Profit in Lakhs: लाखों का शुद्ध फायदा

यह सरकारी योजना गारंटी के साथ लाखों का शुद्ध फायदा करवाती है और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखती है।

बेहतरीन स्मॉल सेविंग स्कीम

Small saving scheme: यदि आप बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए किसी बचत योजना में निवेश करना चाहते हैं तो इस सरकारी योजना में बहुत अच्छे विकल्प मौजूद हैं। पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध सुकन्या समृद्धि योजना एक छोटी बचत की स्कीम है जो गारंटीड फायदा देती है। इतना ही नहीं, इस स्कीम पर सबसे ज्यादा ब्याज मिलता है। अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम्स, जैसे कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट, राष्ट्रीय बचत पत्र, रिकरिंग डिपॉजिट या मंथली इनकम स्कीम आदि की तुलना में सुकन्या समृद्धि योजना में अधिक ब्याज दिया जाता है। यदि यह स्कीम बच्चों के जन्म पर ही शुरू कर दी जाए और प्रतिवर्ष अधिकतम सीमा तक निवेश किया जाए तो मैच्योरिटी पर इस स्कीम में ₹60 लाख से ज्यादा की रकम जुटाई जा सकती है। 

इस योजना में 7.6% की दर से वार्षिक ब्याज दिया जाता है। योजना की अवधि की अधिकतम सीमा 21 वर्ष है। इन 21 वर्षों में से पालक मात्र 14 साल ही निवेश करते हैं। बचे हुए सात वर्षों में ब्याज जुड़ता रहता है। इस योजना से सर्वाधिक लाभ यह मिलता है कि जितनी भी राशि निवेश की जाती है, उतनी राशि का तीन गुना धन मैच्योरिटी पर प्राप्त होता है। वर्तमान में इस योजना द्वारा अधिकतम समय के लिए अधिकतम निवेश करने पर ₹63.50 लाख की राशि प्राप्त की जा सकती है। 

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सुकन्या समृद्धि योजना कैसे करें शुरू?

किसी भी निकटवर्ती पोस्ट ऑफिस में जाकर यह योजना शुरू की जा सकती है। पोस्ट ऑफिस में इसके लिए एक फॉर्म भरना होता है और अपनी बेटी कार्ड जन्म प्रमाणपत्र देना जरूरी होता है। गौरतलब है कि यह स्कीम 10 साल से कम उम्र की कन्याओं के लिए ली जा सकती है।

पालक को अपना पहचान प्रमाणपत्र, जैसे कि पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट इत्यादि में से एक दस्तावेज देना पड़ता है। साथ ही अपने पते का भी प्रमाणपत्र देना जरूरी होता है। बैंक में या पोस्ट ऑफिस में कागजात की जाँच के बाद खाता खुल जाता है। खाताधारक को खाते की पासबुक भी दी जाती है। 

सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ 

सुकन्या समृद्धि योजना को आयकर की धारा 80सी के अंतर्गत सभी प्रकार के करों से छूट दी गई है। इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि बेटी की उम्र 18 वर्ष हो और उसकी शिक्षा या विवाह के लिए पैसों की जरूरत है तो जमा की गई राशि का 50% तक अंश निकाला जा सकता है। इस योजना के तहत एक वर्ष में न्यूनतम ₹250 की राशि जमा की जा सकती है जबकि अधिकतम राशि सीमा है ₹1.5 लाख। 

एसएसवाई (SSY) गणना के अनुसार: 

  • ब्याज दर: 7.6% वार्षिक 
  • अधिकतम निवेश: ₹1.5 लाख प्रतिवर्ष या ₹12,500 प्रतिमाह 
  • निवेश की अवधि: 14 वर्ष 
  • कुल निवेश: ₹22.50 लाख 
  • मैच्योरिटी पर रकम: ₹63.65 लाख 
  • ब्याज से शुद्ध लाभ: ₹41.15 लाख 

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