सुकन्या समृद्धि अकाउंट खाता में अपनी बेटी के लिए कैसे करें निवेश

आपकी लाड़ली के हर अरमान को पूरा करेगा सुकन्या समृद्धि खाता, जानें कहां और कैसे खुलेगा।

सुकन्या समृद्धि अकाउंट खाता में अपनी बेटी के लिए कैसे करें निवेश

अपनी बेटी की पढ़ाई-लिखाई, उसको बेहतर लाइफस्टाइल देने या फिर उसकी शादी-विवाह के लिए किसी सुरक्षित और ज्यादा रिटर्न देने वाली स्कीम की तलाश में हैं तो सुकन्या समृद्धि अकाउंट खाता आपके लिए सबसे बेहतर स्कीम है। 

यह अकाउंट केवल बेटी के नाम पर ही खुलता है। बेटियों की तरफ से उनके नैसर्गिक माता-पिता या कानूनी अभिभावक सुकन्या समृद्धि अकाउंट खोल सकते हैं। अधिकतम तीन अकाउंट खोल सकते हैं। एक परिवार में अधिकतम दो लड़कियों के लिए यह खाता खोला जा सकता है। जुड़वाँ / तीन बालिका बच्चों के जन्म के मामले में, दो से अधिक खाते खोले जा सकते है। यदि दूसरी संतान जुड़वा नहीं है और तीसरी संतान कन्या है, तब ऐसी स्थिति में तीसरी बेटी का खाता नहीं खुल सकता है। गोद ली हुई बेटी के नाम पर भी यह अकाउंट खोल सकते हैं।

बेटी की उम्र 10 साल या उससे कम रहने पर ही अकाउंट खुलेगा। बेटी के 10 साल तक की आयु होने तक माता-पिता खाते को संचालित कर सकते हैं। इसके बाद बेटी खुद खाता संचालित कर सकती है। बेटी खुद से भी खाते में पैसे जमा कर सकती है। सभी डाकघरों के अलावा चुनिंदा बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक में सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा सकते हैं। 

>कैसे खोले अकाउंट: 

सबसे पहले बेटी के माता-पिता या कानूनी अभिभावक ये सोच लें कि अकाउंट खोलना कहां है-किसी डाकघर में या किसी बैंक में -जहां भी आपको खाता खोलना है, वहां जाएं, वहां से बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि अकाउंट खोलने वाला फॉर्म लें, फॉर्म को सही-भर दें, और केवाईसी दस्तावेज के साथ जमा कर दें। केवाईसी दस्तावेज में शामिल दस्तावेज है--बेटी का जन्म प्रमाणपत्र, अकाउंट में पैसे जमा करने वाले का परिचय पत्र, अकाउंट में पैसे जमा करने वाले का एड्रेस प्रूफ,अकाउंट में पैसे जमा करने वाले का आधार कार्ड, बेटी का भी आधार हो तो अच्छा और दोनों का पासपोर्ट आकार का फोटो। 

अकाउंट खुलने के बाद एक पासबुक दिया जाएगा, जिसमें लड़की, लड़की के अभिभावक का नाम,खाता खोलने की तारीख, अकाउंट मैच्योर होने की तारीख समेत जमा किए पैसे, पैसों पर मिले ब्याज और  अकाउंट से निकाले गए पैसों का पूरा हिसाब रहेगा। पैसे नकदी, चेक या ऑनलाइन ट्रांसफर (पैसे जमा करने वालों के अकाउंट से ट्रांसफर) कर सकते हैं 

एक वित्तीय वर्ष में कम से कम ₹ 250 और अधिकतम ₹ 1.5 लाख, बाद में ₹ 50/- के गुणाक में जमा किया जा सकता है। एकमुश्त राशि भी जमा की जा सकती है। एक माह में या एक वित्तीय वर्ष में जमा की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। एक वित्त वर्ष में ₹ 1.5 लाख तक के निवेश पर इनकम टैक्स छूट ले सकते हैं। 

खाता तिमाही आधार पर वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित निर्धारित दर पर ब्याज अर्जित करेगा। जनवरी-फरवरी-मार्च 2021 के दौरान खाता खुलवाने पर मैच्योरिटी तक हर साल 7.6 फीसदी ब्याज खाता में मिलता रहेगा। ब्याज की गणना कैलेंडर माह के लिए पांचवें दिन की समाप्ति और महीने के अंत के बीच के खाते में सबसे कम शेष राशि पर की जाएगी। ब्याज प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जमा किया जाएगा। ब्याज प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में जमा किया जाएगा जहां खाता वित्तीय वर्ष के अंत में खाता होता है। अर्जित ब्याज आयकर अधिनियम के तहत कर मुक्त है।

बेटी की उम्र 18 साल तक होने तक खाता अभिभावक द्वारा संचालित किया जाएगा। 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने या 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद खाते से निकासी लिया जा सकता है। निकासी एक मुश्त या किस्तों में की जा सकती है, अधिकतम प्रति वर्ष एक से अधिक बार नहीं की जा सकती है। 

>खाते की परिपक्वता: 

(i) खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद।

(ii) या 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद लड़की की शादी के समय। (शादी की तारीख से 1 महीने पहले या 3 महीने बाद)

यह सरकारी स्कीम है, इसलिए एकदम सुरक्षित है। 

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