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होम लोन से घर खरीदने का सपना साकार करने में मदद मिलती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपके साथ कुछ अनचाहा घटित हो जाए तो आपका कर्ज़ कौन चुकाएगा।

Outstanding loan amounts get equivalent life

अपना घर खरीदने का सपना हम सभी के मन में होता है और इस सपने को साकार करने के लिए हम वर्षों मेहनत करते हैं और घर के लिए कर्ज़ भी लेते हैं। होम लोन हमारे घर खरीदने के सपने को पूरा करता है लेकिन साथ ही यह परिवार के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी भी बन सकता है। 

इसका क्या मतलब है:

चलिए राहुल सिंघल के उदाहरण से समझते हैं। वह एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर हैं और परिवार में कमाने वाले अकेले सदस्य हैं। उनके परिवार में एक पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। उन्होंने हाल ही में 60 लाख रूपये का होम लोन लिया जिसे वे 20 वर्ष में 60,000 रूपये महीने की किश्त के जरिए चुकाने का सोच रहे हैं। 

लेकिन जरा कल्पना करें कि अगर राहुल को कुछ हो जाता है तो लोन चुकाने की सारी जिम्मेदारी उनके परिवार पर आ जाएगी। ऐसे में परिवार बड़ी आर्थिक परेशानी में फंस सकता है। 

लेकिन अगर राहुल एक जीवन बीमा (विकलांगता लाभ के साथ) लेते हैं जिसमें बीमा की राशि कर्ज़ के बराबर या उससे ज्यादा हो तो राहलु की असमय मृत्यु या उनके विकलांग होने पर बीमा की राशि से कर्ज़ भरा जा सकता है। इस तरह के बीमा में व्यक्ति के आश्रितों/ कानूनी वारिसों को किश्त भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि बीमा कंपनी की तरफ से पैसा मिल जाएगा। 

वित्तीय विशेषज्ञ जीवन बीमा लेने की सलाह देते हैं क्योंकि इसमें प्रीमियम राशि कम होती है और 25-30 वर्ष तक की लंबी अवधि के लिए बीमा लिया जा सकता है। अगर कर्ज़ लेने वाली की मृत्यु हो जाती है या वह किसी ऐसी  दुर्घटना का शिकार हो जाता है जिससे हुई विकलांगता के कारण उसकी नौकरी चली जाए तो बीमा की पूरी राशि जो कर्ज़ के बराबर है, बीमित व्यक्ति या उसके परिवार को दे दी जाती है। इस राशि से घर का बचा हुआ कर्ज़ चुकाया जा सकता है। 

मुख्य रूप से दो तरह के सुरक्षा प्लान होते हैं जो इस जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं :

मॉर्गेज रिडेम्पशन पॉलिसी

इस तरह के प्लान में कर्ज़ की राशि जैसे- जैसे कम होती जाती है वैसे-वैसे जीवन बीमा की राशि भी कम होती चली जाती है। इस तरह की पॉलिसी आपके कर्ज़ के साथ जुड़ी रहती है और कर्ज़ की अवधि के दौरान आपको कवर करती है। आप जैसे-जैसे किश्त भरते हैं आपका बीमा कवर भी कम होता रहता है। कर्ज़ खत्म होने के पर आपका बीमा कवर जी़रो हो जाता है। ये पॉलिसी अक्सर सिंगल प्रीमियम पॉलिसी होती हैं और इसके प्रीमियम को कर्ज़ की रकम के साथ ही जोड़ दिया जाता है। 

प्योर / लेवल टर्म प्लान 

इस प्लान में कर्ज की राशि पर बीमा कवर बीमा की पूरी अवधि के दौरान एक समान बना रहता है। टर्म प्लान एक निश्चित समय के लिए आपको जीवन बीमा देता है। आमतौर पर टर्म प्लान के प्रीमियम दूसरे जीवन बीमा उत्पादों की तुलना में बहुत कम होते हैं। 


मॉर्गेज रिडेम्पशन पॉलिसी की तुलना में टर्म प्लान के फायदे:

• पॉलिसी धारक (कर्ज़ चुकाने वाले) की मृत्यु हो जाने पर बीमा की राशि उसके लाभार्थी को सौंप दी जाती है। उसके बाद वह व्यक्ति बैंक से लिया होम लोन चुका सकता है। 

• सेक्शन 80सी के तहत टैक्स लाभ

• कुछ ज्यादा प्रीमयम चुका कर आप जीवन बीमा में विकलांगता और गंभीर बिमारियों से जुड़े राइडर ले सकते हैं। 

• यहां तक की एक से ज्यादा कर्ज़दार होने पर भी एक ही जीवन बीमा काफी होगा। प्रत्येक कर्जदार के लिए अलग जीवन बीमा लेने की जरूरत नहीं है। 

• आसानी से ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। 

आपको किस बात की जानकारी होनी चाहिए:

•  होम लोन के साथ जीवन बीमा लेना जरूरी नहीं है। आरबीआई या आईआरडीआई के ऐसे कोई नियम या दिशानिर्देश नहीं है जो होम लोन के साथ जीवन बीमा लेना जरुरी बनाते हों। कर्ज़ देने वाला बैंक इसके लिए मजबूर नहीं कर सकता। 

• अगर आप सिंगल प्रीमियम मॉर्गेज रिडेम्पशन पॉलिसी चुनते हैं, जिसमें प्रीमियम की राशि को कर्ज़ की राशि के साथ ही जोड़ गया हो तो आपको प्रीमियम पर किसी तरह का टैक्स लाभ नहीं मिलेगा। 

• मॉर्गेज रिडेम्पशन पॉलिसी में अगर कर्ज़ को किसी दूसरे में बैंक में ट्रांसफर किया जाता है या समय से पहले चुका दिया जाता है तो कर्ज़ लेने वाला प्रीमियम की कुछ या पूरा राशि खो सकता है। यह पॉलिसी देने वाले पर निर्भर करता है।

आपके नहीं रहने पर भी अगर आपका परिवार वित्तीय रूप से सुरक्षित है तो यह सबसे बड़ा उपहार है जो आप अपने परिवार को दे सकते हैं। इससे ना केवल उनका हित सुरक्षित रहेगा बल्कि वे मनचाही जिंदगी भी जी सकेंगे।

आपको कितनी राशि के जीवन बीमा की जरूरत है यह जानने के लिए हमारे मुफ्त कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें। 

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