Downfall of these Shares: इन शेयरों में मंदी के आसार

शेयर बाजार में आज कुछ फार्मास्युटिकल कंपनियों में तेजी का रुख रहा तो कुछ पर मंदी के आसार दिख रहे हैं।

बाजार में दाँव लगाने के पहले जाँच लें

Share market: गुरुवार को घरेलू बाजारों में थोड़ा उछाल देखा गया था लेकिन वह ज्यादा देर नहीं चल सका। भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीती (आरबीआई पॉलिसी रेट) की संभावित घोषणा के कारण निवेशकों ने अभी इंतज़ार (वेट एंड वॉच) का मन बनाया हुआ है। वही विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी होने के कारण भी दबाव बना है। रुपए के मूल्य में मामूली सुधार होने के कारण थोड़ी राहत तो जरूर मिली है। गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स में 0.33% की गिरावट देखी गई। 188.32 अंक गिरने के बाद बाजार 56,409.96 अंकों पर बंद हुआ। वहीं भारतीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी इंडेक्स की बात करें तो उसमें 0.24% की गिरावट आई। बाजार 40.50 अंक गिरकर 16,818.10 अंकों पर बंद हुआ। इनमें कारोबार करने वाले प्रमुख शेयर के बारे में जानते हैं I

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तेजी बनाने वाले शेयर 

मोमेंटम इंडिकेटर, मूविंग एवरेज कन्वर्जन्स डिवर्जन्स(MACD) के अनुसार Zydus Lifesciences, Glennmark Pharma और डाबर इंडिया के शेयर में तेजी दिखाई दी। यही तेजी प्रिकॉल(Pricol) और राइट्स(Rites) में भी बनी रही। MACD ट्रेडेड सिक्युरिटीज़ या इंडेक्स के ट्रेंड रिवर्सल के संकेत देने के लिए जानी जाती है और जब यह सिग्नल लाइन के पार चला जाता है तो माना जाता है कि उस शेयर तेजी है। ऐसा न होने पर मंदी का इशारा माना जाता है। 

इसके अनुसार अर्शिया (Arshiya), वेलस्पन कॉर्प (Welspun Corp), एडवांस्ड एंजाइम (Advanced Enzyme), क्वेस कॉर्प (Quess Corp), ओर विंडसर मशीन(Windsor Machines ), आदि शेयरों में मंदी की असार दिखाई दिए हैं। 

खरीदे जाने वाले शेयर 

राइट्स(Rites) के साथ ही कोचिन शिपयार्ड (Cochin Shipyard), गो फैशन(Go Fashion) के शेयरों में खरीद का दौर चला। उसी तरह सिप्ला(Cipla) और गुजरात फल्यूरोकैम(Gujrat Phlurochem) के शेयरों को खरीदने में निवेशकों ने रुचि दिखाई। इसके चलते ये सभी शेयर अपने 52 हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच चुके थे। 

बिकवाली की मार 

दूसरी ओर जेंसार (Zensar), पीरामल, आईईएक्स के साथ इंटेलेक्ट डिजाइन (Intellect Design), बिरलासॉफ्ट, और सनोफी इंडिया (Sanofi India ) में भी बिकवाली का दौर चला। ये बिकवाली इतनी ज्यादा हुई कि ये सारे शेयर अपने 52 हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए। 

यह भी पढ़ें: पेनी स्टॉक्स 700% से अधिक रिटर्न वाले

Stock Market CRASH शरू हो चुका है?

Share market: गुरुवार को घरेलू बाजारों में थोड़ा उछाल देखा गया था लेकिन वह ज्यादा देर नहीं चल सका। भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीती (आरबीआई पॉलिसी रेट) की संभावित घोषणा के कारण निवेशकों ने अभी इंतज़ार (वेट एंड वॉच) का मन बनाया हुआ है। वही विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी होने के कारण भी दबाव बना है। रुपए के मूल्य में मामूली सुधार होने के कारण थोड़ी राहत तो जरूर मिली है। गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स में 0.33% की गिरावट देखी गई। 188.32 अंक गिरने के बाद बाजार 56,409.96 अंकों पर बंद हुआ। वहीं भारतीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी इंडेक्स की बात करें तो उसमें 0.24% की गिरावट आई। बाजार 40.50 अंक गिरकर 16,818.10 अंकों पर बंद हुआ। इनमें कारोबार करने वाले प्रमुख शेयर के बारे में जानते हैं I

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तेजी बनाने वाले शेयर 

मोमेंटम इंडिकेटर, मूविंग एवरेज कन्वर्जन्स डिवर्जन्स(MACD) के अनुसार Zydus Lifesciences, Glennmark Pharma और डाबर इंडिया के शेयर में तेजी दिखाई दी। यही तेजी प्रिकॉल(Pricol) और राइट्स(Rites) में भी बनी रही। MACD ट्रेडेड सिक्युरिटीज़ या इंडेक्स के ट्रेंड रिवर्सल के संकेत देने के लिए जानी जाती है और जब यह सिग्नल लाइन के पार चला जाता है तो माना जाता है कि उस शेयर तेजी है। ऐसा न होने पर मंदी का इशारा माना जाता है। 

इसके अनुसार अर्शिया (Arshiya), वेलस्पन कॉर्प (Welspun Corp), एडवांस्ड एंजाइम (Advanced Enzyme), क्वेस कॉर्प (Quess Corp), ओर विंडसर मशीन(Windsor Machines ), आदि शेयरों में मंदी की असार दिखाई दिए हैं। 

खरीदे जाने वाले शेयर 

राइट्स(Rites) के साथ ही कोचिन शिपयार्ड (Cochin Shipyard), गो फैशन(Go Fashion) के शेयरों में खरीद का दौर चला। उसी तरह सिप्ला(Cipla) और गुजरात फल्यूरोकैम(Gujrat Phlurochem) के शेयरों को खरीदने में निवेशकों ने रुचि दिखाई। इसके चलते ये सभी शेयर अपने 52 हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच चुके थे। 

बिकवाली की मार 

दूसरी ओर जेंसार (Zensar), पीरामल, आईईएक्स के साथ इंटेलेक्ट डिजाइन (Intellect Design), बिरलासॉफ्ट, और सनोफी इंडिया (Sanofi India ) में भी बिकवाली का दौर चला। ये बिकवाली इतनी ज्यादा हुई कि ये सारे शेयर अपने 52 हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए। 

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