5 सम्पत्तियाँ जो आप आपात स्थिति में जल्दी तरल कर सकते हैं

यहां 5 सम्पत्तियों के बारे में बताया गया है जो काफी तरल हैं; आवश्यकता पड़ने पर आप अपने पैसे के अच्छे रिटर्न और परेशानी मुक्त पैसे पाने के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इनमें निवेश कर सकते हैं।

5 सम्पत्तियाँ जो आप आपात स्थिति में जल्दी तरल कर सकते हैं

आपात स्थिति किसी अपॉइंटमेंट के साथ या दस्तक देकर नहीं आती हैं। वे बिन बताये आते हैं और अवांछित होते हैं - और ज्यादातर समय, वे आपको चौंका देते हैं।हर आने वाले दिन के साथ वैश्विक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है,जिससे आपातकालीन स्थिति से प्रभावित होने की संभावना काफी बढ़ गई है। इस तरह के एक आपातकालीन स्थिति, चिकित्सीय , व्यक्तिगत, या वित्तीय प्रकृति की हो सकती है, लेकिन हाथ में नकदी होने से आप इससे निकल पाएंगे।

हालांकि हम सभी के पास अपने वॉलेट्स और बैंक खातों में एक निश्चित राशि रखी हो सकती है, जिन्हें अचानक ज़रूरत पड़ने पर उपयोग किया जा सकता है, पर यह आमतौर पर एक बड़ी राशि नहीं होती है। इसका कारण सरल है - हाथ में नकदी होने से आपको कोई रिटर्न नहीं मिलता है और आपके बचत बैंक खाते में भी रखा पैसा न के बराबर रिटर्न प्रदान करता है। इसका सर्वोत्तम समाधान उन परिसंपत्तियों में निवेश करना होगा जो आपको अच्छे रिटर्न देते हैं लेकिन साथ ही काफी तरल भी होते हैं। इस तरह, आप जब चाहें अपने फंड्स को पुनः प्राप्त कर सकते हैं।

आइए इन अपेक्षाकृत तरल निवेश विकल्पों में से कुछ पर एक नज़र डालें।

1. सोना

भारतीयों ने हमेशा पारंपरिक रूप से सोने में निवेश किया है। सोने के गहने और सिक्के, पहले भी - और अभी भी - एक 'सुरक्षित' संपत्ति मानी जाती है। यह एक कारण है जिससे महिलाओं को उनकी शादी के समय उनके माता-पिता द्वारा सोने का उपहार दिया जाता है। आप डिजिटल सोना खरीदने पर विचार कर सकते हैं और शुद्धता, सुरक्षा और भंडारण जैसी चिंताओं से दूर रह सकते हैं। आप न्यूनतम एक रुपये का निवेश कर सकते हैं। सोने को एक ठोस निवेश विकल्प माना जाता है क्योंकि इसका मूल्य तब भी बढ़ता है जब अन्य परिसंपत्ति वर्ग अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे होते हैं; हाल ही में वैश्विक महामारी के कारण बाजार में मंदी के कारण ही यह देखा जा सकता है । विशेषज्ञ आपके पोर्टफोलियो के 10 से 15% हिस्से को सोने में आवंटित करने की सलाह देते हैं।

जब आपके द्वारा खरीदे गए डिजिटल सोने को बेचने की बात आती है, तो विभिन्न पोर्टल की अलग-अलग नीतियां होती हैं, लेकिन बिक्री से मिलने वाला पैसा आपके बैंक खाते में 48 घंटों के भीतर ही जमा होगा। हालांकि, ध्यान दें कि इस बिक्री पर कुछ कर और बैंक शुल्क लागू हो सकते हैं।

2. सावधि जमा

बैंक एफ.डी. जोखिम न लेने वाले निवेशकों के लिए निवेश का अच्छा विकल्प हैं क्योंकि वे बिना किसी बाजार जोखिम के एक निश्चित रिटर्न देते हैं। ये अलग-अलग समय सीमा के लिए उपलब्ध हैं। यदि आप केवल थोड़े समय के लिए निवेश कर रहे हैं या निकट भविष्य में आने वाले किसी भी खर्च के लिए पैसे बचा रहे हैं, तो कम अवधि के एफ.डी. का विकल्प चुनें। जबकि 5-वर्षीय एफडी में बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज-अर्जित करने की क्षमता हो सकती है, फिर भी ध्यान रखें कि मैच्योर होने से पहले इन्हें तोड़ने से अर्जित ब्याज पर जुर्माना भी लगता है ।बैंकों के डिजिटलीकरण होने से, अब आप ऑनलाइन एफडी बना या रिडीम कर सकते हैं।

एफडी को समय से पहले बंद करने से ,आपको अनुबंध के अनुसार लिखित ब्याज दर से कम ब्याज दर प्राप्त होगी। कुछ मामलों में जुर्माना (लागू ब्याज दरों का 1% तक) हो सकता है। आप या तो प्रमाण पत्र के साथ अपने बैंक जा सकते हैं या अपने एफडी को तोड़ने के लिए बैंक की मोबाइल या नेट बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। खाते में परिवर्तन आमतौर पर कुछ घंटों या बहुत अधिकतम, अगले दिन तक दिख सकता है, ऑनलाइन प्रक्रिया के साथ कम समय में काम हो जाता है।

3. आवर्ती जमा (रेकररिंग डिपॉज़िट)

आवर्ती जमा एक विशेष प्रकार की सावधि जमा होती है। यह आपको एफडी के लाभों को प्राप्त करने के साथ-साथ हाथ में पर्याप्त नकदी रखने की भी सुविधा देता है। यह वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए एक बढ़िया निवेश विकल्प है, जो हर महीने एक निश्चित धनराशि निवेश के लिए निकाल रहे हैं। आप एक राशि के मासिक निवेश का चयन कर सकते हैं और एक एफडी द्वारा दी गई समान ब्याज दर का लाभ भी उठा सकते हैं। बहुत से लोग आर.डी. पसंद करते हैं क्योंकि इसमें एक बार में राशि जमा करने की प्रतिबद्धता शामिल नहीं होती है।

आप खाते के मैच्योर होने से पहले ,इस शर्त पर जमा राशि का 50% तक निकाल सकते हैं यदि आरडी कम से कम एक साल के लिए मासिक भुगतान के साथ चालू रही हो। बैंक उस राशि पर साधारण ब्याज लगा सकता है, जिसे जमाकर्ताओं द्वारा आरडी मैच्योर होने से पहले, ई.एम.आई या एकमुश्त राशि के रूप में चुकाना होगा, और ऐसा करने में विफल होने से बैंक मैच्युरिटी की राशि पर उक्त राशि के साथ ब्याज काट कर शेष राशि निकालने की अनुमति देगा । बिक्री के लिए टर्नअराउंड समय एफडी के समान है।

4. लिक्विड फंड

लिक्विड फंड्स म्यूचुअल फंड्स की एक ऐसी श्रेणी है, जो ट्रेजरी बिल और कॉर्पोरेट पेपर जैसी कई प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। चूंकि इन मुद्रा बाजार साधनों में मैच्युरिटी अवधि कम होती है,इसलिए लिक्विड फंड लिक्विडिटी के मामले में उनके नाम के अनुसार आचरण करते हैं। हालांकि, सुलभता और त्वरित तरलता के बावजूद जिससे आप अपने धन को तरल फंडों के माध्यम से जल्दी वापस पा सकते हैं, फिर भी जरूरत के समय में आपके धन का स्रोत यह नहीं होना चाहिए। इसके पीछे कारण बहुत सरल है - चूंकि वे मुख्य रूप से अल्पकालिक ऋण प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं, लिक्विड फंड ब्याज दर जोखिम और क्रेडिट जोखिम के लिए अतिसंवेदनशील होते हैं, और इससे जिस दिन आप बेचने का फैसला करते हैं ,उस दिन आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है यदि ये दो पहलू आपके अनुकूल नहीं हो ।

5. चाँदी

यदि आप किसी कीमती धातु में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन आपको लगता है कि सोना बहुत महंगा है, तो आप चांदी पर विचार करें - एक मजबूत और तगड़ा विकल्प। आप चांदी के सिक्कों में निवेश करके छोटे रूप में शुरुआत कर सकते हैं या बड़े निवेश के लिए अपने पैसे से चांदी की ईंटें खरीद सकते हैं। हालांकि चांदी के सिक्कों को किसी भी बैंक शाखा में खरीदा जा सकता है, पर आपको चांदी के ईंटें खरीदने के लिए किसी जौहरी के पास ही जाना होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपका निवेश सुरक्षित है, हमेशा एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय स्रोत से चांदी खरीदें। आप धातु को ऑनलाइन कमोडिटी बाजार के माध्यम से भी खरीद सकते हैं।

बिक्री के लिए टर्नअराउंड समय चांदी के मामले में बहुत तेज है - एक जौहरी आपके चांदी के बदले तुरंत भुगतान कर सकता है, जबकि आप आमतौर पर ऑनलाइन कमोडिटी बाजार से 1-2 कार्य दिवसों में अपना पैसा प्राप्त कर सकते हैं ।

अपनी मेहनत की कमाई को निवेश करते समय, सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त मात्रा में ऐसे संपत्ति रखें जो काफी तरल हो । यह आपके रस्ते में आने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने में आपकी मदद करेगा - बिना सत्तावाद के कागजी कार्रवाई में उलझे हुए।

डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेते समय आपको अलग से स्वतंत्र सलाह लेनी चाहिए।




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