बदल रहे हैं नौकरी? आपका पीएफ बैलेंस ऑटोमैटिक रूप से आपके साथ-साथ जाएगा

पीएफ बैलेंस ट्रांसफर का क्लेम करने का काम अगले साल से ऑटोमैटिक हो जाएगा, जिसमें कर्मचारी की ओर से किसी भी तरह के प्रयास की जरूरत नहीं होगी

नौकरी बदलने पर प्रोविडेंट फंड ऑटोमैटिक हो जाएगा ट्रांसफर

अगले वित्‍तीय वर्ष से, कर्मचारियों को नौकरी बदलते समय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पास ट्रांसफर क्‍लेम फाइल नहीं करना होगा। ईपीएफओ अगले साल किसी भी समय सभी कर्मचारियों के ईपीएफ ट्रांसफर को ऑटोमैटिक करने के विकल्प को अंतिम रूप दे रहा है। एक बड़ी योजना पर काम करते हुए, ईपीएफओ एक पेपरलैस संगठन बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सीडीएसी) के साथ बातचीत कर रहा है। वर्तमान में, इसकी 80% गतिविधियाँ ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर स्थानांतरित हो गई हैं।

ईपीएफओ ने स्पष्ट किया कि जब नया नियोक्ता अपने मासिक ईपीएफ रिटर्न में कर्मचारी के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) को दर्ज करेगा, तो ईपीएफ योगदान और ब्याज स्वतः ही ट्रांसफर हो जाएगा। वर्तमान में, यह ट्रांसफर ऑटोमैटिक रूप से नहीं होता है, और किसी कर्मचारी को ट्रांसफर प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन क्‍लेम करना पड़ता है। ईपीएफओ के एक अधिकारी ने इसे स्‍पष्‍ट करते हुए बताया कि किसी कर्मचारी का यूएएन प्रभावी रूप से एक स्थायी खाता संख्या की तरह होगा और किसी कर्मचारी के जीवनकाल के दौरान भी एक ही बना रहेगा।

यूएएन कैसे काम करता है?

यूएएन एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर है जो भविष्य निधि के सभी ग्राहकों को आवंटित किया जाता है। यह ईपीएफओ द्वारा जारी किया जाता है। पुराने दिनों के विपरीत, कर्मचारियों को हर बार नौकरी बदलने पर नया पीएफ नंबर नहीं दिया जाता है। एक यूएएन पूरे जीवन काल के लिए होता है और यूएएन से जुड़ी एक यूनिक मैंबर आईडी के साथ, सभी कर्मचारियों को बस जॉइनिंग के वक्‍त नए नियोक्‍ता को अपना यूएएन प्रदान करना होता है। यूएएन ने पीएफ ट्रांसफर के क्‍लेम को सरल बनाया है और अपडेट किए गए पीएफ खाते को देखना, यूएएन कार्ड डाउनलोड करना, केवाईसी जानकारी अपडेट करना आदि को आसान बना दिया है।

जब हम नौकरी बदलते हैं तो हम ईपीएफ बैलेंस के साथ क्या कर सकते हैं?

जब हम नौकरी बदलते हैं, तो हमारे पास दो विकल्प होते हैं। पहला, हम ब्याज के साथ कर्मचारी योगदान वापस ले सकते हैं। हालांकि, इसके लिए हमें कम से कम 60 दिनों के ब्रेक पर होना चाहिए। दूसरा और अधिक अनुशंसित विकल्प वर्तमान नियोक्ता को शेष राशि हस्तांतरित करना होता है। टैक्‍स कारणों और रिटायरमेंट लाभ के लिए, इसे निकालने की बजाए पीएफ बैलेंस को ट्रांसफर करना हमेशा उचित होता है। 

जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है तो ईपीएफ बैलेंस कैसे ट्रांसफर किया जाता है?

कर्मचारी को अपने यूएएन और पासवर्ड के साथ यूनिफाइड पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। वन मेंबर- ‘वन ईपीएफ अकाउंट (ट्रांसफर रिक्वेस्ट)’  को चुनना होगा, जो ऑनलाइन सेवाओं के तहत उपलब्ध है। ट्रांसफर क्लेम फॉर्म को अटेस्ट करने के लिए आप वर्तमान नियोक्ता या पिछले नियोक्ता का चयन कर सकते हैं। इस अनुरोध की पुष्टि ओटीपी के माध्यम से होगी। फिर आप फॉर्म 13 भरेंगे और इसे ऑनलाइन क्लेम फॉर्म की कागज़ी कॉपी के साथ जमा करेंगे।

यह ऑटोमेशन क्यों पेश किया गया है और इससे क्या बदलेगा?

ईपीएफओ को हर साल लगभग 8 लाख ट्रांसफर अनुरोध मिलते हैं। यह एक अलग ऑनलाइन प्रकिया है जिसे कर्मचारियों को अपनी नौकरी बदलने पर हर बार करने की आवश्यकता होती है। हालांकि, बदलाव के साथ, कर्मचारी को यह ट्रांसफर क्‍लेम फॉर्म दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी। नया नियोक्ता, इसके बजाय, बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया को अपनाए, ईपीएफओ को ट्रांसफर की सूचना देगा। मासिक ईपीएम रिटर्न में नए कर्मचारी का यूएएन भरने मात्र से, यूएएन पिछले नियोक्‍ता के यहां कर्मचारी के कार्यकाल के दौरान प्राप्‍त हुए बैलेंस और ब्‍याज को ऑटोमैटिक रूप से प्राप्‍त कर लेता है। इसके अलावा , क्‍या आप ईपीएफओ द्वारा दी जा रही इन सेवाओं से अवगत हैं?
 

संबंधित लेख