5 best monopoly stocks in India 2022: 5 सर्वश्रेष्ठ एकाधिकार शेयरों का प्रदर्शन

जानिए सबसे अच्छे मोनोपोली या एकाधिकार स्टॉक क्या हैं और लंबी अवधि में इनका प्रदर्शन कैसा रहा है।

बेस्ट मोनोपोली शेयर

Monopoly stocks in India 2022: मोनोपोली या एकाधिकार स्टॉक एक ऐसा व्यवसाय है जो बाजार में बहुत कम या बिना किसी प्रतिस्पर्धा के काम करता है। एकाधिकार वाले शेयरों को खरीदने के कई फायदे हैं। ये व्यवसाय लंबे समय तक बने रहते हैं और चुनौतीपूर्ण आर्थिक समय में भी लाभ कमाने का ट्रैक रिकॉर्ड रखते हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकांश एकाधिकार स्टॉक अपने मालिकों को लाभांश का भुगतान करते हैं। एकाधिकार शेयरों का मूल्य निर्धारण पर नियंत्रण होता है। हालांकि शेयर बाजार में सभी निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं और रिटर्न की गारंटी नहीं है। 

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2022 के पाँच सबसे अच्छे मोनोपोली स्टॉक

सबसे अच्छे मोनोपोली स्टॉक में पावर ग्रिड का नाम शीर्ष पर है। इसका गठन 1992 में किया गया था और यह सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े उपक्रमों (पीएसयू) में से एक है। यह एक लाभांश समृद्ध स्टॉक है। मौजूदा कीमत पर डिविडेंड यील्ड 5 फीसदी से ज्यादा है। पिछले एक साल में बीएसई सेंसेक्स के 29% लाभ की तुलना में कंपनी के शेयरों में 44% की वृद्धि हुई है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों को वर्षों से भारी लाभांश के साथ पुरस्कृत किया है। वर्ष 2022 में, कंपनी ने दिसंबर 2021 और फरवरी 2022 में क्रमशः 4 रुपये प्रति शेयर और 5.5 प्रति शेयर के दो अंतरिम लाभांश घोषित किए। दिसंबर 2021 में पावर ग्रिड ने 3 रुपये प्रति शेयर के विशेष लाभांश की भी घोषणा की। इसके अलावा कंपनी ने 2.25 रुपये प्रति शेयर या 22.50% के अंतिम लाभांश की घोषणा की है। अगर हम इन सबको मिला दें तो यह 14.75 रुपये प्रति शेयर के बराबर होता है। आज की कीमत पर, इसका परिणाम लगभग 7% यील्ड है।

दूसरी कंपनी है नेस्ले, जिसकी शिशु खाद्य (सेरेलैक) में 96.5% बाजार हिस्सेदारी और शिशु फार्मूला (लैक्टोजेन एनएएन) में 66.6% बाजार हिस्सेदारी है। भारत में शिशु आहार एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है जिसका अर्थ है कि देश में इसका विज्ञापन नहीं किया जा सकता। नेस्ले मैगी नूडल्स, मिल्कमेड, नेस्कैफे सहित अन्य उत्पादों के लिए भी मार्केट लीडर है। कंपनी की बैलेंस शीट पर शून्य ऋण है, और इसने लगातार लाभांश का भुगतान किया है। 2011 में नेस्ले के शेयरों का कीमत 3000 थी जो 2021 में 21000 पर पहुंच गई है।

तीसरा नाम है हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स का, जो सबसे बड़ा रक्षा सार्वजनिक उपक्रम है और एयरोस्पेस और रक्षा निर्माण में 100% प्रभुत्व रखता है। कंपनी भारतीय रक्षा बलों के लिए विमान, हेलीकॉप्टर, इंजन, एवियोनिक्स और सहायक उपकरण के साथ-साथ रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल सेवाओं की प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' नीतियों के साथ स्वदेशीकरण पर सरकार के बढ़ते जोर ने कंपनी के भविष्य के विकास के दृष्टिकोण में सुधार किया है। मौजूदा समय में एचएएल के पास करीब 806.4 अरब रुपये की मजबूत ऑर्डर बुक है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में 56 फीसदी की तेजी आई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स एक ऐसा स्टॉक है जिसने 2022 में बाजार की प्रवृत्ति को धता बता दिया है। 2020 में कंपनी के शेयरों का कीमत 830 रुपए थी जो 2021 के नवंबर में 1520 रुपए पर पहुंच गई।

इसके बाद मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) नाम लिया जा सकता है। यह भारत में सबसे बड़ा कमोडिटी फ्यूचर्स एक्सचेंज है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 95% से अधिक है। भारत में बुलियन मेटल्स, बेस मेटल्स और कच्चे तेल के व्यापार में इसका एकाधिकार है। एमसीएक्स कमोडिटी डेरिवेटिव लेनदेन की ऑनलाइन ट्रेडिंग की सुविधा प्रदान करता है। एमसीएक्स ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से, कोई भी कमोडिटी की एक विस्तृत श्रृंखला में ट्रेड कर सकता है। यह पारदर्शी मूल्य खोज के माध्यम से कमोडिटी डेरिवेटिव्स के लिए एक विश्वसनीय ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म प्रदान करती है। एमसीएक्स के शेयर फिलहाल वहीं कारोबार कर रहे हैं जहां एक साल पहले कारोबार कर रहे थे। जून 2021 को समाप्त पिछली तिमाही में, राकेश झुनझुनवाला के पास एमसीएक्स में 2,500,000 शेयर या 4.90% हिस्सेदारी थी। उन्होंने सितंबर 2021 की तिमाही में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी।

पांचवीं कंपनी जाइडस वेलनेस की चीनी मुक्त उत्पादों में 90% से अधिक बाजार हिस्सेदारी है। इसके उत्पाद 'शुगर फ्री' की चीनी स्थानापन्न श्रेणी में 94% बाजार हिस्सेदारी के साथ भारत में मजबूत उपस्थिति है। कंपनी के पास कॉम्पलान, एवरयुथ, नाइसिल, ग्लूकॉन-डी, शुगरलाइट और न्यूट्रालाइट जैसे कई अन्य ब्रांड हैं। इस साल कंपनी ने पांच ब्रांड जिसमें शामिल है- ग्लूकॉन-डी, शुगर फ्री, एवरयुथ स्क्रब, पील ऑफ, फेस मास्क और नाइसिल, ने मार्च 2021 तक अपनी-अपनी श्रेणियों में नेतृत्व की स्थिति बनाए रखी। हालांकि, सितंबर 2021 को समाप्त तिमाही के दौरान जाइडस वेलनेस ने कमजोर संख्या दर्ज की। इसने पिछले साल की समान तिमाही में 218 मिलियन रुपये के शुद्ध नुकसान की तुलना में 20 मिलियन रुपये का एक शुद्ध घाटा दर्ज किया। दूसरी ओर, राजस्व 12.3% बढ़कर 3,837 मिलियन रुपए हो गया।

एकाधिकार व्यवसायों में निवेश करने के लिए, आपको जांच करनी चाहिए कि क्या कंपनी भविष्य के लिए लाभदायक रह सकती है।

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