ऑनलाइन टैक्स बचाने के 7 बेहतरीन तरीके

इन 7 निवेश साधनों में ऑनलाइन पैसे लगाकर समय भी बचाएं और कमाई भी बढ़ाएं।

 घर बैठे टैक्स बचाने के 7 टिप्स

मौजूदा वित्त वर्ष यानी वित्त वर्ष 2021-22 खत्म होने में अब चंद दिन रह गए हैं। अभी भी इस वित्त वर्ष के लिए टैक्स बचाने के लिए आपके पास 31 मार्च 2022 तक का समय है। अगर पुरानी टैक्स व्यवस्था के मुताबिक, आप घर बैठे ही यानी ऑनलाइन टैक्स बचाने का मन बना रहे हैं, तो यहां 7 ऐसे बेहतरीन तरीके दिए जा रहे हैं, जो आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे।    

> घर बैठे टैक्स बचाने के 7 तरीके:

1. 5 साल की टैक्स सेविंग बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट: सबसे आसान ऑनलाइन टैक्स बचत का तरीका 5 साल की टैक्स सेविंग सावधि जमा (एफडी) है। अगर आपके पास बैंक खाता है तो इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग से इस टैक्स सेविंग बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर सकते हैं। हालाँकि इसमें मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालने की अनुमति नहीं है, मगर इसमें जमा पैसे पर आयकर कानून 80 सी के तहत टैक्स छूट उपलब्ध है।

2. टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी: कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदकर टैक्स बचा सकता है। हालांकि, पॉलिसीधारक को पॉलिसी जारी होने से पहले बीमा कंपनी चिकित्सा जांच के लिए बुला सकती है। आमतौर पर ऑनलाइन टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी जारी होने में 4-7 दिन लगते हैं। इंश्योरेंस प्रीमियम पर आयकर कानून 80 सी के तहत टैक्स बेनिफिट उपलब्‍ध है। इसके अलावा, पॉलिसी इनकम पर सेक्शन 10(10डी) के तहत टैक्स छूट मिलती है। 

3. यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप): यूलिप को पॉलिसी बेचने वाली कंपनी की वेबसाइट से ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। ऑनलाइन यूलिप खरीदने पर एजेंट या मध्यस्थ के कमीशन का पैसा बच जाता है। इसमें भुगतान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ध्यान रखें कि यूलिप अगर 1 फरवरी, 2021 या उसके बाद का है तो ₹2.5 लाख से अधिक के वार्षिक प्रीमियम पर परिपक्वता के समय टैक्स लगाया जाएगा। इसमें आप हर साल ₹1.5 लाख तक टैक्स बचा सकते हैं।

4. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ): इसमें केवल ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा है और बाकी प्रक्रिया के लिए आपको बैंक जाना होगा। अपने इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग में लॉग इन करके पीएफ खाता खोलने का फॉर्म भरें। इसके बाद भरे हुए फॉर्म के प्रिंटआउट को अपने केवाईसी दस्तावेज और फोटो के साथ बैंक शाखा में सत्यापन के लिए जमा कर दें। पीपीएफ के जरिये भी आप हर साल ₹1.5 लाख तक टैक्स बचा सकते हैं। 

5. होम लोन रिपेमेंट/पूर्व भुगतान: यदि आपके पास मौजूदा होम लोन है, तो आप दो तरह से टैक्स बेनेफिट उठा सकते हैं। पहला, मौजूदा आयकर कानून की धारा 80सी के तहत होम लोन की चुकाई गई मूल राशि पर टैक्स कटौती का लाभ। और दूसरा, लोन पर चुकाए गए ब्याज पर आयकर की धारा 24 के तहत हर साल अधिकतम ₹2 लाख तक की टैक्स कटौती का लाभ। अधिक टैक्स बचाने के लिए, आप होम लोन के एक हिस्से का पूर्व-भुगतान कर सकते हैं। होम लोन का ऑनलाइन प्री-पेमेंट करने के लिए होम लोन खाते को अपने बैंक खाता से जोड़ दें और फिर नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग के जरिये पैसा ट्रांसफर करें। 

6. स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी: कोरोना वायरस महामारी ने बहुत सारे लोगों को स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के महत्व का एहसास कराया। कोई भी व्यक्ति किसी भी सामान्य बीमा कंपनी या बीमा एग्रीगेटर की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीद सकता है। हालांकि एक खास उम्र और बीमा राशि से ऊपर किसी को भी पॉलिसी जारी करने से पहले चिकित्सा जांच की जरूरत पड़ सकती है। आमतौर पर कंपनियां ऑनलाइन स्वास्थ्य बीमा खरीदने के लिए 45 वर्ष की आयु तक के लोगों को ही अनुमति देती हैं।

7. इक्विटी से जुड़ी बचत योजना (ईएलएसएस): ईएलएसएस म्युचुअल फंड स्कीम है। तीन साल की सबसे छोटी लॉक-इन अवधि इसे पीपीएफ, ईपीएफ, टैक्स सेविंग एफडी जैसे अन्य टैक्स सेविंग विकल्पों से ज्यादा बेहतरीन बनाती है। इसमें फंड हाउस की वेबसाइट या एग्रीगेटर के जरिये ऑनलाइन निवेश किया जा सकता है।

अंततः 

ऑनलाइन लेनदेन करते समय सुनिश्चित करें कि आपने प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और इस लेनदेन की पुष्टि प्राप्त कर ली है। अगर किसी कारण से आपका लेन-देन पूरा नहीं हो पाया है और आपने इसके लिए दोबारा कोशिश नहीं की, तो आप उन निवेशों पर वित्त वर्ष 2021-22 के लिए टैक्स छूट का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे। इससे आप पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है। इसलिए सावधानी से अपने लिए सही ऑनलाइन निवेशों का चयन करें और घर बैठे टैक्स बचत का लाभ उठाएं।

 

 

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