अटल पेंशन योजना के बारे में सबकुछ जानें

अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के लोगों को उनके बुढ़ापे के लिए पैसों की बचत करने में मदद करती है। वे कार्यरत रहते हुए इसमें मासिक योगदान कर सकते हैं और रिटायरमेंट के बाद इसके रिटर्न का लाभ उठा सकते हैं।

अटल पेंशन योजना के बारे में सबकुछ जानें

स्वावलंबन योजना की शुरुआत 2010-11 में हुई थी, जिसे ही बाद में अटल पेंशन योजना (ए.पी.वाई.) नाम दिया गया। यह भारत सरकार की एक पेंशन योजना है। इसे असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, कारीगरों आदि के रिटायरमेंट के लिए लक्षित किया गया है। इस योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति को पहले पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण कराके वह व्यक्ति नियमित रूप से इसमें योगदान देना शुरू कर सकता है, जो रिटायरमेंट के बाद उसे मासिक लाभ के रूप में पेंशन की तरह मिलता रहेगा। 

ए.पी.वाई. की शुरुआत 9 मई, 2015 को कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई थी। यह योजना ,पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट ऑथोरिटी (पी.एफ.आर.डी.ए.) द्वारा प्रशासित है और देशभर के सभी बैंकों में उपलब्ध है। 

पात्रता: इस योजना का लाभ उठाने के लिए व्यक्ति को निम्न पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:

i) भारतीय नागरिक होना चाहिए।

ii) आयु सीमा 18-40 वर्ष है ।

iii) किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में बचत खाता होना अनिवार्य है ।

ए.पी.वाई. खाता कैसे खोलें :

i) ऑफलाइन माध्यम:

इस योजना का लाभ उठाने के लिए पहले आपको किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में बचत खाता खोलना होगा। फिर जिस शाखा में आपने खाता खोला है, वहां जाकर अटल पेंशन योजना का पंजीकरण फॉर्म मांगे। फॉर्म में अपनी खाता संख्या के साथ मांगी गई अन्य जानकारियों का विवरण दें। संचार के लिए आप अपना आधार नंबर/मोबाइल नंबर दे सकते हैं, परन्तु यह अनिवार्य नहीं है।

ii) ऑनलाइन माध्यम:

ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कराने के लिए इस लिंक पर जाकर सभी आवश्यक जानकारियां दें : Forms (nsdl.co.in)

या फिर, अपने मोबाइल पर 'ए.पी.वाई और एन.पी.एस. लाइट'ऐप डाउनलोड करके सब्सक्राइब करें।

मासिक योगदान:

इस योजना के तहत आप मासिक/त्रैमासिक/अर्धवार्षिक योगदान दे सकते हैं। मासिक योगदान की राशि लाभार्थी की आयु पर निर्भर करती है। बढ़ती उम्र के साथ, मासिक योगदान राशि भी बढ़ जाती है। एक ए.पी.वाई. उपभोक्ता जिसकी आयु 18 वर्ष है , वह हर महीने ₹42 से ₹210 तक की राशि का योगदान दे सकता है। बचत खाते में ऑटो डेबिट विकल्प का चयन करने पर नियत तिथि पर योगदान राशि स्वयं ही उपभोक्ता के खाते से डेबिट कर ली जाती है । यह सुविधा वैकल्पिक है। इस योजना में न्यूनतम 20 वर्ष तक का योगदान अनिवार्य है।

अटल पेंशन योजना के अंतर्गत आयकर लाभ:

एन.पी.एस. और ए.पी.वाई. के आयकर लाभ एक समान हैं। इस योगदान में कर छूट का दावा आयकर की धारा 80CCD(1B) के तहत किया जा सकता है। 2018 से आयकर धारा 80CCD(1B) के अंतर्गत अधिकतम ₹50,000  तक की आयकर कटौती की अनुमति है। यह कटौती का लाभ धारा 80C में दी गई ₹1.5 लाख की सीमा राशि के अलावा दी जाती है। 

डिफॉल्ट की स्थिति में जुर्माना:

ए.पी.वाई. उपभोक्ताओं को अपने बचत खाते में पर्याप्त आवश्यक बैलेंस रखना चाहिए जिससे कि नियत तारिख पर ए.पी.वाई. भुगतान में कोई देरी न हो और इस पर कोई अतिदेय ब्याज न लगे। इस खाते से रखरखाव शुल्क और अन्य शुल्क नियमित आधार पर कटौती किये जाएंगे। यदि आपके भुगतान की अंतिम तिथि तक आपके खाते में पर्याप्त राशि नहीं होती है तो अगले माह से आपको अतिदेय ब्याज के साथ भुगतान करना पड़ेगा।|

ए.पी.वाई. खाते के मामले में किश्त भुगतान में देरी पर बैंकों को हर ₹100  के अंशदान के बदले ₹1 का अर्थदंड प्रति माह वसूलने के निर्देश हैं। एकत्रित किया गया जुर्माना, उपभोक्ता के पेंशन कोष का हिस्सा बना रहेगा। यदि उपभोक्ता ए.पी.वाई. खाते में भुगतान में निरंतर चूक करता है, तो संबंधित खाते के मामले में निम्न कार्रवाई की जाएगी:

  • 6 माह के बाद ए.पी.वाई. खाते पर रोक लगा दी जाएगी। 
  • 12 माह के बाद ए.पी.वाई. खाते को निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
  • 24 माह बाद खाता बंद कर दिया जाएगा।

निकासी प्रक्रिया :

i) 60 वर्ष की आयु में उपभोक्ता मासिक पेंशन निकासी का अनुरोध कर सकता है। उपभोक्ता की मृत्यु पर वह राशि नॉमिनी या उसके जीवनसाथी को देय होती है।

ii) 60 वर्ष के पहले उपभोक्ता की मृत्यु की स्थिति में उनके जीवनसाथी के पास यह विकल्प होता है कि वह ए.पी.वाई खाते में योगदान अपनी ओर से जारी रखना चाहते हैं या जमा पेंशन राशि की निकासी चाहते हैं।

iii) यदि कोई उपभोक्ता 60 वर्ष की आयु के पहले पूर्ण राशि की निकासी करना चाहता है, तो खास मौकों को छोड़कर इसकी अनुमति नहीं है। लाभार्थी की मौत या उसके बीमार होने पर मैच्योरिटी से पहले रकम निकाली जा सकती है। 

ए.पी.वाई. में कोविड -19 के दौरान हुए बदलाव:

  • 1 जुलाई, 2020 से पी.एफ.आर.डी.ए. ने सभी उपभोक्ताओं को पूरे वर्ष में कभी भी पेंशन राशि में बदलाव करने की छूट दी है। पहले यह बदलाव केवल अप्रैल माह में एक बार ही किया जा सकता था ।
  • कोविड-19 आपातकाल में उपभोक्ता को जमा राशि के कुछ भाग की निकासी की अनुमति है।
  • ए.पी.वाई. के तहत मृत्यु दावा अनुरोध और भौतिक रूप से दस्तावेज़ों को जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। 
  • निष्कर्ष:अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के लोगों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए एक सरल पेंशन योजना है। इस योजना के तहत 31 अक्टूबर 2020 तक 2.60 करोड़ लोग पंजीकृत हैं जो 60 वर्ष की आयु के बाद इसका लाभ उठा पाएंगे।

डिस्क्लेमर:यह लेख केवल सामान्य जानकारी उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेते समय आपको अलग से सलाह लेनी चाहिए।




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