5 आम निवेश गलतियाँ जो आपके रिटर्न को बाधित कर सकती हैं

क्या भावनात्मक रूप से प्रेरित निवेश निर्णय आपके रिटर्न में बाधा डाल सकते हैं? यहां कुछ सामान्य निवेश गलतियां हैं जो आपके पैसों को डूबा सकते हैं।

5 आम निवेश गलतियाँ जो आपके रिटर्न को बाधित कर सकती हैं

2003 से 2019 तक ,16 साल तक जारी रहा एक्सिस म्यूचुअल फंड द्वारा एक व्यापक अध्ययन में, निवेशक रिटर्न को औद्योगिक निवेश रिटर्न की तुलना में कम माना गया था। अध्ययन में देखा गया कि फंड 18.8% की वार्षिक सी.ए.जी.आर. दे रहे थे, लेकिन इस दौरान निवेशक रिटर्न केवल 12.5% ​​पर चिह्नित किया गया था।

इस अंतर को कम करने के लिए, निवेशक के व्यवहार का विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत झुकाव जैसे वर्तमान वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करना, बाजार के सही समय का चुनाव करना और अनुचित एसेट आवंटन कुछ सामान्य गलतियां हैं जो निवेशक करते हैं। इसलिए, यदि आप बेहतर रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप इन 5 निवेश गलतियों से बचें:

1. प्रदर्शन के पीछे भागना

उच्च रिटर्न जो निवेशक अपेक्षा करते हैं और कम रिटर्न- जो वे वास्तव में कमाते हैं,इन दोनों के बीच के अन्तर को 'व्यवहारिक अंतराल' के रूप में जाना जाता है। जैसा कि कार्ल रिचर्ड्स द्वारा परिभाषित किया गया है, एक निवेशक की यह प्रदर्शन-के पीछे दौड़ने वाला व्यवहार, अधिक में बिक्री और कम में खरीदी की भावनात्मक इच्छा से प्रेरित है। सावधान रहें! उच्च रिटर्न अर्जित करने के लालच के आधार पर अपने निवेश राशि के आसपास ही न रह जाएं। एक विविध दीर्घकालिक निवेश बाजार के जोखिम को संतुलित करता है और समय के साथ बेहतर रिटर्न देता है।

2. भीड़ के समान मानसिकता

एक सामान्य निवेश मनोविज्ञान स्वभावतः झुंड या भीड़ की मानसिकता होती है, और यह आपके वित्तीय रिटर्न को बाधित कर सकता है। दोस्तों और परिवार के निवेश पैटर्न का भावी परिणाम देखे बिना, उनका अनुसरण करने की प्रवृत्ति हमेशा सुरक्षित या अनुशंसित निर्णय नहीं होती है। चाहे आप अच्छे स्टॉक या इक्विटी फंड में निवेश कर रहे हो, किसी भी सुने हुए स्टॉक का अंधानुकरण करना,विशेषकर निवेश के लिए, सबसे अच्छी योजना नहीं होती है।

3. बाजार के ठीक समय का चयन करने का जोखिम

बाजार के सही समय जानने की समस्या? यह सुनने में आसान लगता है, लेकिन वास्तव में, यह सरलता से बहुत दूर है। जिस अटकल से कोई निवेशक पैसा दाव पर लगाता है, वह उच्च रिटर्न प्राप्त करने की उनकी संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। लेन-देन की लागत, समय-गणना में त्रुटि, व्यापारिक व्यय, करों आदि जैसे कारक अनायास ही सही समय को नियंत्रित करने में विफल हो जाते हैं। और अनजाने में समय के उछाल से हुई क्षति ,निवेश के रिटर्न में गहरी कटौती कर सकती है। अपने निवेश पर सबसे अच्छा रिटर्न पाने के लिए, पेशेवर धन प्रबंधकों की मदद से एसेट आवंटन पर ध्यान केंद्रित करें ।

4. बाजार के प्रति अधिक प्रतिक्रिया देना

हर निवेशक अलग तरीके से सोचता है और वह बदलने वाला नहीं है। लेकिन निवेश करने की सोच से डरना क्योंकि बाजार लंबे समय में दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है,तर्कहीन लग सकता है । एक बाजार की प्रकृति में उतार-चढ़ाव होते ही है, जिसका अर्थ है कि यह तेजी के साथ-साथ मंदी भी दिखाएगा। हालांकि सभी म्युचुअल फंड कर-मुक्त निवेश नहीं होते हैं, व्यवस्थित निवेश योजना (एस.आई.पी.) की राह अपनाने से नियत समय में खरीद के खर्च को संतुलित किया जा सकता है।

5. निकटतम -दृष्टि

वारेन बफ़े सुझाव देते हैं कि 'बाज़ार के शोर' को बिलकुल दूर हटा दें क्योंकि यह आपके केंद्र-बिंदु को छोटा कर सकता है। और एक छोटा केंद्र-बिंदु लंबी अवधि के लाभ के लिए अच्छा नहीं है। अल्पकालिक लक्ष्य के साथ निवेश करने से आपके रिटर्न में बाधा आ सकती है। जो लोग केंद्रित रहते हैं और अस्थिर बाजार चक्रों में अनुशासित निवेश करते हैं, वे एक बेहतर पोर्टफोलियो बनाते हैं और बेहतर रिटर्न अर्जित करते हैं। भारत में दीर्घकालिक निवेश योजनाएँ हैं जो बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद शानदार रिटर्न देती हैं।

जीन फामा जूनियर ने चेताया : “आपका पैसा साबुन की एक पट्टी की तरह है। जितना अधिक आप इसे इस्तेमाल करेंगे, आपके पास उतना ही कम बचेगा । ” तो, इन 5 निवेश गलतियों से बचें और बेहतर रिटर्न के लिए अधिक अनुशासित निवेश निर्णय लें!