Choose from these 21 strong stocks to invest in 2023!: वर्ष 2023 में निवेश के लिए इन 21 मजबूत शेयरों में से चुनें!

वर्ष 2023 में मजबूत लार्जकैप और मिडकैप शेयर चुनने पर मिल सकता है मुनाफा।

निवेश

2023 stocks: पिछले काफी समय से बाजार में व्याप्त अस्थिरता  के समाप्त होने के आसार नहीं हैं। उम्मीद है कि महंगाई और भू-राजनैतिक तनाव के बारे में सकारात्मक खबरों से बाजार में तेजी आ सकती है।

वर्ष 2022 के दिसंबर में बाजारों के नीचे गिरकर बंद होने के बावजूद वर्ष में निफ्टी से चार प्रतिशत अधिक का रिटर्न मिला है। पिछले साल लार्जकैप और मिडकैप दोनों ने 4 प्रतिशत रिटर्न दिया, पर स्मालकैप में दो अंकों की लुढ़कन बनी रही। नए साल यानी 2023 के शुरुआती महीनों में भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। अगर महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है तो बाजार में तेजी आ सकती है। मोतीलाल ओसवाल ब्रोकरेज हाउस ने कुछ ऐसे लार्जकैप, मिडकैप और स्माल कैप शेयरों की सूची दी है, जिनमें तेजी आने की संभावना है।

मोतीलाल ओसवाल ब्रोकरेज हाउस ने बताया कि 2022 में शेयर बाजार के ढुलमुल रहने के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय बाजारों ने वैश्विक साथियों से अच्छा प्रदर्शन किया है।

फिलहाल बाजार में नकारात्मक कारक भी बने हुए हैं। वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में भारत की अर्थव्यवस्था का मध्यम विकास होने का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बीच जीडीपी में 4.3 प्रतिशत वृद्धि की संभावना बताई है। 

बाजार से प्राप्त रिपोर्ट के हिसाब से घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अनुसार साल 2022 में बहुत अधिक निवेश किया है। उन्होंने साल में 3220 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2022 में 1700 करोड़ डॉलर के शेयरों की बिक्री की है। 

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

विभिन्न सेक्टरों के प्रदर्शन पर एक नज़र

2022 में भारत के प्रमुख सेक्टर कमजोर होकर बंद हुए। केवल दो सेक्टर यानी सार्वजनिक बैंक सूचकांक में 8 प्रतिशत और मेटल सूचकांक में 2 प्रतिशत की तेजी रही। जबकि उपयोगिता में -7 प्रतिशत, मीडिया में -6 प्रतिशत, आईटी सेक्टर में -6 प्रतिशत, तेल और गैस में -5 प्रतिशत और टेलिकॉम में -5 प्रतिशत का उतार रहा। 

दिसंबर में बाजारों का हाल

दिसंबर में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के शेयर बाजार काफी कमजोर रहे। रूस के बाजार में मासिक 2 प्रतिशत की बढ़त रही। लेकिन अमेरिका, ताइवान, भारत, इंडोनेशिया, ब्राजील, कोरिया, जापान, चीन और यूके के बाजार में गिरावट जारी रही।

कोल इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोंसिस, आईसीआईसीआई बैंक, अपोलो हॉस्पिटल, मैक्रोटेक डेवलपर्स एसबीआई, भारती एयरटेल, आईटीसी, टाइटन, अल्ट्रा टेक सीमेंट, इंडसइंड बैंक जैसे बिग कैप और वरुण बेवरेजेज, अशोक लेलैंड, जुबिलेंट फूडवर्क्सल, आइडीएफसी फर्स्टं बैंक, विनाती ऑर्गेनिक्सै, मेट्रो ब्रॉन्ड्से, एंजल वन, कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज, लेमन ट्री होटल्सस जैसे टॉप मिडकैप और स्मा्लकैप के तेज बने रहने की उम्मीद की जा रही है।

इन मजबूत शेयरों में निवेश से अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है।

यह भी पढ़ें: मार्केट में निफ़्टी ५० से रिटर्न कैसे पाए?

2023 stocks: पिछले काफी समय से बाजार में व्याप्त अस्थिरता  के समाप्त होने के आसार नहीं हैं। उम्मीद है कि महंगाई और भू-राजनैतिक तनाव के बारे में सकारात्मक खबरों से बाजार में तेजी आ सकती है।

वर्ष 2022 के दिसंबर में बाजारों के नीचे गिरकर बंद होने के बावजूद वर्ष में निफ्टी से चार प्रतिशत अधिक का रिटर्न मिला है। पिछले साल लार्जकैप और मिडकैप दोनों ने 4 प्रतिशत रिटर्न दिया, पर स्मालकैप में दो अंकों की लुढ़कन बनी रही। नए साल यानी 2023 के शुरुआती महीनों में भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं। अगर महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है तो बाजार में तेजी आ सकती है। मोतीलाल ओसवाल ब्रोकरेज हाउस ने कुछ ऐसे लार्जकैप, मिडकैप और स्माल कैप शेयरों की सूची दी है, जिनमें तेजी आने की संभावना है।

मोतीलाल ओसवाल ब्रोकरेज हाउस ने बताया कि 2022 में शेयर बाजार के ढुलमुल रहने के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय बाजारों ने वैश्विक साथियों से अच्छा प्रदर्शन किया है।

फिलहाल बाजार में नकारात्मक कारक भी बने हुए हैं। वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में भारत की अर्थव्यवस्था का मध्यम विकास होने का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बीच जीडीपी में 4.3 प्रतिशत वृद्धि की संभावना बताई है। 

बाजार से प्राप्त रिपोर्ट के हिसाब से घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अनुसार साल 2022 में बहुत अधिक निवेश किया है। उन्होंने साल में 3220 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2022 में 1700 करोड़ डॉलर के शेयरों की बिक्री की है। 

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विभिन्न सेक्टरों के प्रदर्शन पर एक नज़र

2022 में भारत के प्रमुख सेक्टर कमजोर होकर बंद हुए। केवल दो सेक्टर यानी सार्वजनिक बैंक सूचकांक में 8 प्रतिशत और मेटल सूचकांक में 2 प्रतिशत की तेजी रही। जबकि उपयोगिता में -7 प्रतिशत, मीडिया में -6 प्रतिशत, आईटी सेक्टर में -6 प्रतिशत, तेल और गैस में -5 प्रतिशत और टेलिकॉम में -5 प्रतिशत का उतार रहा। 

दिसंबर में बाजारों का हाल

दिसंबर में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के शेयर बाजार काफी कमजोर रहे। रूस के बाजार में मासिक 2 प्रतिशत की बढ़त रही। लेकिन अमेरिका, ताइवान, भारत, इंडोनेशिया, ब्राजील, कोरिया, जापान, चीन और यूके के बाजार में गिरावट जारी रही।

कोल इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोंसिस, आईसीआईसीआई बैंक, अपोलो हॉस्पिटल, मैक्रोटेक डेवलपर्स एसबीआई, भारती एयरटेल, आईटीसी, टाइटन, अल्ट्रा टेक सीमेंट, इंडसइंड बैंक जैसे बिग कैप और वरुण बेवरेजेज, अशोक लेलैंड, जुबिलेंट फूडवर्क्सल, आइडीएफसी फर्स्टं बैंक, विनाती ऑर्गेनिक्सै, मेट्रो ब्रॉन्ड्से, एंजल वन, कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज, लेमन ट्री होटल्सस जैसे टॉप मिडकैप और स्मा्लकैप के तेज बने रहने की उम्मीद की जा रही है।

इन मजबूत शेयरों में निवेश से अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है।

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