म्यूच्यूअल फंड के तहत सोने की बचत योजनाओं में निवेश करने के लिए एक त्वरित गाइड

महामारी के दौरान,म्यूचुअल फंड के तहत सोने की बचत योजनाओं में निवेश करने का निर्णय क्यों अच्छा साबित हो सकता है ।

म्यूच्यूअल फंड के तहत सोने की बचत योजनाओं में निवेश करने के लिए एक त्वरित गाइड

जब आप सोने के बारे में सोचते हैं, तो आपका सबसे पहला विचार ज्यादातर भौतिक सोने के बारे में ही होगा जो आभूषणों, ईंटो और सिक्कों के रूप में उपलब्ध है। लेकिन इस कीमती धातु में निवेश करने के लिए बेहतर, अधिक कुशल और निश्चित रूप से अधिक आकर्षक तरीके हैं, जैसे कि गोल्ड म्यूचुअल फंड।

गोल्ड म्यूचुअल फंड क्या हैं?

यदि सोना आपके निवेश का पसंदीदा रूप है, तो आपको आभूषण खरीदने के पारंपरिक निवेश विकल्प को चुनने के बजाय सोने में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड पर विचार करना चाहिए। इस तरह के फंड भौतिक सोने, सोने के उत्पादन और वितरण सिंडिकेट्स और खनन कंपनियों के स्टॉक में निवेश करते हैं। चूंकि ये ओपन एंडेड फंड गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) की इकाइयों में निवेश करते हैं जहां अंतर्निहित एसेट भौतिक सोना होता है, इसलिए आपके निवेश का मूल्य सीधे इस कीमती धातु की लागत के आनुपातिक होगा।

गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करने के क्या फायदे हैं?

वैसे तो गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करने के कई फायदे हैं, लेकिन इनमें से सबसे महत्वपूर्ण फायदा है-इसकी कम और लचीली निवेश राशि, और इस निवेश साधन की आसान तरलता। आप गोल्ड म्यूचुअल फंड में 500 रुपये जितनी कम राशि से निवेश करना शुरू कर सकते हैं। और तो और, आप आपात स्थिति में त्वरित, परेशानी मुक्त तरीके से अपने पैसे का उपयोग कर सकते हैं - पैसा 2-3 कार्य दिवसों में आपके खाते में आ जाता है।

गोल्ड म्यूचुअल फंड्स को निवेश के सबसे सुरक्षित साधनो में से एक माना जाता है क्योंकि इनकी निगरानी और विनियम भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा किया जाता है। इस कारण यह आपके पोर्टफोलियो में जोड़ने से निवेश का एक अच्छा स्वरुप बनता है। जब अन्य संपत्ति और उपकरण खराब प्रदर्शन करते हैं तो वे जोखिम कम करते हैं और आपके धन को सुरक्षित रखते हैं । इसके अलावा, आप सुरक्षा और भंडारण जैसे भौतिक सोने रखने से जुड़ी परेशानियों के बारे में चिंता किए बिना सोने में निवेश कर सकते हैं ।

गोल्ड म्यूचुअल फंड सही निवेश विकल्प क्यों हैं?

यदि आप अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने और अपने जोखिम भरे निवेश विकल्पों को संतुलित करना चाहते हैं, तो गोल्ड म्यूचुअल फंड निश्चित रूप से एक अच्छा विकल्प है। गोल्ड फंड्स पर सेबी द्वारा लागू किए गए उच्च नियमन मानदंड को देखते हुए ये रूढ़िवादी निवेशकों के लिए भी मजबूत विकल्प होते हैं। कई लोग गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश को भी कर बचत के विकल्प के तौर पर देखते हैं क्योंकि इन फंड्स के ट्रेडिंग या मैच्योरिटी के समय कोई टीडीएस नहीं काटा जाता है।

गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए अभी अच्छा समय क्यों है?

गोल्ड म्यूचुअल फंड्स को आपके निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने और बाजार के उतार-चढ़ाव से आपकी संपत्ति को सुरक्षित रखने का एक शानदार तरीका माना जाता है। आज की अर्थव्यवस्था में, जहां चल रही वैश्विक महामारी के कारण अनिश्चितता व्याप्त है, सोने के म्यूचुअल फंड में निवेश करने से न केवल आपको धन इक्कट्ठा करने में मदद मिलता है बल्कि अगर बाजार गिर जाता है तो आपको एक आरामदायक वित्तीय सहारा भी देता है।

भारत के शीर्ष गोल्ड म्यूचुअल फंड

जबकि गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करना निश्चित रूप से एक समझदार विकल्प है, आपको सही फंड चुनने में विवेक का प्रयोग करना चाहिए। विभिन्न गुणात्मक और मात्रात्मक कारकों के आधार पर गोल्ड फंड्स का व्यापक आकलन किया जा सकता है। इसका चयन करने से पहले जोखिम प्राथमिकताओं, निवेश क्षितिज की अवधि और अपने वित्तीय लक्ष्यों की प्रकृति और समयसीमा जैसे पहलुओं को ध्यान में रखें। 

यहां भारत के कुछ शीर्ष गोल्ड म्यूचुअल फंड उनके 1, 3 और 5 साल के रिटर्न के बारे में जानकारी के साथ दिए गए हैं:

फंड का नाम/th> 1 साल का रिटर्न (वार्षिक) 3 साल का रिटर्न (वार्षिक)) 5 साल का रिटर्न (वार्षिक)
कोटक गोल्ड फंड +50.35%. +30.29% +20.1%
एचडीएफसी गोल्ड फंड +51.39% +29.65% +19.62%
एसबीआई गोल्ड फंड +49.4% +29.47% +19.56%
निप्पॉन इंडिया गोल्ड सेविंग्स +52.07% +29.64% +19.54%
क्वांटम गोल्ड सेविंग फंड +52.23% +29.57% +19.43%
एक्सिस गोल्ड फंड +47.88% +29.47% +19.35%
आदित्य बिड़ला सन लाइफ गोल्ड फंड +47.89% +28.97% +19.2%
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल रेगुलर गोल्ड सेविंग्स फंड (एफ.ओ.एफ.)(FOF) +49.04% +29.06% +19.1%

स्रोत: ई.टी. मनी

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश या कर या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेते समय आपको स्वतंत्र सलाह प्राप्त करनी चाहिए ।




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