फिक्स्ड डिपॉजिट, बचत खाता, या लिक्विड फंड्स? महामारी में आर्थिक रूप से कैसे तैयार रहा जाए

उन लोगों के लिए जो इस वैश्विक संकट के दौरान अपने पैसे कैसे बचाएं सोच रहे हैं, यहां बचत खातों, सावधि जमा और तरल निधि के कुछ फायदे एवं नुकसान दिए गए हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट, बचत खाता, या लिक्विड फंड्स? महामारी में आर्थिक रूप से कैसे तैयार रहा जाए

हर समय धन की स्थिर आपूर्ति होना सभी के लिए प्राथमिकता होती है। संकट के समय में ये चिंताएं और भी बढ़ जाती है। वैश्विक कोविड -19 महामारी के बीच, जो अब दुनिया भर में आर्थिक तबाही में बदल रही है, सही साधन में फंड निवेशित रखना महत्वपूर्ण है।

अपनी पुरानी वित्तीय रणनीतियों को संशोधित करने और अधिक सुरक्षित साधनों की ओर धन को पुनर्वितरित करने का यह सही समय हो सकता है। भारत में धन संचय करने के तीन सबसे सामान्य तरीके हैं बचत खाते, सावधि जमा और तरल निधि। उनकी उपयुक्तता का अनुमान लगाने के लिए आइये,तीनों का विश्लेषण करें।

उद्देश्य

  • बचत खाता: यह कुछ ऐसा है जो लोगों के पास वेतन बैंक खाते के रूप में डिफ़ॉल्ट रूप से मौजूद रहता हैं। हालांकि ब्याज दरें अधिक नहीं हैं, पर बचत खाते अच्छा लचीलापन और तरलता प्रदान करते हैं। पैसे निकालने में कोई अर्थदंड शामिल नहीं है। वेतन खातों के मामले में, न्यूनतम बैलेंस मानदंड भी नहीं होता हैं।
  • फिक्स्ड डिपॉजिट: यह पैसे बचाने के सबसे सुरक्षित तरीकों में से एक है और गारंटीड रिटर्न प्रदान करता है। पूर्व निर्धारित अवधि के लिए, निवेशक अपने योगदान पर निश्चित ब्याज दर अर्जित करता है। ये जमा एक दीर्घकालिक निवेश हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट रेट हर बैंक में अलग-अलग हो सकते हैं। वे बिना किसी जोखिम के दीर्घकालिक लाभ की तलाश कर रहे लोगों के लिए सबसे सही होते हैं। टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट में एक लॉक-इन अवधि होता है, जिसके दौरान पैसा वापस नहीं निकाला जा सकता है। हालांकि, जमाकर्ता जब चाहें तब एफ.डी. को तोड़ सकते हैं। मैच्युरिटी तिथि से पहले एफ.डी. को बंद करने से कुछ जुर्माना लगाया जा सकता है और परिणामस्वरूप ब्याज दर कम हो सकती है।
  • लिक्विड फंड: ये एक प्रकार के डेब्ट म्यूचुअल फंड हैं, जो आमतौर पर कम जोखिम वाली प्रतिभूतियों जैसे कि ट्रेजरी बिल और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। पैसा कम अवधि के लिए निवेश किया जाता है - अधिकतम 91 दिन तक। निवेशक जब चाहें, एक दिन के भीतर अपने पैसे आसानी से निकाल सकते हैं। जैसा कि नाम से पता चलता है, ये फंड उच्च तरलता प्रदान करते हैं।

रिटर्न

पैसा लगाने का एकमात्र उद्देश्य आकर्षक रिटर्न हासिल करना है जो मुद्रास्फीति के खर्च को कवर करने में मदद कर सकता है और निवेशक को वित्तीय रूप से सुरक्षित जीवन प्रदान कर सकता है। एक वित्तीय वर्ष के लिए लिक्विड फंड रिटर्न 7% से 9% के बीच होता है। यह तीनों में से सबसे अच्छा है, क्योंकि एफ.डी. से रिटर्न 6% के लगभग है, जबकि बचत खातों से रिटर्न केवल 4% है। यदि आप मुद्रास्फीति को भी ध्यान में रखें, तो लिक्विड फंड से रिटर्न 5-8%, 3.5% पर सावधि जमा और 2% पर बचत खाते होंगे।

निकासी

बचत खातों और लिक्विड फंड से धन की निकासी काफी सरल और त्वरित है, और इसमें कोई अर्थदंड शामिल नहीं है। व्यक्ति पास के एटीएम में जा सकते हैं या कैश स्लिप या चेक का उपयोग कर सकते हैं और बैंक से पैसे निकाल सकते हैं। लिक्विड फंड निकासी की कोई लॉक-इन अवधि नहीं होती है, इसलिए निवेशक अपने पैसे को कभी भी रिडीम कर सकते हैं। जबकि बैंक एटीएम में पैसे निकालने की दैनिक सीमा होती है, लेकिन बैंक की होम ब्रांच से निकासी पर्ची का उपयोग करके पैसे निकालने की कोई सीमा नहीं है।

फिक्स्ड डिपॉजिट में न्यूनतम लॉक-इन अवधि होती है, जिसके भीतर निवेशकों को अपने फंड को निकालने की अनुमति नहीं होती है। हालांकि, आपातकालीन आवश्यकताओं के लिए कुछ प्रावधान होते हैं।आमतौर पर, व्यक्तियों को ब्याज दर के 0.5% -1% के बराबर जुर्माना शुल्क देना पड़ता है। हालांकि, प्रत्येक स्थिति अद्वितीय है, और इसलिए परिणाम भी। यदि कोई व्यक्ति समय से पहले उसी बैंक के साथ किसी अन्य निवेश साधन में निवेश करने के लिए धनराशि निकाल रहा है, तो ये जुर्माना शुल्क माफ किया जा सकता है।

निर्णय

तो इन तीनों में से कौन सा- बचत खाता, सावधि जमा, तरल निधि - एक महामारी के दौरान सबसे अच्छा निवेश विकल्प होता है? इस प्रश्न का स्पष्ट उत्तर देना कठिन हो सकता है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की वित्तीय आवश्यकताएं और लक्ष्य अलग-अलग हैं। इसके अलावा, बाजार के प्रतिद्वंद्वियों द्वारा अपनाए जाने वाले भय की रणनीति लोगों को अत्यधिक निवेश करने या गलत कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकती है।

एक महामारी के दौरान ध्यान देने वाली एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अर्थव्यवस्था में मंदी आएगी और गिरावट की संभावना है। कई लोगों और उद्योगों को काम से निकाला जा सकता है। ऐसे समय में, एक आपातकालीन निधि का होना महत्वपूर्ण है जो किराए, ऋण पुनर्भुगतान, बीमा प्रीमियम, किराने का बिल इत्यादि जैसे जरूरी खर्चों को कवर करने में मदद कर सकती है, जिनमें बचत खाते में न्यूनतम 1-2 लाख रुपये की बचत रखना अच्छी रणनीति हो सकती है।

तरलता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अनुमान लगाना कठिन है कि अगला खर्च कब और कहां उत्पन्न हो सकता है। लिक्विड फंड की सबसे अच्छी विशेषता तरलता और आसान पहुंच है। लिक्विड फंड को मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से प्रबंधित किया जा सकता है, इसलिए निकासी की प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज होती है। यह उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है जिन्हें तत्काल धन की आवश्यकता नहीं है। निवेश किया गया पैसा समय के साथ बढ़ सकता है, और यदि कोई संकट उत्पन्न होता है, तो एक या दो दिन में उनके खाते में पैसा वापस आ सकता है।

लिंक्ड फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाली राशि को भी नेट बैंकिंग एप्स के जरिए रिडीम किया जा सकता है, लेकिन पुरे ब्याज दर का लाभ उठाने और अर्थदंड से बचने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट दीर्घकालीन निवेश के तौर पर बेहतर काम करते हैं।आप अपने लाभ का पता लगाने के लिए एक निश्चित जमा कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं। इस तरह के डिपॉजिट, रिटायरमेंट सेविंग अकाउंट में दोगुना हो सकते हैं। ऐसे समय में जब लोग घबराते हैं और अपने धन का दुरुपयोग करते हैं,फिक्स्ड डिपॉजिट बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। लॉक-इन अवधि के साथ, आपका पैसा भविष्य के लिए सुरक्षित रहता है।

आखरी शब्द

चल रहे लॉकडाउन जैसे महत्वपूर्ण समय में, लोगों को सावधान रहना चाहिए कि वे घबराएं नहीं और अपने पैसे का दुरुपयोग न करें। बाजार हमेशा एक गिरावट के बाद उठता है। इसलिए, भले ही स्थिति अभी ख़राब लग रही हों, पर वे बेहतर होंगी ही । बस एक इंस्ट्रूमेंट चुनना सुनिश्चित करें जो आपकी आवश्यकताओं के साथ संरेखित हो।




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