क्या आप अपने बच्चे के नाम पर म्युचुअल फंड्स में निवेश कर सकते हैं

बच्चों के नाम पर म्युचुअल फंड खाता खुलवाना उनके वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने का बेहतर तरीका है।

क्या आप अपने बच्चे के नाम पर म्युचुअल फंड्स में निवेश कर सकते हैं

हर माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना चाहते हैं ताकि बड़ा हो रहे बच्चे के लिए उत्पन्न सभी खर्चों का प्रबंधन किया जा सके। इसके लिए वे लंबी अवधि के निवेश साधनों जैसे कि लाइफ इंश्योरेंस प्लांस, मनी बैक प्लांस, फिक्स्ड डिपॉजिट, सोना और पीपीएफ में पैसा लगाना पसंद करते हैं। अगर आप अपने बच्चों के लिए निवेश साधन की तलाश कर रहे हैं तो म्युचुअल फंड स्कीम बेहतर और आसान निवेश साधन हो सकता है। 

हालांकि, बच्चों के लिए बेहतर निवेश योजना चुनते समय मार्केट पैटर्न और समय काफी मायने रखते हैं, हम यहां पर म्युचुअल फंड्स के कुछ ऐसे विकल्प बता रहे हैं जो कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित बना सकता है। लेकिन, इससे पहले आप जान लें कि बच्चों के नाम पर निवेश शुरू करने की प्रक्रिया क्या है।

अपने बच्चे के नाम पर निवेश शुरू करना 

बहुत सारे माता-पिता अपने नाम पर म्युचुअल फंड्स में निवेश करते हैं और अपने बच्चों को उसका खास नॉमिनी बनाते हैं। लेकिन, बच्चे के नाम पर बैंक खाता और म्युचुअल फंड खाता खुलवाकर बच्चों की म्युचुअल फंड स्कीम में पैसे लगाना चाहिए। 

संबंधित: अपने बच्चे की शिक्षा की तैयारी और पैसे देने के लिए म्युचुअल फंड का इस्तेमाल करें 

नाबालिग बैंक खाता 

आमतौर पर माता –पिता ऐसे खाता के संयुक्त खाताधारक होते हैं और इसके लिए नाबालिग के साथ साथ माता-पिता का भी केवाईसी जरूरी होता है। बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और एक फोटो के अलावा, पता, पहचान प्रमाण पत्र के साथ साथ माता-पिता/ अभिभावक का पैन और एक फोटो की जरूरत होती है। नाबालिग के नाम पर बैंक खाता रहने पर फालतू खर्च को रोकने के लिए निकासी की सीमा कम हो सकती है। इस बैंक खाता का इस्तेमाल आप अपने बच्चों के नाम पर अपनी पसंद की बच्चों की म्युचतुअल फंड स्कीम में पैसे लगाने के लिए कर सकते हैं। 

नाबालिग म्युचुअल फंड खाता 

एक बच्चे के लिए बनाया गया एक म्युचुअल फंड खाता अकेले बच्चे के नाम पर रखा जाता है। हालांकि बच्चा म्युचुअल फंड खाते का पहला और एकमात्र धारक होगा, लेकिन माता-पिता या कानूनी रूप से नियुक्त अभिभावक खाते का संरक्षक हो सकते हैं। 

अपने बच्चे का म्युचुअल फंड खाता खोलने के लिए, आपको बच्चे की उम्र का प्रमाण और संबंध का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। माता-पिता के नाम वाला जन्म प्रमाण पत्र इन दोनों आवश्यकताओं को पूरा करेगा। बच्चे के नाम का पासपोर्ट भी इस उद्देश्य की पूर्ति करेगा। यदि संरक्षक कानूनी अभिभावक है, तो कानूनी नियुक्ति को प्रमाणित करने वाले न्यायालय के आदेश की एक प्रति की आवश्यकता होगी। संरक्षक माता-पिता के केवाईसी की भी आवश्यकता होगी। यह सेबी की अनिवार्यता है।

संबंधित:अपने बच्चे के लिए पीपीएफ खाता खोलें? यहां जानें क्यों 

संरक्षक का परिवर्तन

संरक्षक माता-पिता/अभिभावक को बदलने की आवश्यकता की स्थिति में, मौजूदा संरक्षक से अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। नए अभिभावक को नया केवाईसी अनुपालन करना आवश्यक होगा। यदि कोई कानूनी अभिभावक नया संरक्षक बन जाता है, तो अदालत के आदेश की आवश्यकता भी लागू होगी।

बच्चों के म्युचुअल फंड की करदेयता

आयकर अधिनियम के तहत, नाबालिग की सभी आय को माता-पिता या अभिभावक की आय के साथ जोड़ा जाता है और उसके अनुसार कर लगाया जाता है। म्युचुअल फंड खाता रखने वाले नाबालिग की आय म्युचुअल फंड इकाइयों की बिक्री पर लाभांश या पूंजीगत लाभ के रूप में हो सकती है। एक बार जब नाबालिग वयस्क हो जाता है, तो बाद में होने वाली आय और म्युचुअल फंड से होने वाले लाभ पर नाबालिग की आय के हिस्से के रूप में कर लगाया जाएगा।

बच्चों के म्युचुअल फंड में निवेश करते समय क्या क्या ध्यान रखें 

बच्चों के म्युचुअल फंड में आमतौर पर कुछ वर्षों की लॉक-इन अवधि होती है, या जब तक कि बच्चा 18 वर्ष की आयु तक नहीं पहुंच जाता। यह इन योजनाओं से आंशिक निकासी और अल्पकालिक निकास को हतोत्साहित करने के लिए किया जाता है, क्योंकि यह बचत की आदत विकसित करने और बच्चे के विशिष्ट दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के इरादे से शुरू की जाती है।

एक निवेशक के रूप में, आपको एक ऐसी फंड योजना का चयन करना होगा जो आपको इक्विटी और डेट में निवेश का आवश्यक संतुलन प्रदान करे। इक्विटी-ओरिएंटेड फंड लंबी अवधि में उच्च और स्थिर रिटर्न प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं, जैसे कि 10 साल और उससे अधिक। इसलिए यदि आपके पास लंबी अवधि है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड आपको बेहतर रिटर्न प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, अगर बच्चे के वित्तीय लक्ष्य को कुछ वर्षों में हासिल करने की जरूरत है, तो बेहतर है कि आप डेट फंड में जाएं। डेट फंड फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स बड़े निवेश के माध्यम से उच्च पूंजी सुरक्षा प्रदान करते हैं।

यदि आप बच्चों के लिए SIP बनाए रखना चाहते हैं, तो आपको समय के साथ SIP योगदान बढ़ाने का लक्ष्य रखना चाहिए। शुरुआती SIP योगदान फंड खाता खोलने के समय माता-पिता की आय पर आधारित होगा। हालांकि, जैसे-जैसे आय बढ़ती है, एसआईपी में योगदान एक साथ बढ़ना चाहिए।

चुनिंदा बच्चों के म्युचुअल फंड्स 

बच्चों की कुछ म्युचुअल फंड योजनाएं हैं जिन्होंने 7 मई 2021 तक अच्छा प्रदर्शन किया है।

म्युचुअल फंड योजनाएं

Source:www.moneycontrol.com

संबंधित: बच्चों का बैंक खाता कैसे खुलवाना है, यहां जानें पूरी प्रक्रिया 

म्युचुअल फंड माता-पिता को अपने बच्चे के भविष्य का निर्माण करने और शादी और उच्च शिक्षा जैसे दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इस तरह के निवेश एक बड़ी वित्तीय योजना का हिस्सा होना चाहिए और निवेशक की जोखिम क्षमता के अनुसार विविध होना चाहिए। स्वाभाविक रूप से, फंड योजना का अच्छी तरह से अध्ययन करना और समय-समय पर इसके प्रदर्शन की निगरानी करना महत्वपूर्ण है।

संबंधित: बच्चों का बीमा: आपके बच्चों को समय पर पैसे मिल जाए, इसको सुनिश्चित कैसे करें 

हर माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना चाहते हैं ताकि बड़ा हो रहे बच्चे के लिए उत्पन्न सभी खर्चों का प्रबंधन किया जा सके। इसके लिए वे लंबी अवधि के निवेश साधनों जैसे कि लाइफ इंश्योरेंस प्लांस, मनी बैक प्लांस, फिक्स्ड डिपॉजिट, सोना और पीपीएफ में पैसा लगाना पसंद करते हैं। अगर आप अपने बच्चों के लिए निवेश साधन की तलाश कर रहे हैं तो म्युचुअल फंड स्कीम बेहतर और आसान निवेश साधन हो सकता है। 

हालांकि, बच्चों के लिए बेहतर निवेश योजना चुनते समय मार्केट पैटर्न और समय काफी मायने रखते हैं, हम यहां पर म्युचुअल फंड्स के कुछ ऐसे विकल्प बता रहे हैं जो कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित बना सकता है। लेकिन, इससे पहले आप जान लें कि बच्चों के नाम पर निवेश शुरू करने की प्रक्रिया क्या है।

अपने बच्चे के नाम पर निवेश शुरू करना 

बहुत सारे माता-पिता अपने नाम पर म्युचुअल फंड्स में निवेश करते हैं और अपने बच्चों को उसका खास नॉमिनी बनाते हैं। लेकिन, बच्चे के नाम पर बैंक खाता और म्युचुअल फंड खाता खुलवाकर बच्चों की म्युचुअल फंड स्कीम में पैसे लगाना चाहिए। 

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नाबालिग बैंक खाता 

आमतौर पर माता –पिता ऐसे खाता के संयुक्त खाताधारक होते हैं और इसके लिए नाबालिग के साथ साथ माता-पिता का भी केवाईसी जरूरी होता है। बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और एक फोटो के अलावा, पता, पहचान प्रमाण पत्र के साथ साथ माता-पिता/ अभिभावक का पैन और एक फोटो की जरूरत होती है। नाबालिग के नाम पर बैंक खाता रहने पर फालतू खर्च को रोकने के लिए निकासी की सीमा कम हो सकती है। इस बैंक खाता का इस्तेमाल आप अपने बच्चों के नाम पर अपनी पसंद की बच्चों की म्युचतुअल फंड स्कीम में पैसे लगाने के लिए कर सकते हैं। 

नाबालिग म्युचुअल फंड खाता 

एक बच्चे के लिए बनाया गया एक म्युचुअल फंड खाता अकेले बच्चे के नाम पर रखा जाता है। हालांकि बच्चा म्युचुअल फंड खाते का पहला और एकमात्र धारक होगा, लेकिन माता-पिता या कानूनी रूप से नियुक्त अभिभावक खाते का संरक्षक हो सकते हैं। 

अपने बच्चे का म्युचुअल फंड खाता खोलने के लिए, आपको बच्चे की उम्र का प्रमाण और संबंध का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। माता-पिता के नाम वाला जन्म प्रमाण पत्र इन दोनों आवश्यकताओं को पूरा करेगा। बच्चे के नाम का पासपोर्ट भी इस उद्देश्य की पूर्ति करेगा। यदि संरक्षक कानूनी अभिभावक है, तो कानूनी नियुक्ति को प्रमाणित करने वाले न्यायालय के आदेश की एक प्रति की आवश्यकता होगी। संरक्षक माता-पिता के केवाईसी की भी आवश्यकता होगी। यह सेबी की अनिवार्यता है।

संबंधित:अपने बच्चे के लिए पीपीएफ खाता खोलें? यहां जानें क्यों 

संरक्षक का परिवर्तन

संरक्षक माता-पिता/अभिभावक को बदलने की आवश्यकता की स्थिति में, मौजूदा संरक्षक से अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। नए अभिभावक को नया केवाईसी अनुपालन करना आवश्यक होगा। यदि कोई कानूनी अभिभावक नया संरक्षक बन जाता है, तो अदालत के आदेश की आवश्यकता भी लागू होगी।

बच्चों के म्युचुअल फंड की करदेयता

आयकर अधिनियम के तहत, नाबालिग की सभी आय को माता-पिता या अभिभावक की आय के साथ जोड़ा जाता है और उसके अनुसार कर लगाया जाता है। म्युचुअल फंड खाता रखने वाले नाबालिग की आय म्युचुअल फंड इकाइयों की बिक्री पर लाभांश या पूंजीगत लाभ के रूप में हो सकती है। एक बार जब नाबालिग वयस्क हो जाता है, तो बाद में होने वाली आय और म्युचुअल फंड से होने वाले लाभ पर नाबालिग की आय के हिस्से के रूप में कर लगाया जाएगा।

बच्चों के म्युचुअल फंड में निवेश करते समय क्या क्या ध्यान रखें 

बच्चों के म्युचुअल फंड में आमतौर पर कुछ वर्षों की लॉक-इन अवधि होती है, या जब तक कि बच्चा 18 वर्ष की आयु तक नहीं पहुंच जाता। यह इन योजनाओं से आंशिक निकासी और अल्पकालिक निकास को हतोत्साहित करने के लिए किया जाता है, क्योंकि यह बचत की आदत विकसित करने और बच्चे के विशिष्ट दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के इरादे से शुरू की जाती है।

एक निवेशक के रूप में, आपको एक ऐसी फंड योजना का चयन करना होगा जो आपको इक्विटी और डेट में निवेश का आवश्यक संतुलन प्रदान करे। इक्विटी-ओरिएंटेड फंड लंबी अवधि में उच्च और स्थिर रिटर्न प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं, जैसे कि 10 साल और उससे अधिक। इसलिए यदि आपके पास लंबी अवधि है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड आपको बेहतर रिटर्न प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, अगर बच्चे के वित्तीय लक्ष्य को कुछ वर्षों में हासिल करने की जरूरत है, तो बेहतर है कि आप डेट फंड में जाएं। डेट फंड फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स बड़े निवेश के माध्यम से उच्च पूंजी सुरक्षा प्रदान करते हैं।

यदि आप बच्चों के लिए SIP बनाए रखना चाहते हैं, तो आपको समय के साथ SIP योगदान बढ़ाने का लक्ष्य रखना चाहिए। शुरुआती SIP योगदान फंड खाता खोलने के समय माता-पिता की आय पर आधारित होगा। हालांकि, जैसे-जैसे आय बढ़ती है, एसआईपी में योगदान एक साथ बढ़ना चाहिए।

चुनिंदा बच्चों के म्युचुअल फंड्स 

बच्चों की कुछ म्युचुअल फंड योजनाएं हैं जिन्होंने 7 मई 2021 तक अच्छा प्रदर्शन किया है।

म्युचुअल फंड योजनाएं

Source:www.moneycontrol.com

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म्युचुअल फंड माता-पिता को अपने बच्चे के भविष्य का निर्माण करने और शादी और उच्च शिक्षा जैसे दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इस तरह के निवेश एक बड़ी वित्तीय योजना का हिस्सा होना चाहिए और निवेशक की जोखिम क्षमता के अनुसार विविध होना चाहिए। स्वाभाविक रूप से, फंड योजना का अच्छी तरह से अध्ययन करना और समय-समय पर इसके प्रदर्शन की निगरानी करना महत्वपूर्ण है।

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