The new fund offer also includes a tax saving opportunity for investors!

आईआईएफएल म्यूचुअल फंड के नये फंड ऑफर में निवेशकों के लिए कर बचाने का अवसर।

आईआईएफएल म्यूचुअल फंड

IIFL: आईआईएफएल म्यूचुअल फंड ने 1 दिसंबर को भारत का पहला टैक्स सेवर इंडेक्स फंड जारी किया है। निवेशक इस फंड में 21 दिसंबर तक निवेश कर सकते हैं। इस फंड से निवेशकों को बड़ा फंड जोड़ने के साथ-साथ कर में बचत करने का भी मौका मिलेगा। 

इस नए फंड का नाम आईआईएफएल ईएलएसएस निफ्टी 50 टैक्स सेवर इंडेक्स फंड है। यह नया फंड ऑफर (एनएफओ) एक ओपन-एंडेड निष्क्रिय बचत योजना है, जिसमें किया गया निवेश 3 साल के लिए लॉक-इन के अंतर्गत रहेगा यानी तीन साल तक आप इस निवेश को वापस नहीं ले सकते। यह नया फंड प्रस्ताव 21 दिसंबर को बंद हो रहा है। इस योजना में खर्च का अनुपात सक्रिय फंडों की तुलना में बहुत कम होगा। यह योजना सब्सक्रिप्शन और रिडेम्पशन के लिए 02 जनवरी, 2023 को दुबारा खोली जाएगी। आईआईएफएल ईएलएसएस निफ्टी 50 टैक्स सेवर इंडेक्स फंड के लिए पारिजात गर्ग को फंड मैनेजर नियुक्त किया गया है।

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धारा 80सी के अंतर्गत कर में बचत कर सकेंगे

यह योजना धारा 80सी के अंतर्गत कर बचत के साथ-साथ इक्विटी बाजारों के अलग-अलग जोखिमों से भी बचाव की संभावना रहेगी। इस इंडेक्स फंड का उद्देश्य ऐसे पोर्टफोलियो का निर्माण करना है जो निफ्टी 50 इंडेक्स को दर्शाये। निफ्टी 50 इंडेक्स में भारत की लार्ज कैप यानी बहुत अधिक पूंजीवाली कंपनियां भी सूचीवद्ध हैं। यह एक निष्क्रिय फंड है जो सक्रिय रूप से प्रबंधित योजनाओं की तुलना में कम लागत वाला है, सक्रिय रूप से प्रबंधित योजनाओं में खर्च भी अधिक होता है।

एनएफओ के बारे में  फंड मैनेजर पारिजात गर्ग ने कहा कि निफ्टी 50 में भारत के कुल मार्केट कैप का लगभग 50 प्रतिशत शामिल है।

इस फंड में निवेश के फायदे

आईआईएफएल म्यूचुअल फंड लंबे समय में बड़ा फंड जोड़ने की इच्छा रखनेवाले निवेशकों के लिए सही है। इस योजना उद्देश्य निफ्टी 50 इंडेक्स के कुल समग्र रिटर्न इंडेक्स के बराबर लाभ प्राप्त करने के लिए इंडेक्स में शामिल शेयरों में समान अनुपात में निवेश करना है। योजना के अंतर्गत किए जानेवाले निवेश पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80-सी के अधीन कर लाभ मिलता है। निवेश करते समय इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि स्कीम के निवेश उद्देश्य के पूरा होने की कोई गारंटी नहीं है। आयकर अधिनियम की धारा 80-सी का लाभ उठाने के लिए इस योजना में किये गये निवेश पर आवंटन की तारीख से 3 साल की वैधानिक लॉक-इन अवधि लागू रहेगी। 

पारिजात गर्ग ने जानकारी दी है कि बाजार लंबे समय से ऐसे ऑफर के इंतजार में था। भारतीय इक्विटी बाजार ने घरेलू और वैश्विक परिस्थितियों में कई बार काफी लचीलापन दर्शाया है। निवेशकों के लिए, यह भारत के विकास में सहभागी होने के अवसर का लाभ उठाने का एक निष्क्रिय निवेश होगा, जो कर में भी लाभ प्रदान करेगा।

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संवादपत्र

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