महिलाओं को एसआईपी में निवेश क्यों करना चाहिए

आप जानते होंगे कि एसआईपी के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक अच्छा विचार है, लेकिन आपको आत्मविश्वास से निवेश शुरू करने से पहले यह जानने की आवश्यकता है कि ऐसा क्यों है ।

महिलाओं को एसआईपी में निवेश क्यों करना चाहिए

आपने देखा होगा कि हर बार निवेश के बारे में बातचीत होने पर ' म्यूचुअल फंड ' और ' एसआईपी ' शब्द ज़रूर शामिल होते हैं ।इस बिंदु पर, यह समझना आवश्यक है कि एसआईपी (व्यवस्थित निवेश योजना) केवल म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक तरीका या साधन है और यह पूरी तरह से एक अलग निवेश वर्ग नहीं है। म्यूचुअल फंड में निवेश करने के दो बुनियादी तरीके हैं - पहला, एक बार में एकमुश्त राशि डालकर; और दूसरा, एक एसआईपी के माध्यम से मासिक भुगतान करके। 

यदि आप सोच रहे हैं कि इतने सारे लोग एसआईपी पे भरोसा क्यों करते हैं और आपको भी एक महिला के रूप में एक में निवेश क्यों करना चाहिए, तो यहां 6 लाभ बताये गए हैं जो एसआईपी म्यूचुअल फंड निवेश के लिए ठोस कारण देते हैं।

1. यह आपको आपके पास मौजूद साधनों के साथ शुरू करने की सुविधा देता है

क्या आपने कभी निवेश करने में इसलिए संकोच किया है क्योंकि आपको लगता था कि आपके पास निवेश के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है? एसआईपी का एक बड़ा लाभ यह है कि आप एक छोटी राशि के साथ शुरू कर सकते हैं - यहां तक कि हर महीने 500 रुपये से भी । यह इस गलतफहमी को दूर करता है कि केवल बड़े लोग जिनके पास बहुत अधिक धन है, वे ही निवेश कर सकते हैं। आप नियमित रूप से छोटी मात्रा में निवेश कर सकते हैं। वास्तव में, एक एसआईपी लंबे समय में अपनी संपत्ति बनाने का एक शानदार तरीका है|

2. यह आपको आगे जाकर बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनाता है 

यदि आप निवेश से अब तक इसलिए दूर रही क्योंकि आप गलत निर्णय लेने और अपने पैसे खोने से डरती थी, या क्योंकि आपने हमेशा सुना है कि महिलाएं निवेश नहीं कर सकतीं, तो एक एसआईपी म्यूचुअल फंड निवेश आपके लिए सही है। यह निवेश की दुनिया में प्रवेश करने का एक सुरक्षित तरीका है और आपको इसमें ढलने के लिए पर्याप्त समय देता है। यह आपको निवेश करने और विभिन्न लिंग आधारित मिथकों को दूर करने के लिए आवश्यक ज्ञान और आत्मविश्वास देता है।

3. यह अनुशासित निवेश की आदत विकसित करता है

चूंकि आपको अपने एसआईपी म्यूचुअल फंड की ओर हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करने की आवश्यकता होती है, इसलिए यह आप में वित्तीय अनुशासन की भावना पैदा करता है। यह आपको अपने मासिक बजट पे डटे रहने में मदद करता है और कोई आवेग खरीद नहीं करने देता है। यह एक वित्तीय प्रतिबद्धता है जिसे आप अपने भविष्य के लिए बना रहे हैं, और एसआईपी के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश करने से आपको उस वित्तीय जिम्मेदारी का एहसास होने लगता है। इसलिए, अगली बार जब आप अपने किसी दोस्त के जन्मदिन के लिए एक महंगा उपहार खरीदने या डिजाइनर पोशाक का मन बनाते हैं, तो आपका एसआईपी निवेश आपको याद दिलाने में मदद करेगा कि आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं।

4. यह आपकी वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है 

एक महिला के रूप में, आप जानती होंगी कि अपनी शर्तों पर जीवन जीने के लिए वित्तीय स्वतंत्रता कितना महत्वपूर्ण है। जब आप एसआईपी में निवेश करना शुरू करते हैं, तो आप अपनी वित्तीय स्वतंत्रता के निर्माण, रखरखाव और उसे बढ़ाने के एक कदम करीब आ जाते हैं। लक्ष्य-आधारित एसआईपी निवेश के साथ, आप कुछ वित्तीय लक्ष्यों जैसे आपातकालीन फंड बनाने, कार खरीदने या अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बनाने की दिशा में काम कर सकते हैं। अगर आप जल्दी शुरुआत करते हैं तो इससे आपको अपनी शादी के खर्च उठाने में भी मदद मिल सकती है ताकि आपके माता-पिता को इसकी चिंता न करनी पड़े ।

5. यह आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखता है

क्या आपने उन पुरुषों को देखा है जो बाजार के हर चाल पर नज़र रखते हैं और प्रति घंटा अपडेट चाहते है? खैर, जब आप एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपको उन जैसा होने की जरूरत नहीं होती है। आप अपने शौक में लिप्त रह सकते हैं। इस तथ्य के अलावा कि आपके एसआईपी का प्रबंधन फंड मैनेजर द्वारा किया जाता है, एक अन्य लाभ खर्च की लागत औसत हो जाती है। इसका मतलब यह है कि जब शेयरों का बाजार मूल्य कम हो जाता है, तो अधिक इकाइयां खरीदी जाती हैं। यह जोखिम फैलाने और बाजार में अस्थिरता से निपटने में मदद करता है।

6. एफडी की तुलना में यह अधिक रिटर्न प्रदान करता है

यदि आपका अधिकांश पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में निवेशित रहता है, तो आप अकेले नहीं हैं। अधिकांश भारतीय महिलाएं भी उसी नाव में सवार हैं क्योंकि जब निवेश की बात आती है तो वे पुरुषों की तुलना में अधिक जोखिम से परहेज करती हैं । लेकिन जहां एफडी कम जोखिमपूर्ण होती है, वहीं वे कम रिटर्न वाले निवेश भी होते हैं । दूसरी ओर एसआईपी म्यूचुअल फंड ज्यादा रिटर्न देते हैं। और यदि आप डेब्ट म्यूचुअल फंड में निवेश करने का विकल्प चुनते हैं, तो वे भी कम जोखिम वाले होते हैं ताकि लाभ बना रहे।

7. यह अत्यधिक तरल होता है 

अधिकांश फंड घरों की न्यूनतम निवेश अवधि 6 महीने की होती है, हालांकि, विशेषज्ञों ने कोई भी वास्तविक लाभ पाने के लिए 5 से 10 साल के लिए निवेश करने की सलाह दी है । आपके द्वारा चुने गए निवेश अवधि के बावजूद, आपको परिपक्वता तक अपने पैसे निकालने पर रोक लगाने के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। अगर आपकी निवेश अवधि खत्म नहीं हुई है तो भी आप किसी भी समय अपने एसआईपी से पैसे निकाल सकते हैं। यदि आप एक वर्ष से पहले वापस लेते हैं तो आपको 1% निकास भार सहन करना पड़ सकता है। हालांकि, अगर आप अपने एसआईपी को रोकना या स्थगित करना चाहते हैं तो कोई शुल्क या पेनल्टी नहीं लगती है।यह आसान और त्वरित पहुंच सबसे बड़े फायदों में से एक है जो एसआईपी अन्य निवेशों की तुलना में देता है। आपके पास लिक्विड म्यूचुअल फंड में निवेश करने का विकल्प भी है, जिनकी परिपक्वता अवधि 91 दिनों या उससे कम होती है। 

एसआईपी में निवेश शुरू करने से पहले, आपको विभिन्न प्रकार के म्यूचुअल फंडों को समझना होगा और सबसे अच्छा म्यूचुअल फंड देखना होगा। फिर,शुरुआत करने के लिए  पैसे की एक छोटी राशि और अपने भविष्य के लिए एक लक्ष्य ही पर्याप्त होगा। 

डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य जानकारी उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेते समय आपको अलग से स्वतंत्र सलाह प्राप्त करनी चाहिए ।

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