FIR against Ashneer Grover: FIR against BharatPe ex-MD Ashneer Grover and family for 81 crore alleged fintech fraud in hindi

पुलिस ने भारत पे के फाउंडर अशनीर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर और परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ दिसंबर में कथित रूप से 81 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में प्राथमिकी दर्ज की।

FIR against Ashneer Grover

FIR against Ashneer Grover: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को भारत पे के फाउंडर अशनीर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर और परिवार के सदस्यों दीपक गुप्ता, सुरेश जैन और श्वेतांक जैन के खिलाफ दिसंबर में कथित रूप से 81 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में प्राथमिकी दर्ज की। दरअसल दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली थी जिसके बाद कथित व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की गई। एफआईआर में कहा गया है कि अब तक की गई शिकायत और जांच के मुताबिक धारा 406/408/409/420/467/468/471/120बी आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) के तहत प्रथम दृष्टया दंडनीय अपराध बनता है।

जानकारी के मुताबिक ग्रोवर और उनके परिवार पर गंभीर आपराधिक अपराधों की आठ धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिनमें 409 (लोक सेवक, बैंकर, व्यापारी, या एजेंट द्वारा विश्वास का आपराधिक उल्लंघन), 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी), 467 (जालसाजी) और 120B (आपराधिक साजिश) है।

मामला क्या है?

पिछले छह महीनों से भारत पे के सह-संस्थापक और पूर्व एमडी अशनीर ग्रोवर अदालती विवादों में उलझे हुए हैं। वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में उन्हें मार्च 2022 में फिनटेक से निकाल दिया गया था। BharatPe ने दिसंबर 2022 में ग्रोवर और उनके परिवार के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए और दीवानी मुकदमा दायर किया था।

इसके अलावा, BharatPe ने प्रतिबंधित शेयरों को दोबारा प्राप्त करने और फाउंडर टाइटल का उपयोग करने से ग्रोवर को रोकने के लिए सिंगापुर में मध्यस्थता का दावा दायर किया। एक पूर्व सहयोगी द्वारा जनवरी 2023 में शार्क टैंक इंडिया-फेम के खिलाफ एक और मुकदमा शुरू किया गया था। 

एफआईआर पर भारतपे की प्रतिक्रिया

भारत पे ने प्राथमिकी दर्ज करने को एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे परिवार द्वारा निजी वित्तीय लाभ के लिए किए गए कई संदिग्ध लेन-देन का पता चलता है। कंपनी ने कहा कि यह FIR अब जांच एजेंसियों को अपराध की गहराई से जांच करने और दोषियों को कटघरे में लाने में सक्षम बनाएगी। हमें अपने देश की न्यायिक प्रणाली पर पूरा भरोसा है और हमें उम्मीद है कि ये मामला निष्कर्ष तक पहुंचेगा। हम अधिकारियों को हर संभव सहयोग देना जारी रखेंगे।

संवादपत्र

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