गिरावट में खरीदारी: कारोबार के मामले में इसका सही मतलब क्या होता है? | What does it mean to buy the dip?

किसी भी सूचकांक में करेक्शन या मौलिक रूप से अच्छे स्टॉक के शेयर की कीमत में गिरावट को गिरावट के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। निवेशकों को गिरावट में खरीदारी से लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

गिरावट में खरीदारी कारोबार के मामले में इसका सही मतलब क्या होता है?

जब भी कोई मौलिक रूप से मजबूत स्टॉक या सूचकांक उच्च स्तर (अपने ऐतिहासिक स्तरों से अधिक) पर कारोबार कर रहा होता है, तो हम इसे खरीदने से पहले शेयर की कीमत या सूचकांक के गिरने का इंतजार करते हैं। जब कभी भी गिरावट होती है, तो उसे गिरावट के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। मौलिक रूप से अच्छे शेयरों या सूचकांकों में गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी के अच्छे मौके लेकर आती है। इससे निवेशक लंबे समय में अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं। 

इस लेख में, हम समझेंगे कि किसी भी अच्छी कंपनी के शेयर की कीमत या व्यापक सूचकांक में गिरावट से निवेशक कैसे लाभ उठा सकते हैं।

शेयर की कीमत में गिरावट से फायदा

आइये पिछले पांच वर्षों में भारती एयरटेल के शेयर मूल्य में हलचल से समझते हैं कि विभिन्न बिंदुओं पर गिरावट कैसे अच्छा मुनाफा कमाने का मौका था। 

चार्ट: भारती एयरटेल के 5 साल का मूल्य चार्ट

चार्ट: भारती एयरटेल के 5 साल का मूल्य चार्ट

(स्रोतhttps://www.moneycontrol.com)

जैसा कि उपरोक्त चार्ट में बताता है कि भारती एयरटेल के शेयर की कीमत में पिछले पांच वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। यह शेयर मूल्य अस्थिरता कुछ कारकों का परिणाम है जैसे:

a) एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) मामले में टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला

b) भारती एयरटेल का उच्च ऋण बोझ

ग) रिलायंस जियो, आदि से प्रतिस्पर्धा के कारण दूरसंचार सेवाओं के दाम काफी कम होना।

भारती एयरटेल भारत की अग्रणी दूरसंचार कंपनी है। इसलिए, उपरोक्त सभी कारकों के बावजूद, शेयर की कीमत में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव के कारण, भारती एयरटेल के शेयर की कीमत में हर गिरावट ने खरीदारी का अच्छा मौका दिया। ऊपर दिए गए चार्ट को देखकर आइये समझते हैं कि अगर आपने किसी गिरावट में खरीदारी की है तो आपको कैसे अच्छा मुनाफा होता। 2017 के बाद से, पिछले पांच वर्षों में शेयर की कीमत में सभी प्रमुख गिरावटों के क्रम को देखें:

2017 के बाद से, पिछले पांच वर्षों में शेयर की कीमत में सभी प्रमुख गिरावटों के क्रम2017 के बाद से

हमने अभी देखा कि कैसे पिछले पांच वर्षों में भारती एयरटेल के शेयर की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों को छह खरीदारी के मौके दिए। कोई भी निवेशक गिरावट के दौरान खरीदारी करता है, तो अगले चरण में तेजी से अच्छा लाभ होगा। यदि निवेशक ने उपरोक्त छह गिरावट में से किसी में भी खरीदारी की होगी और आज (अगस्त 2021) भी उस स्टॉक में निवेशित होगा, तो उसे अच्छा खासा मुनाफा हो रहा होगा, क्योंकि यह अब तक के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है।

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गिरावट में खरीदने से पहले कंपनी की मजबूती पता कर लें

हर निवेशक को मालूम है कि कंपनियों के शेयर की कीमतें समय समय पर गिरती हैं। लेकिन, भारती एयरटेल के मामले में जिस तरह से कीमतें वापस तेजी की तरफ लौटी, वैसा हर कंपनी के शेयर के साथ नहीं होता है। भारती एयरटेल दूरसंचार सेवाओं की अग्रणी कंपनी है और अब तक हर प्रतिकूल स्थिति से बचने में कामयाब रही है। लेकिन, भारती एयरटेल जैसी हर मजबूत कंपनी जैसे रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), टाटा टेलीसर्विसेज, एमटीएनएल आदि जैसी अन्य दूरसंचार कंपनियां खुद को नहीं बचा पाईं। गिरावट के दौरान इन कंपनियों के शेयर खरीदने वाले निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।

कई बार तो अग्रणी कंपनी भी टिक नहीं पाते हैं। उदाहरण के तौर पर सुजलॉन एनर्जी (पवन ऊर्जा सेवाओं में अग्रणी) और यूनिटेक (एक समय में भारत की दूसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी) शामिल हैं। इसलिए, शेयर की कीमतों में गिरावट में उसे खरीदने से पहले कंपनी की मजबूती का मूल्यांकन करें और सावधान रहें।

गिरावट में किन शेयरों को खरीदें, यह पता करना बड़ा मुश्किल होता है। इसके लिए आप जब भी इसमें करेकेशन हो निफ्टी 50 जैसे व्यापक सूचकांक को खरीदकर इसे सुरक्षित रख सकते हैं। आइए इस पर और नजदीक से नजर डालते हैं।

गिरावट में निफ्टी 50 सूचकांक में खरीदारी से फायदा

हमने देखा कि भारती एयरटेल जैसे मौलिक रूप से अच्छे स्टॉक गिरावट में खरीदने के बाद उसमें तेजी आने पर कैसे फायदेमंद हो सकते हैं। इसी तरह, आप निफ्टी 50 सूचकांक म्युचुअल फंड की इकाइयों को खरीदकर निफ्टी 50 जैसे व्यापक सूचकांक को गिरावट में खरीद सकते हैं। पिछले आंकड़ों के आधार पर देखें तो, जब भी निफ्टी 50 सूचकांक गिरा है, तो कुछ समय में उसमें फिर से तेजी आई, जिससे सभी नुकसानों की भरपाई हुई है और उसने नई ऊंचाईयों को छूआ।

चार्ट: निफ्टी 50 सूचकांक का 15 साल का मूवमेंट

चार्ट: निफ्टी 50 सूचकांक का 15 साल का मूवमेंट

(स्रोत: https://in.tradingview.com/symbols/NSE-NIFTY/)

2007-2021 के 15 वर्षों के दौरान निफ्टी 50 सूचकांक तेजी-मंदी के कई चरणों से गुजरा है। चार्ट से पता चलता है कि कैसे निफ्टी 50 सूचकांक न केवल पिछली हर गिरावट से सभी नुकसानों की भरपाई करने में कामयाब रहा है, बल्कि नई ऊंचाई पर भी चला गया है। अगस्त 2021 तक निफ्टी 50 सूचकांक लगभग 16,500 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है।  

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आइए इन 15 वर्षों के दौरान हम देखते हैं कि निफ्टी 50 सूचकांक की कुछ गिरावट को और उस गिरावट में अगर कोई निवेशक खरीदारी करता तो उसे कैसा फायदा होता।

15 वर्षों के दौरान हम देखते हैं कि निफ्टी 50 सूचकांक

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आखिरी शब्द

लंबे समय में मौलिक रूप से अच्छे स्टॉक या डायवर्सिफाइड सूचकांक के मामले में गिरावट में खरीदना हमेशा निवेशकों के लिए फायदेमंद होता है। स्टॉक (भारती एयरटेल) और सूचकांक (निफ्टी 50) के उपरोक्त दो परिदृश्यों में, हमने देखा कि जिन निवेशकों ने गिरावट में खरीदा, उन्होंने कैसे अच्छा लाभ कमाया। निवेशकों के लिए गिरावट में खरीदने में एकमात्र चुनौती यह जानना है कि स्टॉक या इंडेक्स कब नीचे से बाहर आकर तेजी की तरफ बढ़ता है।

जानकार निवेशकों के लिए भी निचले बिंदु की पहचान करना एक चुनौती है। ऐसे मामलों में, आप गिरावट में खरीदने के लिए एक पैमाना तय कर सकते हैं। यह पैमाना हो सकता है, सूचकांक स्तर पर 10% करेक्शन या किसी सूचकांक के शेयर मूल्य में 15% -20% की गिरावट। साथ ही एक बार में पूरी राशि का निवेश करने के बजाय अपने पैसे को छोटी-छोटी किश्तों में निवेश करना एक अच्छा विचार है।

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