कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड क्या है? कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड की विशेषताएं, किसे इस फंड में निवेश करना चाहिए

कॉर्पोरेट डेट फंड के बारे में आपको जो कुछ जानने की जरूरत है, यहां उसकी पूरी जानकारी मिलेगी। यह लेख आपको सूचित निर्णय लेने में मदद करेगा।

कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड आपको क्या जानना चाहिए

हम सब जानते हैं कि कॉर्पोरेट घरानों और व्यावसायिक संगठनों को हमेशा पैसों की जरूरत होती है। क्या आपको लगता है कि वे हमेशा अपने कार्यों के वित्तपोषण के लिए बैंक ऋण लेते हैं? इसका जवाब है नहीं। ज्यादातर व्यावसायिक फर्म कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं, विपणन लागतों, या ऐसे अन्य छोटे से मध्यम खर्चों को पूरा करने के लिए कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड को चुनती हैं।

तो, कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड क्या है? क्या सभी म्युचुअल फंड इक्विटी फंड होते हैं? इस लेख में आप कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड से संबंधित अपने सभी सवालों के जवाब पा सकते हैं।

कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड क्या है?

कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड क्या होते हैं, इसे समझने के लिए आपको सबसे पहले कॉर्पोरेट बॉन्ड को समझना होगा। कॉर्पोरेट बॉन्ड कॉर्पोरेट घरानों द्वारा पैसा जुटाने के लिए जारी किया जाने वाला एक वित्तीय साधन है। यह एक कर्ज आधारित निवेश साधन (डेट इंस्ट्रूमेंट) है। इसमें निवेशक को कर्जदार को दी गई राशि पर ब्याज मिलता है। जब बॉन्ड परिपक्व हो जाता है, तो मूल राशि वापस कर दी जाती है।

कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड एक ऐसा फंड है, जिसकी अधिकांश संपत्ति कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश की जाती है। ये फंड नियमित आय लाभ और कम जोखिम प्रोफाइल के कारण अच्छा खासा लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्हें दो वर्गों में बांटा जा सकता है:

  • शीर्ष रेटिंग वाले कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स: ये फंड क्रिसिल द्वारा दी गई टॉप रेटिंग वाली कंपनियों के कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करते हैं। जैसे नवरत्न कंपनियां, अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां। 
  • कम रेटिंग वाले कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स: ये फंड कुछ कम रेटिंग वाले कॉर्पोरेट्स में निवेश करते हैं। यहां जोखिम कारक अधिक होते हैं। जोखिम ब्याज और मूलधन के भुगतान में चूक में निहित है। 

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कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स की विशेषताएं

·घटक: कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड मुख्य रूप से कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करते हैं। इसे कॉर्पोरेट द्वारा जारी किए गए अन्य ऋण साधनों जैसे डिबेंचर, वाणिज्यिक पत्र और अन्य संरचित दायित्वों में भी निवेश किया जा सकता है। ये सभी उपकरण एक विशेष ब्याज (निश्चित आय) का भुगतान करने वाले ऋण साधन होते हैं और कुछ हद तक एक जैसे ही जोखिम प्रोफ़ाइल रखते हैं। उन सभी की परिपक्वता तिथियां होती हैं।

·मूल्य: बाजार की ब्याज दर के अनुसार बॉन्ड की कीमत बदलती रहती है। ब्याज दर और बॉन्ड की कीमत का विपरीत संबंध है। जब बाजार में ब्याज दर अधिक होती है, तो बॉन्ड की कीमत गिरती है, और जब ब्याज दर कम होती है, तो बॉन्ड की बढ़ती है। बाजार में ब्याज दर से तात्पर्य सावधि जमा और अन्य सरकारी योजनाओं पर ब्याज दर से है। चूंकि कॉर्पोरेट बॉन्ड एक निश्चित ब्याज का भुगतान करते हैं (बॉन्ड जारी होने पर तय किया जाता है), अगर बाजार की ब्याज दर बढ़ती है, तो आम तौर पर निवेशक बॉन्ड को छोड़कर उच्च ब्याज-भुगतान वाले साधनों में पैसा लगाना पसंद करते हैं। 

·बॉन्ड का सममूल्य: प्रत्येक बॉन्ड का एक समान मूल्य होता है जो बॉन्ड का अंकित मूल्य होता है। यह वह राशि होती है जिसे व्यवसायिक घराना बॉन्ड की परिपक्वता पर बॉन्डधारक को भुगतान करने का वादा करता है। बॉन्ड की कीमत और उसके सममूल्य अलग-अलग होते हैं। कीमत वह होती है जिस पर बॉन्ड बाजार में कारोबार करता है जबकि सममूल्य वह राशि है जो कंपनी बॉन्ड की परिपक्वता पर भुगतान करने का वादा करती है। सरल शब्दों में, यह ऋणदाता द्वारा कॉर्पोरेट घराने को प्रदान किए गए ऋण की मूल राशि है। 

  • ब्याज या कूपन: कॉर्पोरेट घराने को बॉन्ड के परिपक्व होने तक या बॉन्डधारक के बॉन्ड को बेचने तक नियमित अंतराल पर बॉन्डधारक को एक कूपन का भुगतान करना होता है। बॉन्ड खरीदते समय ब्याज दर या कूपन तय होता है। 
  • वर्तमान प्रतिफल: कूपन का भुगतान बॉन्ड के वर्तमान प्रतिफल पर किया जाता है, जिसे ब्याज या कूपन दर के रूप में भी जाना जाता है। वर्तमान प्रतिफल बॉन्ड से मिलने वाला वार्षिक प्रतिफल है। उदाहरण के लिए, यदि यह 1000 रुपये के सममूल्य के बॉन्ड पर 15% पर तय किया गया है, तो वार्षिक ब्याज 150 रुपये होगा। 
  • परिपक्वता पर प्रतिफल (YTM): YTM बॉन्ड से होने वाली सभी तरह की आय पर मिलने वाला रिटर्न होता है। इसमें परिपक्वता तक सभी कूपन भुगतान, बॉन्ड की वर्तमान कीमत और मूल राशि शामिल किए जाते हैं।  

·तरलता: कॉर्पोरेट बॉन्ड का उपयोग अल्पकालिक फंड आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है और इस प्रकार ये फंड हमेशा इस्तेमाल में रहते हैं। ये फंड तरल होते हैं और बाजार में आसानी से बिक्रीयोग्य होते हैं। 

·कर तत्व: कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड से मिलने वाले रिटर्न पर पूंजीगत लाभ कर के अनुसार कर लगता है। यदि बॉन्ड तीन साल से कम समय के लिए रखा जाता है तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा और अगर इसे तीन साल से अधिक के लिए रखा जाए तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा।  

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इस फंड में किसे निवेश करना चाहिए?

यदि आप किसी ऐसे निवेश साधन की तलाश में हैं जो कि अपेक्षाकृत सुरक्षित हो और जिससे आपको नियमित आय हो, तो आप कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड चुन सकते हैं। हालांकि इसमें भी जोखिम है, लेकिन इक्विटी फंड की तुलना में कम है। छोटी अवधि के निवेश लक्ष्य वाले लोग भी इन बॉन्ड फंडों में निवेश कर सकते हैं। उच्च आयकर ब्रैकेट वाले निवेशक भी कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड से लाभ उठा सकते हैं।

आखिरी शब्द 

कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड आमतौर पर इक्विटी फंड और हाइब्रिड फंड की तुलना में कम जोखिम वाले होते हैं। हालांकि, लंबी अवधि में ब्याज दर में उतार-चढ़ाव के कारण वे अस्थिर हो सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी द्वारा ब्याज और मूलधन के भुगतान में चूक करने का भी जोखिम है। इसलिए, कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड में निवेश करने से आपको कुछ हद तक सुरक्षित उच्च नियमित रिटर्न मिल सकता है। यह द्वितीयक आय का स्रोत भी हो सकता है, जिसे आप कभी भी समाप्त कर सकते हैं।

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