भारतीय महिला अपने पैसे को स्मार्ट तरीके से कहां निवेश कर सकती है?

भारतीय महिलाओं के लिए निवेश के कई विकल्प उपलब्ध हैं, यह सब केवल उन पर निर्भर करता है कि वे कितना जोखिम लेना चाहती हैं |

भारतीय महिला अपने पैसे को स्मार्ट तरीके से कहां निवेश कर सकती है?

बचत और निवेश आपको लम्बे समय के लिए वित्तीय स्वतंत्रता पाने में मदद करते हैं और परिवार के लिए सुरक्षा भी प्रदान करते हैं | भारत में राष्ट्रीय कार्यबल का 23 % हिस्सा महिलाओं द्वारा गठित है| हालांकि यह अन्य एशिआई देश जैसे इंडोनेशिया और श्रीलंका की तुलना में काफी कम है परन्तु फिर भी यह आबादी का करीबन एक चौथाई हिस्सा हैं |

एक महिला के रूप में, अपनी आय का एक हिस्सा बचत और निवेश के लिए अलग रखना बेहद महत्वपूर्ण है | परन्तु यह बात केवल कामकाजी पेशेवर महिलाओं के लिए लागू नहीं होती | गृहिणियों के लिए भी परिवार के लिए वित्तीय योजना उतनी ही ज़रूरी है जितनी कि एक कामकाजी पेशेवर महिला के लिए|

बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान कई प्रकार के महिला-केंद्रित उत्पादों की पेशकश करते हैं ,चाहे वो बचत बैंक खाते हो या महिला उद्यमियों के लिए ऋण | इसी प्रकार, सरकार के पास भारतीय महिलाओं के लिए कई प्रकार के वित्तीय योजनाएं हैं | हालांकि, जब बात बचत और निवेश की होती है तो महिलाओं को पारम्परिक निवेश विकल्प जैसे फिक्स्ड डिपाजिट और प्रोविडेंट फंड की तरफ ज्यादा झुकाव रखने के लिए जाना जाता है | इसमें कोई हैरानगी नहीं है कि उनके अन्य पसंदीदा निवेश विकल्प स्वर्ण है |

यह कहने के बाद भी, यह बात तो है कि महिलाओं और पुरुषों,दोनों के वित्तीय साधनों की पसंद लगभग एक जैसी है | आइये इनमे से कुछ पर नज़र डालते हैं और जानते हैं कि वे भारतीय महिलाओं के वित्तीय भविष्य को कैसे लाभान्वित कर सकते हैं |

  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड - पी.पी.एफ. भारत में बहुत कम जोखिम वाले निवेश के रूप में प्रसिद्ध है | यह 15 वर्ष की योजना है जो बैंक और डाकघरों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है | वर्तमान में, इससे 7.1% ब्याज मिलता है जिसमे आयकर की छूट है | बहुत कम बचत रखने वाली गृहिणियां भी इसमें निवेश कर सकती हैं क्यूंकि इसमें निवेश केवल 500 रुपये से शुरू होता है|
  • कर्मचारी भविष्य निधि - कामकाजी महिलाएं अपने नियोक्ता के माध्यम से ईपीएफ निवेश का लाभ उठा सकती हैं | महिला कर्मचारियों को एक अतिरिक्त लाभ प्राप्त है कि उन्हें ईपीएफ में अपने वेतन का 12% हिस्सा देने के बजाय केवल 8% ही योगदान के रूप में भुगतान करना होगा | साथ ही, ईपीएफ में 1.5 लाख रुपये तक के योगदान पर आप आयकर रिटर्न दर्ज़ करते वक़्त कटौती का दावा कर सकते हैं |
  • किसान विकास पत्र - डाकघरों में उपलब्ध, केवीपी, पीपीएफ के जैसे ही ब्याज दर प्रदान करता है | हालांकि,यह सर्टिफिकेट के रूप मे उपलब्ध है जो वर्तमान में 124 महीने में निवेश को दोगुना करता है| यह उन महिलाओं के लिए एक आकर्षक विकल्प है जो एकमुश्त राशि निवेश करना चाह रही हैं और लगभग 10 वर्षों में इसे दोगुना करना चाहती है |
  • राष्ट्रीय बचत सर्टिफिकेट- एन.एस.सी. 5 वर्षों में परिपक्व होता है और कम समय के एकमुश्त निवेश के लिए आदर्श होता है | गौरतलब है कि कोविड-19 के शुरुआती दिनों के दौरान सरकार द्वारा ब्याज दरों को कम करने के बाद से सभी उपकरणों में ब्याज दरों में भारी गिरावट आयी है| वर्तमान में, यह 6.9 % प्रति वर्ष है |
  • फिक्स्ड डिपॉजिट - यह एक और दीर्घकालिक निवेश विकल्प है जिसमे आप अपनी इच्छा अनुसार निवेश अवधि चुन सकते हैं | यह सुविधा बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा दी जाती है और इसकी ब्याज दरें,हालांकि बहुत अधिक नहीं होती ,पर अलग-अलग संगठनों में भिन्न हो सकती है |
  • आवर्ती जमा - हालांकि आर.डी. की ब्याज दर बहुत ज्यादा नहीं होती है, पर फिर भी यह उन महिलाओं के लिए आदर्श विकल्प है जो हर महीने छोटी मात्रा में बचत करने की योजना बनाती हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार निवेश अवधि चुन सकते हैं और बचत खाते की तुलना में बेहतर ब्याज आय अर्जित कर सकते हैं।
  • महिला-विशिष्ट बीमा योजना - लगभग सभी बीमा कंपनियों में एक या अधिक महिला-केंद्रित बीमा उत्पाद होते हैं,जिसमे से आप चयन कर सकते हो । उदाहरण के लिए, स्वास्थ्य बीमा, बच्चे के जन्म से संबंधित जटिलताओं, स्तन, अंडाशय, गर्भाशय आदि के कैंसर जैसी महिला विकृतियों के लिए विशिष्ट कवरेज प्रदान करता है।
  • राष्ट्रीय पेंशन योजना - एन.पी.एस. आयकर के अंतर्गत एक अलग कर मुक्त निवेश विकल्प के रूप में उपलब्ध है जो केवल आपके रिटायरमेंट के बाद के वित्त को संभालने के लिए बना है | आप रिटायरमेंट पर अपने कोष से 60 % तक राशि निकाल सकते हो या बाकी 40 % की तरह, उसे वार्षिकी की तरह उपयोग में ले सकते हो |
  • म्यूच्यूअल फंड- यदि आप बाजार में हो रही वृद्धि का लाभ उठाने में चूकना नहीं चाहते हैं तो म्यूच्यूअल फंड सुरक्षित तरीकों में से एक है | बाजार के रुझानों के बारे में फ़िक्र करने की कोई ज़रूरत नहीं है ; विशेषज्ञ फंड प्रबंधक आपके रिटर्न को अधिकतम करने के लिए आपके पैसे को इक्विटी और डेब्ट साधनों में विभाजित करके निवेश करते हैं | यदि आप एक कामकाजी महिला नहीं भी है ,तो भी आप व्यवस्थित निवेश योजनाओं (एसआईपी) के माध्यम से नियमित योगदान दे सकते हैं |
  • शेयर - स्टॉक एक आकर्षक निवेश विकल्प है क्यूंकि इसमें उच्च रिटर्न शामिल है | निवेश प्लेटफार्म 'ग्रो' द्वारा किये गए एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि 82% महिलाएं स्टॉक और म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने को प्राथमिकता देती हैं | आप दीर्घकालिक रिटर्न के लिए शेयर में निवेश करने का विकल्प चुन सकते हैं या फिर अपने डीमैट खाते से नियमित ट्रेडिंग कर सकते हैं |
  • स्वर्ण- भारतीय महिलाओं के बीच सोना केवल एक लोकप्रिय आभूषण के विकल्प से कई ज्यादा मायने रखता है | यह एक अच्छा निवेश विकल्प है जो आपको मुद्रास्फीति के मात देने और आपके निवेश पोर्टफोलियो के विविधीकरण करने में मदद करती है | इसके अलावा, स्वर्ण अभी के जैसे किसी आर्थिक संकट के दौरान भी काफी मददगार हो सकता है | इसलिए जब आपके निवेश के ब्याज दरें और शेयर की कीमतें गिरती हैं तो आमतौर पर स्वर्ण ही आपके बचाव में सामने आता है | 
  • अचल संपत्ति - अचल संपत्ति में एक अच्छी तरह से शोध किये गए निवेश से भविष्य में बहुत अच्छा रिटर्न मिल सकता है। यदि आप संपत्ति को भाड़े में लगाने का निर्णय लेते हैं तो इससे आपके लिए किराये की आय भी उत्पन्न हो सकती है। हालाँकि, यह एक बड़ा निवेश है जो केवल तभी उपयुक्त होता है जब आपके पास निवेश करने के लिए एकमुश्त राशि हो।

आखिरी पंक्तियाँ

आपके वित्त के ऊपर आपके नियंत्रण होने का महत्त्व ,लैंगिक समानता से परे है | यह आपके दीर्घकालिक वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करता है ,आपकी कर देयता को बेहतर संभालने में आपकी मदद करता है और यह सुनिश्चित करता है कि आप कमाए गए धन से और अधिक प्राप्त करें | 

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