाह दी है कि उन्हें प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर देनी चाहिए। यदि सिस्टमैटिक विड्रॉल यानी निवेश को योजनाबद्ध तरीके से बाहर निकालना उनके लिए सही होगा। वे पैसे डेट (debt) या फिक्स्ड इनकम प्लान में निवेश कर सकते हैं। 

फाइनेंशियल गोल निकट हो 

यदि किसी निवेशक ने कार खरीदने के लिए एसआईपी (SIP) द्वारा ₹8 लाख जुटाने का लक्ष्य रखा हो और यदि यह रकम लक्ष्य के निकट पहुँच चुकी हो और कार खरीदने में चार-पाँच महीने का ही समय बचा हो तो यह पैसे निकाले जा सकते हैं। ये पैसे बैंक में किसी कम अवधि के डेट प्लान में निवेश किए जा सकते हैं। ऐसा करने से बाजार की गिरावट का असर भी नहीं पड़ेगा और लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकेगा।


नौजवान निवेशक अपनाएँ यह रास्ता 

कम उम्र के निवेशकों (यंग जेनरेशन) के लिए निगम सलाह देते हैं कि उनके पास समय की कमी नहीं है। इसलिए कई तरह के लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश प्लान का फायदा उठा सकते हैं। यदि उन्हें पैसों की तुरंत आवश्यकता नहीं हो तो एसआईपी के जरिए निवेश में बने रह सकते हैं। यदि पैसों की आवश्यकता हो तो कुछ राशि निकालकर इक्विटी या डेट में या किसी भी इमरजेंसी फंड के लिए सुरक्षित रखी जा सकती है। उनके पास विभिन्न परिसंपत्ति या मल्टी एसेट में भी निवेश का अच्छा विकल्प है। मल्टी एसेट में निवेश उनके कुल निवेश का 20% हो सकता है। 

यह भी पढ़ें: अपना म्यूच्यूअल फण्ड पोर्टफोलियो के सुझाव

Mutual Fund Investors के लिए खुशखबरी

Mutual fund alert: शेयर बाजार अपने सब ‘ऑल-टाइम हाई’ पर पहुँच चुका है जबकि वैश्विक बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। शेयर बाजार एक के बाद एक नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है जिसके चलते नवंबर के महीने में खासी तेजी देखी गई थी और यही सिलसिला दिसंबर में भी शुरू हो चुका है। 

1 दिसंबर को सेंसेक्स 63,583 अंकों पर तो निफ्टी 18,888 के उच्चतम स्तर पर पहुँच चुका था। इसके चलते कहा जा सकता है कि बाजार ने अपने नुकसान या गिरावट की भरपाई कर ली है। इस बीच इक्विटी और म्यूचुअल फंड के निवेशकों को बड़ी मात्रा में मुनाफा हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि आगे निवेशक की क्या रणनीति होनी चाहिए? 

निफ्टी और सेंसेक्स का रिटर्न 

2022 में उतार-चढ़ाव देखने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी का रिटर्न 9% तक पहुँच गया था। तुलनात्मक रूप से देखें तो 1 जनवरी से लेकर अब तक निफ्टी में करीब 1500 अंकों की बढ़ोतरी हुई है और सेंसेक्स में 5000 अंकों की वृद्धि हुई। दूसरी तिमाही के अंत में यानी जून 2022 से शेयर बाजार में संशोधन होना शुरू हो गया था। 17 जून 2022 तक निफ्टी 15,183 तक जबकि सेंसेक्स 50,981 के स्तर तक गिर चुका था।

म्यूचुअल फंड में बरतें सावधानी 

बीएनपी फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम ने म्यूचुअल फंड के निवेशकों को सावधानी बरतने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि जबकि बाजार अपने उच्चतम शिखर पर पहुँच चुका है लेकिन अनिश्चितताएँ अभी खत्म नहीं हुई हैं। इस कारण निकट भविष्य में कई संशोधन देखने को मिल सकेंगे। म्यूचुअल फंड के निवेशकों को चाहिए कि वे सावधानी बरतें। खासकर वे निवेशक जिन्होंने फाइनेंशियल गोल की प्राप्ति कर ली हो और उनकी उम्र अधिक हो। 

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प्रॉफिट बुकिंग 

अधिक उम्र के और फाइनेंशियल गोल प्राप्त कर चुके निवेशकों के लिए सलाह दी है कि उन्हें प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर देनी चाहिए। यदि सिस्टमैटिक विड्रॉल यानी निवेश को योजनाबद्ध तरीके से बाहर निकालना उनके लिए सही होगा। वे पैसे डेट (debt) या फिक्स्ड इनकम प्लान में निवेश कर सकते हैं। 

फाइनेंशियल गोल निकट हो 

यदि किसी निवेशक ने कार खरीदने के लिए एसआईपी (SIP) द्वारा ₹8 लाख जुटाने का लक्ष्य रखा हो और यदि यह रकम लक्ष्य के निकट पहुँच चुकी हो और कार खरीदने में चार-पाँच महीने का ही समय बचा हो तो यह पैसे निकाले जा सकते हैं। ये पैसे बैंक में किसी कम अवधि के डेट प्लान में निवेश किए जा सकते हैं। ऐसा करने से बाजार की गिरावट का असर भी नहीं पड़ेगा और लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकेगा।


नौजवान निवेशक अपनाएँ यह रास्ता 

कम उम्र के निवेशकों (यंग जेनरेशन) के लिए निगम सलाह देते हैं कि उनके पास समय की कमी नहीं है। इसलिए कई तरह के लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश प्लान का फायदा उठा सकते हैं। यदि उन्हें पैसों की तुरंत आवश्यकता नहीं हो तो एसआईपी के जरिए निवेश में बने रह सकते हैं। यदि पैसों की आवश्यकता हो तो कुछ राशि निकालकर इक्विटी या डेट में या किसी भी इमरजेंसी फंड के लिए सुरक्षित रखी जा सकती है। उनके पास विभिन्न परिसंपत्ति या मल्टी एसेट में भी निवेश का अच्छा विकल्प है। मल्टी एसेट में निवेश उनके कुल निवेश का 20% हो सकता है। 

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