Will there be a tremendous boom in the shares of Reliance Industries? : रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आएगी ज़बरदस्त तेजी?

मुकेश अंबानी ग्रीन एनर्जी सेक्टर को अगले कुछ सालों में सबसे अधिक लाभ देने वाला कारोबार बनाएंगे।

मुकेश अंबानी ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बड़ा खेल दिखाया

Mukesh Ambani: खबर है कि देश के दूसरे नंबर के समृद्ध व्यवसायी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अब ग्रीन एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। विशेशज्ञों का मानना है कि ग्रीन हाइड्रोजन में कारोबार करनेवाली कंपनी के विकास को और तेज करेगा। वैश्विक वित्तीय सेवा फर्म जेफरीज के अनुसार रिलायंस अपने ग्रीन एनर्जी कारोबार को अलग करके इसे इनविट स्ट्रक्चर में रख सकता है। इसका मूल्यांकन आठ अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। अनुमान है कि भारत और यूरोप में कंपनी का इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग व्यापार, साल 2030 तक 74 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे अधिक कीमत वाली कंपनी है।

रिलायंस के अपनी रिफाइनरीज में ग्रे हाइड्रोजन के बजाय ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल करने की खबर है। इनविट यानी इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट एक सामूहिक निवेश योजना है, जो म्यूचुअल फंड जैसी होती है। रिलायंस कैप्टिव ग्रीन हाइड्रोजन प्रॉडक्शन को इनविट में डालकर मॉनीटाइज कर सकती है। इसमें व्यक्तिगत और संस्थागत निवेशक प्रत्यक्ष अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश कर सकते हैं। बिजनस स्टैंडर्ड की एक खबर के अनुसार रिलायंस के अधिकारियों ने कहा कि कंपनी किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करने जा रही है। वह ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट के मूल्यांकन के लिए उत्पान शुरू होने तक इंतजार करेगी।

मुकेश अंबानी अपना कारोबार अपने तीनों बच्चों में बांट चुके हैं। आकाश अंबानी टेलीकॉम का कारोबार संभालते हैं, बेटी ईशा अंबानी रिटेल व्यवसाय देखती हैं और छोटे बेटे अनंत अंबानी ऑयल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स को संभालते हैं। मुकेश अंबानी अब ग्रीन एनर्जी के कारोबार पर ध्यान देंगे। रिलायंस ने अगले 15 साल में इस कारोबार के लिए 75 अरब डॉलर का निवेश करने का लक्ष्य रखा है। रिलायंस 2035 तक शून्य कार्बन कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है।

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रिलायंस ने 2019 में अपने गैस पाइपलाइन व्यवसाय को अलग किया था। उस समय इसका मूल्यांकन 13000 करोड़ रुपये था। रिलायंस ने अपने फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क को अक्टूबर 2020 में इनविट के द्वारा मॉनीटाइज किया था। बुधवार को रिलायंस के शेयर 0.44 प्रतिशत तेजी के साथ 2489.40 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

विकास का इंजन बनेगी ग्रीन एनर्जी

सूत्रों के अनुसार रिलायंस की ग्रीन एनर्जी से संबंधित रणनीति मुकेश अंबानी तय करेंगे। इसमें गीगा फैक्ट्रीज का निर्माण और ब्लू हाइड्रोजन इकाइयां बनाना शामिल है। कंपनी अधिग्रहण कर अपना विस्तार करेगी। संभावित निवेशकों से बात चल रही है। कहा जाता है अंबानी किसी भी प्रोजेक्ट पर पूरा ध्यान लगाकर काम करते हैं। उन्होंने पेट्रोलियम के व्यवसाय के लिए 1990 में कड़ी मेहनत की थी। पिछले दो दशकों से वे टेलीकॉम व्यवसाय पर ध्यान दे रहे थे। अब वे ग्रीन एनर्जी पर अपनी​​​​ ताकत लगाने वाले हैं। अंबानी का दावा है कि अगले कुछ सालों में रिलायंस का ग्रीन एनर्जी व्यवसाय सबसे अधिक लाभ देगा। मुकेश अंबानी के पिछले रिकार्ड को देखते हुए इसमें संदेह की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती कि यह कंपनी के विकास का वाहक बनेगा।

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Mukesh Ambani: खबर है कि देश के दूसरे नंबर के समृद्ध व्यवसायी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अब ग्रीन एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। विशेशज्ञों का मानना है कि ग्रीन हाइड्रोजन में कारोबार करनेवाली कंपनी के विकास को और तेज करेगा। वैश्विक वित्तीय सेवा फर्म जेफरीज के अनुसार रिलायंस अपने ग्रीन एनर्जी कारोबार को अलग करके इसे इनविट स्ट्रक्चर में रख सकता है। इसका मूल्यांकन आठ अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। अनुमान है कि भारत और यूरोप में कंपनी का इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग व्यापार, साल 2030 तक 74 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे अधिक कीमत वाली कंपनी है।

रिलायंस के अपनी रिफाइनरीज में ग्रे हाइड्रोजन के बजाय ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल करने की खबर है। इनविट यानी इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट एक सामूहिक निवेश योजना है, जो म्यूचुअल फंड जैसी होती है। रिलायंस कैप्टिव ग्रीन हाइड्रोजन प्रॉडक्शन को इनविट में डालकर मॉनीटाइज कर सकती है। इसमें व्यक्तिगत और संस्थागत निवेशक प्रत्यक्ष अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश कर सकते हैं। बिजनस स्टैंडर्ड की एक खबर के अनुसार रिलायंस के अधिकारियों ने कहा कि कंपनी किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करने जा रही है। वह ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट के मूल्यांकन के लिए उत्पान शुरू होने तक इंतजार करेगी।

मुकेश अंबानी अपना कारोबार अपने तीनों बच्चों में बांट चुके हैं। आकाश अंबानी टेलीकॉम का कारोबार संभालते हैं, बेटी ईशा अंबानी रिटेल व्यवसाय देखती हैं और छोटे बेटे अनंत अंबानी ऑयल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स को संभालते हैं। मुकेश अंबानी अब ग्रीन एनर्जी के कारोबार पर ध्यान देंगे। रिलायंस ने अगले 15 साल में इस कारोबार के लिए 75 अरब डॉलर का निवेश करने का लक्ष्य रखा है। रिलायंस 2035 तक शून्य कार्बन कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है।

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रिलायंस ने 2019 में अपने गैस पाइपलाइन व्यवसाय को अलग किया था। उस समय इसका मूल्यांकन 13000 करोड़ रुपये था। रिलायंस ने अपने फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क को अक्टूबर 2020 में इनविट के द्वारा मॉनीटाइज किया था। बुधवार को रिलायंस के शेयर 0.44 प्रतिशत तेजी के साथ 2489.40 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

विकास का इंजन बनेगी ग्रीन एनर्जी

सूत्रों के अनुसार रिलायंस की ग्रीन एनर्जी से संबंधित रणनीति मुकेश अंबानी तय करेंगे। इसमें गीगा फैक्ट्रीज का निर्माण और ब्लू हाइड्रोजन इकाइयां बनाना शामिल है। कंपनी अधिग्रहण कर अपना विस्तार करेगी। संभावित निवेशकों से बात चल रही है। कहा जाता है अंबानी किसी भी प्रोजेक्ट पर पूरा ध्यान लगाकर काम करते हैं। उन्होंने पेट्रोलियम के व्यवसाय के लिए 1990 में कड़ी मेहनत की थी। पिछले दो दशकों से वे टेलीकॉम व्यवसाय पर ध्यान दे रहे थे। अब वे ग्रीन एनर्जी पर अपनी​​​​ ताकत लगाने वाले हैं। अंबानी का दावा है कि अगले कुछ सालों में रिलायंस का ग्रीन एनर्जी व्यवसाय सबसे अधिक लाभ देगा। मुकेश अंबानी के पिछले रिकार्ड को देखते हुए इसमें संदेह की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती कि यह कंपनी के विकास का वाहक बनेगा।

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