Adani Transmission down 75 percent in 6 months, Adani Group stocks in the red, supreme court hearing in hindi

Adani Group Shares: अडानी ग्रुप के शेयरों में बीते 6 महीनों के दौरान भारी गिरावट देखने को मिली है। अडानी ट्रांसमिशन के शेयर बीते 6 महीने में 75 फीसदी नीचे आ गए हैं। वहीं, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी टोटल गैस, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी विल्मर समेत अन्य के शेयर के क्या हाला हैं, ये भी जान लें।

Adani Group Shares

Adani Group Shares: हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद गौतम अडानी की कंपनी अडानी ग्रुप एक तरह के अर्श से फर्श पर आ गई है और ऐसे में इसके शेयरों में भारी गिरावट आ गई है। आज 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में अडानी ग्रुप से जुड़े मामलों की सुनवाई से पहले भी अडानी समूह के शेयर लाल रंग में कारोबार कर रहे थे। बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह अडानी समूह के रेगुलेटरी डिस्क्लोजर में संभावित चूक पर एक विशेष पैनल की रिपोर्ट की जांच करेगी और आदेश पारित करेगी।

सोनवार सुबह एनएसई पर अडानी एंटरप्राइजेज 3.45 पर्सेंट कम होकर 1,896.95 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के शेयर 5.45 रुपये, यानी 0.78 फीसदी की तेजी के साथ 694.55 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। अडानी ट्रांसमिशन के शेयर 3.61 पर्सेंट गिरकर 852.85 रुपये पर आ गए। अडानी ग्रीन एनर्जी का शेयर 1.98 पर्सेंट गिरकर 877.90 रुपये पर बंद हुआ। यहां बताना जरूरी है कि अडानी ट्रांसमिशन के शेयर में पिछले 6 महीनों में 75 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 

अदानी टोटल गैस का शेयर सोमवार सुबह 39.05 रुपये, यानी 4.77 पर्सेंट की गिरावट के साथ 779.30 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अदानी पावर शुक्रवार के बंद भाव से 3.03 पर्सेंट कम 233.55 रुपये पर था। अडानी विल्मर का शेयर 1.36 पर्सेंट गिरकर 386.90 रुपये पर बंद हुआ। एसीसी, अंबुजा सीमेंट्स और एनडीटीवी के शेयर उसी समय के आसपास 0.7 पर्सेंट से 1.5 पर्सेंट के बीच नीचे थे।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उसने अपनी जांच पूरी करने के लिए और समय मांगा है। बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सेबी को अपनी जांच पूरी करने के लिए तीन महीने का समय देना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट ने अरबपति गौतम अडानी के समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक विशेष पैनल भी बनाया था। विशेष पैनल ने इस हफ्ते की शुरुआत में एक सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी।

संवादपत्र

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