अनियमित वित्तीय साधनों में निवेश के जोखिम

यदि आप अपना पैसा खोना नहीं चाहते हैं तो अनियमित वित्तीय साधनों से दूर रहना ही सबसे अच्छा होगा।

अनियमित वित्तीय साधनों में निवेश के जोखिम

विजय एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करता है। एक सहकर्मी की सिफारिश पर, विजय और कई अन्य लोगों ने एक चिटफंड में हर महीने 2500 रुपये जमा करना शुरू किया , जिसमे दो साल की अवधि में आकर्षक रिटर्न का वादा किया गया था । चार माह की नियमित किस्तों को चुकाने के बाद मजदूरों को पता चला कि फंड के पीछे जो व्यक्ति था,वह गायब हो गया है। विजय ने जहां अपनी मेहनत से कमाए 10,000 रुपये गंवाए, वहीं धोखा देने वाला व्यक्ति कुछ लाख रुपये लेकर भाग गया ।

दुर्भाग्यवश, विजय जैसे हजारों लोग बताये गए ऐसे आकर्षक निवेश सौदों के माध्यम से अपनी मेहनत से कमाए गए धन को गवा कर बर्बाद हो जाते हैं ।

चिटफंड या 'चिट्टी' मध्यम वर्गीय परिवारों और कुछ व्यावसायिक समुदायों के बीच एक प्रसिद्ध निवेश विकल्प है। चिटफंड में भाग लेने वाले लोगों की संख्या इसकी अवधि के अनुसार होती है। उदाहरण के लिए, दो साल के फंड में 24 प्रतिभागी होंगे । हर महीने, एक लॉटरी प्रणाली के माध्यम से एक योगदानकर्ता को आयोजक द्वारा सबके द्वारा दी गई राशि आवंटित किया जाता है।

अगर किसी को पैसे की तत्काल जरूरत है तो वे अगले पूल के लिए 5%,10% आदि की छूट पर बोली लगा सकते हैं। इन कई बोली लगाने वालो में से, उच्चतम छूट की बोली लगता है,वो जीत जाता है। आयोजक के कमीशन को काटने के बाद बची राशि को समूह के अन्य सदस्यों के बीच वितरित की जाती है ।

सैद्धांतिक रूप से, एक चिटफंड को बचत उपकरण के रूप में काम करना चाहिए, जिसमें प्रतिभागी बोलियों के माध्यम से कुछ अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर होना चाहिए। हालांकि, यह एक अनियमित निवेश पूल है। यह सब काम नकदी में किया जाता है और इसमें कोई सबूत या कागजी कार्रवाई शामिल नहीं होती है। यह सदस्यों के बीच एक मौखिक अनुबंध पर आधारित है, जो एक दूसरे को जानते भी नहीं होंगे।

न केवल आयोजक से, बल्कि अन्य सदस्यों से भी धोखे का खतरा है, जो पहले से ही लॉटरी का लाभ उठा चुके हैं। कागजी कार्रवाई नहीं होने से विवाद या ठगी के मामले में कुछ नहीं किया जा सकता है।

इन खतरे की घंटी को पहचानें

पोंजी योजनाएं, पिरामिड योजनाएं, अपतटीय घोटाले आदि जैसे कई निवेश उत्पाद हैं जिनका उद्देश्य भोले-भाले निवेशकों को धोखा देना है। लेकिन वे सब एक ही कार्यप्रणाली का पालन करते हैं:

  • निवेश अलौकिक लाभ प्रदान करता है, जिससे मानक निवेश उपकरणों का भी कोई मुकाबला नहीं ।
  • रिटर्न अक्सर पूंजी के जोखिम के बिना ही गारंटी पर आते हैं ।
  • सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध निवेश या प्रमोटरों के बारे में बहुत कम तृतीय-पक्ष जानकारी है।
  • इसमें बहुत कम या कोई कागजी कार्रवाई शामिल नहीं होती है। नियम और शर्तें, यदि कोई हो, तो अस्पष्ट होती हैं।
  • प्रमोटर बताएंगे कि दूसरे कितना लाभ कमा रहे हैं और आपको इस 'जीवन में एक बार' मिल रहे अवसर में निवेश करने के लिए दबाव डालेंगे ।

एक विवेकपूर्ण निर्णय करना

यदि आपके पास एक ऐसे निवेश के अवसर है जो आपको विश्वास नहीं हो रहा कि इतना अच्छा हो सकता है , तो यह शायद सही हो। इससे दूर रहें। कुछ योजनाएं संदिग्ध ऑपरेटरों द्वारा चलाई जाती हैं जो फर्जी नाम और परिचय पत्र का इस्तेमाल करते हैं । वे एक भौगोलिक क्षेत्र में निवेशकों को निशाना बनाते हैं और फिर अगले स्थान पर चले जाते हैं । यदि शुरू में उनका इरादा धोखा देने का नहीं भी हो , तो भी जब चीज़ें ठीक न चल रही हो,तो एक बाध्यकारी अनुबंध और निवारण प्रणाली की कमी के कारण ऑपरेटरों के लिए अपने हाथ खड़े कर देना आसान होता है ।

स्वेच्छा से कोई संविदात्मक गारंटी या पूंजी की सुरक्षा के बिना आपके द्वारा एक व्यवसाय में किये गए निवेश को ध्यान में रखते हुए, अपराधियों को अदालत में खींचने के बावजूद,आपके लिए इसे साबित कर पाना बहुत मुश्किल होगा । इसलिए यह जरूरी है कि कोई भी निवेश करने से पहले पर्याप्त छान-बीन किया जाए ।

भारत में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सभी वित्तीय साधनों को नियंत्रित करता है और नागरिकों के हित की सुरक्षा के लिए नियंत्रण और संतुलन लाता है।इसी तरह, पूंजी बाजार में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को सभी कार्यों को लागू करने और उसकी निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया है। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) बीमा उद्योग के लिए शीर्ष निकाय है, और पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) देश में पेंशन क्षेत्र को नियंत्रित करता है।

पूरी बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था ,इन चार शीर्ष निकायों के दायरे में आती है। कोई भी निवेश विकल्प जो इन निकायों में से किसी के द्वारा भी संचालित नहीं है ,वह संदिग्ध होता है।

अंतिम शब्द

जब कोई निवेश के अवसर आते हैं, तो उस उद्यम के हर पहलू को समझने के लिए अपना पूरा समय दीजिये । प्रश्न पूछें और खुले रूप से अपना अनुसंधान करें। कंपनी और उसके पीछे के लोगों के परिचय पत्रों की जांच करें। प्रदर्शन संकेतकों और निवेशकों की समीक्षा करें|

आप अपने पैसे कमाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, इसलिए ऐसे निर्णय लें जो आपको इसके लाभ लेने दे !




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