17 IPO out of 22 trading higher than Issue Price: 22 में से 17 आईपीओ इश्यू प्राइस से ऊपर

2022 में शेयर बाजार में 22 कंपनियों के आईपीओ ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ₹44,085 करोड़ जुटाए।

आईपीओ का दमदार प्रदर्शन

IPO Trade: शेयर बाजार के कारोबार को देखने से पता चलता है कि यह साल आईपीओ के प्रदर्शन के लिहाज से बहुत अच्छा रहा। इस साल कितनी ही कंपनियों के सूचिबद्ध होने के बाद शेयर अपने प्रारंभिक प्रस्ताव की कीमत से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इस वर्ष अब तक 22 कंपनियों के प्रारंभिक प्रस्तावों ने ₹44,085 करोड़ जुटा लिए हैं। इसकी तुलना में पिछले वर्ष 2021 में 63 कंपनियों द्वारा ₹1.19 लाख करोड़ जुटाए गए थे। इन 22 कंपनियों में से 17 कंपनियाँ जो लिस्ट हुई उनके प्रारंभिक प्रस्ताव अपनी कीमत से कहीं ऊपर कारोबार कर रहे हैं। बाजार की दृष्टि से यह एक सकारात्मक और अच्छा रुझान है। 

आईपीओ ने कमाया मोटा पैसा 

इस साल प्रस्तुत किए गए अधिकतर प्रारंभिक प्रस्तावों (आईपीओ) ने अपने निवेशकों को खासा पैसा कमा कर दिया है। इकोनॉमिक्स टाइम्स के अनुसार शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच जिन 22 सूचिबद्ध कंपनियों में से 17 कंपनियों के शेयर प्रारंभिक प्रस्ताव की कीमत (इश्यू प्राइस) से ऊपर कारोबार कर रही हैं उनमें एक अडानी विल्मर भी शामिल है। अडानी विल्मर फरवरी के महीने में अपना प्रारंभिक प्रस्ताव लेकर आई थी जो कि ₹230 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर खुला था। इस प्रस्ताव के जरिए कंपनी ने ₹3600 करोड़ की राशि जमा की थी। वर्तमान में इस शेयर की कीमत अपने प्रारंभिक प्रस्ताव की कीमत से 192% ऊपर चल रही है। 

130% से अधिक का रिटर्न देने वाले आईपीओ प्रस्ताव रहे हैं वेरंडा लर्निंग सॉल्यूशंस और वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स। इनके साथ ही 12 अन्य शेयर भी अपनी इश्यू प्राइस से 15-80 प्रतिशत के बीच का रिटर्न दे रहे हैं। इसके चलते निफ्टी में इस साल 4% का इजाफा हुआ है। 

यह भी पढ़ें: जीवन बीमा के महत्व और प्रकार

प्रारंभिक प्रस्ताव (IPO) की गुणवत्ता बेहतर 

पिछले साल के प्रारंभिक प्रस्तावों ने निवेशकों को अपेक्षा के अनुसार मुनाफा नहीं दिया। जिन कंपनियों का वैल्यूएशन अनुमान से कहीं ज्यादा लगाया गया था उन्होंने निवेशकों को फायदा नहीं पहुँचाया। लेकिन जानकारों और बैंकरों का कहना है इस वर्ष आने वाले आईपीओ की गुणवत्ता पिछले दो वर्षों से बहुत अच्छी है। डीएम कैपिटल के एमडी धर्मेश मेहता का मानना है कि 2022 में अभी जिन कंपनियों ने आईपीओ के मार्फत प्राथमिक (प्राइमरी) बाजार में कदम रखा है उनकी वैल्यूएशन बहुत अच्छी है। अन्य कंपनियों ने सेबी से अनुमोदन (अप्रूवल) मिलने के बाद भी बाजार के हालात को देखते हुए अपने आईपीओ को स्थगित कर दिया है। इसलिए सेकेंडरी मार्केट में आए उछाल के कारण आईपीओ अपने निवेशकों को मोटा मुनाफा दे रहे हैं।  

आईपीओ जिन्होंने किया निराश 

सरकारी सेक्टर की कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आईपीओ से निवेशक निराश हुए हैं। अपने प्रारंभिक प्रस्ताव से एलआईसी ने ₹20,557 करोड़ इकट्ठे किए थे और उसे देश का सबसे बड़ा आईपीओ कहा गया था। लेकिन वर्तमान में एलआईसी के शेयर की कीमत आईपीओ की कीमत से 38% फिसली है। इसी तरह लॉजिस्टिक्स यूनिकॉर्न डिलीवरी में भी निवेशकों को नुकसान हुआ है। मई में लाए प्रारंभिक प्रस्ताव से कंपनी ने ₹5235 करोड़ जमा किए थे लेकिन अब इसकी कीमत 27% लुढ़क चुकी है। 
इस साल जहाँ आईपीओ प्रस्ताव का प्रदर्शन दमदार बना दिखता है वहीं पिछले साल लाए गए प्रारंभिक प्रस्तावों में से 28 प्रस्तावों की कीमत अभी ऑफर प्राइस के नीचे चल रही है। 
यह जानकारी निवेशकों की सहूलियत के लिए दी गई है, निवेश की सलाह नहीं है।   

यह भी पढ़ें: पहले क्या? पीपीएफ या जीवन बीमा
 

IPO Trade: शेयर बाजार के कारोबार को देखने से पता चलता है कि यह साल आईपीओ के प्रदर्शन के लिहाज से बहुत अच्छा रहा। इस साल कितनी ही कंपनियों के सूचिबद्ध होने के बाद शेयर अपने प्रारंभिक प्रस्ताव की कीमत से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इस वर्ष अब तक 22 कंपनियों के प्रारंभिक प्रस्तावों ने ₹44,085 करोड़ जुटा लिए हैं। इसकी तुलना में पिछले वर्ष 2021 में 63 कंपनियों द्वारा ₹1.19 लाख करोड़ जुटाए गए थे। इन 22 कंपनियों में से 17 कंपनियाँ जो लिस्ट हुई उनके प्रारंभिक प्रस्ताव अपनी कीमत से कहीं ऊपर कारोबार कर रहे हैं। बाजार की दृष्टि से यह एक सकारात्मक और अच्छा रुझान है। 

आईपीओ ने कमाया मोटा पैसा 

इस साल प्रस्तुत किए गए अधिकतर प्रारंभिक प्रस्तावों (आईपीओ) ने अपने निवेशकों को खासा पैसा कमा कर दिया है। इकोनॉमिक्स टाइम्स के अनुसार शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच जिन 22 सूचिबद्ध कंपनियों में से 17 कंपनियों के शेयर प्रारंभिक प्रस्ताव की कीमत (इश्यू प्राइस) से ऊपर कारोबार कर रही हैं उनमें एक अडानी विल्मर भी शामिल है। अडानी विल्मर फरवरी के महीने में अपना प्रारंभिक प्रस्ताव लेकर आई थी जो कि ₹230 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर खुला था। इस प्रस्ताव के जरिए कंपनी ने ₹3600 करोड़ की राशि जमा की थी। वर्तमान में इस शेयर की कीमत अपने प्रारंभिक प्रस्ताव की कीमत से 192% ऊपर चल रही है। 

130% से अधिक का रिटर्न देने वाले आईपीओ प्रस्ताव रहे हैं वेरंडा लर्निंग सॉल्यूशंस और वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स। इनके साथ ही 12 अन्य शेयर भी अपनी इश्यू प्राइस से 15-80 प्रतिशत के बीच का रिटर्न दे रहे हैं। इसके चलते निफ्टी में इस साल 4% का इजाफा हुआ है। 

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प्रारंभिक प्रस्ताव (IPO) की गुणवत्ता बेहतर 

पिछले साल के प्रारंभिक प्रस्तावों ने निवेशकों को अपेक्षा के अनुसार मुनाफा नहीं दिया। जिन कंपनियों का वैल्यूएशन अनुमान से कहीं ज्यादा लगाया गया था उन्होंने निवेशकों को फायदा नहीं पहुँचाया। लेकिन जानकारों और बैंकरों का कहना है इस वर्ष आने वाले आईपीओ की गुणवत्ता पिछले दो वर्षों से बहुत अच्छी है। डीएम कैपिटल के एमडी धर्मेश मेहता का मानना है कि 2022 में अभी जिन कंपनियों ने आईपीओ के मार्फत प्राथमिक (प्राइमरी) बाजार में कदम रखा है उनकी वैल्यूएशन बहुत अच्छी है। अन्य कंपनियों ने सेबी से अनुमोदन (अप्रूवल) मिलने के बाद भी बाजार के हालात को देखते हुए अपने आईपीओ को स्थगित कर दिया है। इसलिए सेकेंडरी मार्केट में आए उछाल के कारण आईपीओ अपने निवेशकों को मोटा मुनाफा दे रहे हैं।  

आईपीओ जिन्होंने किया निराश 

सरकारी सेक्टर की कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आईपीओ से निवेशक निराश हुए हैं। अपने प्रारंभिक प्रस्ताव से एलआईसी ने ₹20,557 करोड़ इकट्ठे किए थे और उसे देश का सबसे बड़ा आईपीओ कहा गया था। लेकिन वर्तमान में एलआईसी के शेयर की कीमत आईपीओ की कीमत से 38% फिसली है। इसी तरह लॉजिस्टिक्स यूनिकॉर्न डिलीवरी में भी निवेशकों को नुकसान हुआ है। मई में लाए प्रारंभिक प्रस्ताव से कंपनी ने ₹5235 करोड़ जमा किए थे लेकिन अब इसकी कीमत 27% लुढ़क चुकी है। 
इस साल जहाँ आईपीओ प्रस्ताव का प्रदर्शन दमदार बना दिखता है वहीं पिछले साल लाए गए प्रारंभिक प्रस्तावों में से 28 प्रस्तावों की कीमत अभी ऑफर प्राइस के नीचे चल रही है। 
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