आपके बच्चे की हायर एजुकेशन के लिए निवेश के विकल्प

ये लंबी अवधि और छोटी अवधि के निवेश विकल्प आपको अपने बच्चे की शिक्षा के लिए एक बड़ा फंड जमा करने में मदद कर सकते हैं.

आपके बच्चे की हायर एजुकेशन के लिए निवेश के विकल्प

पिछले दशक में एजुकेशन के खर्चों में काफी वृद्धि हुई है. एक समय था जब हायर एजुकेशन सेक्टर पर सरकारी विश्वविद्यालयों का एकाधिकार था, लेकिन समय के साथ कई निजी संस्थान इसमें शामिल हुए और इसके स्तर को ऊपर उठाया. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और माहौल देने के साथ, इन प्राइवेट इंस्टिट्यूट ने छात्रों के लिए फीस और बोर्डिंग के खर्चे भी बढ़ा दिए है. 

माता-पिता के रूप में, इन खर्चों को उठाने की ज़िम्मेदारी आप पर है. इसलिए, बेहतर तरीके से निवेश करके अपने बच्चे के खर्चों को पूरा करने के लिए आगे की योजना बनाना और पर्याप्त बचत करना महत्वपूर्ण है. कृपया ध्यान दें कि सही इंस्ट्रूमेंट चुनना मुख्य रूप से इस पर निर्भर करता है कि आप कब तक निवेश में बने रह सकते हैं और आपकी जोखिम लेने की क्षमता कितनी है. अगर आप अपने बच्चे की हायर एजुकेशन के खर्चों के लिए बचत करने की योजना बना रहे हैं तो कुछ निवेश साधन आप अपना सकते हैं जिनमें शामिल हैं:

लंबी अवधि के निवेश विकल्प

  • यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप): यूलिप में एक पॉलिसी के तहत निवेश और बीमा दोनों का लाभ मिलता है और यह एक शानदार दीर्घकालिक निवेश विकल्प के रूप में काम कर सकता है. वे एक जीवन बीमा भी प्रदान करते हैं, इसलिए आपकी मृत्यु होने पर भी आपके बच्चे को आर्थिक रूप से सुरक्षित रखा जाएगा. इसके अलावा, यूलिप सभी प्रकार के जोखिम के अनुरूप इक्विटी, डैट और बैलेंस्ड फंड प्रदान करते हैं. लेकिन ध्यान रखें कि यूलिप लंबी अवधि के निवेश हैं और ज़्यादा रिटर्न की पेशकश तभी करते हैं जब आप उनमें लंबी अवधि के लिए निवेश करते हैं. इसलिए, इस विकल्प को तभी चुनें अगर आपका बच्चा छोटा है, ताकि आपके पास एक फंड बनाने के लिए पर्याप्त समय हो. 
  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ):  पीपीएफ एक दीर्घकालिक निवेश योजना के रूप में भी काम करता है. कोई भी माता-पिता बच्चे के लिए पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं. बच्चे के 18 साल के होने तक माता-पिता द्वारा खाता मैनेज किया जाता है, जिसके बाद खाते को बच्चे को ट्रांसफर किया जा सकता है. एक पीपीएफ खाता औसतन 7% का रिटर्न दे सकता है, जो आपकी बचत को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है. इसके अलावा, आप हायर एजुकेशन जैसे ज़रूरी खर्चों के लिए मैच्योरिटी से पहले पैसे निकाल सकते हैं. 
  • सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई): यह एक सरकारी बचत योजना है जो कन्या के माता-पिता की मदद कर सकती है. खाता तब मैच्योर होता है जब बच्चा 21 वर्ष का हो जाता है या उसके 18 वर्ष के होने के बाद उसकी शादी हो जाती है. यह भी एक लंबी अवधि का निवेश विकल्प है और यह तभी काम आता है जब आप अपनी बेटी के बचपन से ही उसके खाते में पैसा डालना शुरू करते हैं.
  • इक्विटी म्यूचुअल फंड: अगर आपके पास अपने बच्चे की हायर एजुकेशन के खर्चों के लिए फंड जमा करने का काफी समय है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने पर विचार करें. इक्विटी म्यूचुअल फंड लंबी निवेश अवधि में ज़्यादा रिटर्न दे सकते हैं. इसके अलावा, आप अपनी पसंद के अनुसार लार्ज-कैप, स्मॉल-कैप या मिड-कैप विकल्पों में से चुन सकते हैं.  
  • इससे मिलती-जुलती बातें: बच्चे की एजुकेशन के खर्च की योजना कैसे बनाएं?

लघु और मध्यम अवधि के निवेश विकल्प

  • एग्रेसिव हाइब्रिड फंड: अगर आपका नज़रिया छोटी अवधि का है तो म्यूचुअल फंड एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. आपको कितनी जल्दी पैसे की ज़रूरत है, इसके आधार पर आप विभिन्न प्रकार के म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपका बच्चा तीन साल से कम समय में कॉलेज शुरू करता है तो एग्रेसिव हाइब्रिड फंड एक अच्छा विकल्प हो सकता है. ध्यान दें कि ये ज़्यादा जोखिम वाले फंड हैं, इसलिए हो सकता है कि ये कम जोखिम की क्षमता वाले व्यक्ति के लिए काम न आएं.
  • गोल्ड फंड:  गोल्ड फंड एक प्रकार का म्यूचुअल फंड है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आपके पैसे को गोल्ड रिजर्व में निवेश करता है. गोल्ड फंड भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा विनियमित होते हैं और इसलिए एजुकेशन सेविंग्स के लिए एक सुरक्षित विकल्प बनाते हैं. इसके अलावा, ये फंड ज़्यादा लिक्विडिटी की सुविधा होते हैं, इसलिए आप इन्हें आसानी से निकाल सकते हैं. रिटर्न आपको महंगाई को मात देने में भी मदद कर सकता है. 
  • रिकरिंग डिपॉज़िट(आरडी): माता-पिता के लिए आरडी एक सुरक्षित अल्पकालिक निवेश विकल्प हो सकता है. आरडी के लिए न्यूनतम निवेश अवधि छह महीने जितनी कम हो सकती है. रिटर्न सेविंग अकाउंट से ज़्यादा होता है. और आप किसी भी बैंक में आरडी अकाउंट खुलवा सकते हैं. प्रक्रिया सरल और सीधी है. 

इससे मिलती-जुलती बातें: एजुकेशन लोन के साथ अपने बच्चे की हायर एजुकेशन को कैसे फाइनेंस करें

ऊपर बताए गए निवेश विकल्पों के अलावा आप स्टूडेंट लोन पर भी विचार कर सकते हैं. हालांकि, हमारी सलाह है कि आप अपने पैसे को बेहतर तरीके से निवेश करने पर ध्यान दें, ताकि आप बिना किसी परेशानी के स्टूडेंट लोन इंटरेस्ट चुकाने के लिए अपने निवेश रिटर्न का इस्तेमाल कर सकें. 

और आखिर में

एक चाइल्ड इन्वेस्टमेंट प्लान चुनना जरूरी है जो आपके लक्ष्यों और समय सीमा के अनुकूल हो, ताकि आपके बच्चे को अपने सपनों और लक्ष्यों से समझौता न करना पड़े. साथ ही, अगर आप ज़्यादा जोखिम नहीं ले सकते हैं, तो आपको अपने बच्चे के जन्म के साथ ही बचत शुरू करने की सलाह दी जाती है. इस तरह, आपके पास एक लंबी निवेश अवधि होगी और आप कंपाउंडिंग की शक्ति का लाभ उठा सकेंगे देर से शुरू करना आप पर बहुत दबाव डाल सकता है, और आपके पोर्टफोलियो पर अस्थिरता और जोखिम भी बढ़ा सकता है.

जानें कि आप अपने बच्चे की एजुकेशन का खर्च उठाने के लिए कितने तैयार हैं

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