एससीएसएस या पीपीएफ या एसएसवाई: आपके लिए कौन सी बचत योजना सबसे अच्छी है?|SCSS or PPF or SSY: Which savings scheme is the best for you?

सरकार समर्थित बचत योजनाएं आपके पैसे पर अच्छा रिटर्न पाने के लिए एक बेहतर जोखिम-मुक्त निवेश साधन हैं।

एससीएसएस या पीपीएफ या एसएसवाई: आपके लिए कौन सी बचत योजना सबसे अच्छी है?

यदि आप अच्छे रिटर्न की पेशकश करने वाले सुरक्षित साधनों में निवेश करना चाहते हैं तो निवेश पोर्टफोलियो में सरकार समर्थित बचत योजनाएं रखना अच्छा विकल्प हो सकता है। यह जोखिम-मुक्त और भरोसेमंद निवेश साधन है। यहां आपका पैसा सुरक्षित रहेगा और अधिक रिटर्न भी मिलेगा। इससे आपकी बचत बढ़ेगी। सरकार द्वारा प्रायोजित तीन बचत योजनाओं के विस्तृत विवरण और उसके फायदे जानने के लिए आगे पढ़ें। 

सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस)

यह विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (60 और उससे अधिक) की वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह स्कीम नियमित आमदनी प्रदान करती है। यह सेवानिवृत्ति के बाद वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय रूप से सुरक्षित करने में मदद करती है। यह खाता भारत में किसी डाकघर या किसी निजी या सार्वजनिक बैंक में खोला जा सकता है। 

एससीएसएस की मुख्य विशेषताएं:

  • 60 साल और उससे अधिक आयु के भारतीय नागरिक, कुछ शर्तों के साथ 55-60 वर्ष की आयु वर्ग में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) या सेवानिवृत्ति का विकल्प चुनने वाले सेवानिवृत्त और न्यूनतम 50 वर्ष के सेवानिवृत्त रक्षाकर्मी इस योजना में निवेश कर सकते हैं।
  • कोई व्यक्ति यह खाता जीवनसाथी के साथ संयुक्त रूप से भी खोल सकता है। 
  • एससीएसएस के तहत दी जाने वाली ब्याज दर हर तिमाही में संशोधित की जाती है। हालांकि, निवेश के समय लॉक की गई ब्याज दर इन परिवर्तनों से प्रभावित नहीं होती है। वित्त वर्ष 2021-22 तक ब्याज दर 7.4% है।
  • एससीएसएस खाता खोलने के लिए आवश्यक न्यूनतम निवेश 1000 रुपये है जबकि अधिकतम राशि 15 लाख रुपये है। 
  • परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है और इसे अगले 3 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है। केवल एक बार विस्तार की अनुमति है। इस पर संबंधित तिमाही की प्रचलित ब्याज दर लागू होगी। 
  • खाताधारक समय से पहले अपना खाता बंद कर सकता है, लेकिन खाता खोलने के 1-2 साल के भीतर समय से पहले बंद करने पर 1.5% और 2 साल के बाद बंद करने पर 1% का जुर्माना लगेगा। 
  • खाताधारक को हर तीन महीने पर ब्याज मिलेगा। खाताधारक के खाते में ब्याज का भुगतान अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी की पहली तारीख को किया जाएगा।

संबंधित: सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम: सेवानिवृत योजना के लिए एक बेहतर विकल्प कैसे 

सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) 

पीपीएफ को लोगों की छोटी बचत को निवेश साधन बनाने में मदद करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। यह उन लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प है जो अपनी बचत को एक सुरक्षित, लंबी अवधि के निवेश साधन में निवेश करके निश्चित रिटर्न पाने के साथ साथ कर बचाना चाहते हैं। कोई भी योग्य भारतीय नागरिक बैंक या डाकघर में पीपीएफ खाता खोल सकता है, जिसमें ओपनिंग बैलेंस के रूप में सिर्फ 100 रुपये जमा करने होंगे। कुछ निजी बैंक आपको ऑनलाइन खाता खोलने की अनुमति देते हैं।

पीपीएफ की मुख्य विशेषताएं:

  • वर्तमान में पीपीएफ 7.1% की आकर्षक ब्याज दर देता है।
  • इसकी परिपक्वता अवधि 15 वर्ष है, जिसे 5 वर्ष के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है। 
  • पीपीएफ के लिए आवश्यक न्यूनतम निवेश 500 रुपये है और प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये है। निवेश एकमुश्त या अधिकतम 12 किस्तों में किया जा सकता है। 
  • पीपीएफ पर ब्याज कर मुक्त है और पीपीएफ में योगदान आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक कर कटौती योग्य है। 
  • पीपीएफ खाताधारक अपने खाते के लिए नॉमिनी नामित कर सकता है, संयुक्त नामों से खाता नहीं खोला जा सकता है। 
  • कोई भी अपने पीपीएफ खाते पर ऋण ले सकता है। 
  • पीपीएफ केवल परिपक्वता अवधि (15 वर्ष) के पूरा होने पर अर्जित ब्याज के साथ खाते की शेष राशि की पूरी निकासी की अनुमति देता है। हालांकि, अगर आपको फंड की जरूरत है, तो आप 6 साल पूरे करने के बाद आंशिक निकासी कर सकते हैं। एक वित्तीय वर्ष में केवल एक बार निकासी की जा सकती है।

संबंधित: पीपीएफ में निवेश करके 1 करोड़ कैसे पाएं 

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

SSY एक सरकारी बचत साधन है जो विशेष रूप से 10 या उससे कम उम्र की लड़कियों के कल्याण के लिए बनाया गया है। इसे 2015 में महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'बेटी बचाओ बेटी पढाओ' अभियान के हिस्से के रूप में पेश किया गया था। इसका मकसद माता-पिता को अपनी बेटियों के भविष्य की जरूरतों और शादी, उच्च शिक्षा और समग्र वित्तीय स्थिरता जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए निवेश करने और सुरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करना था। कोई भी व्यक्ति किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक में खाता खोलकर आसानी से SSY योजना का लाभ उठा सकता है।

एसएसवाई की मुख्य विशेषताएं:

  • वित्त वर्ष 2018-19 में 8.5% की ब्याज दर के साथ एसएसवाई सबसे अधिक ब्याज देने वाली बचत योजनाओं में से एक है। इसमें ब्याज दर हर तिमाही बदलती रहती है।
  • न्यूनतम जमा राशि 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये है।
  • आईटी अधिनियम की धारा 80सी के तहत निवेशक जमा पर कर लाभ का दावा कर सकते हैं। अर्जित ब्याज के साथ-साथ परिपक्वता राशि को करों से छूट दी गई है।
  • एसएसवाई खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा बेटी के लिए खोला जा सकता है। माता-पिता/कानूनी अभिभावक द्वारा ऐसे अधिकतम दो खाते दो बेटियों के लिए खोले जा सकते हैं।
  • खाता 21 वर्ष में परिपक्व होता है या 18 वर्ष की आयु के बाद जब खाताधारक बालिका की शादी हो जाती है।
  • लड़की के 18 साल की उम्र होने के बाद खाते की शेष राशि का 50% समय से पहले निकाला जा सकता है।

संबंधित: क्या आप अपने बच्चों के स्थिर और सुरक्षित भविष्य बनाना चाहते हैं ? यहां जानिए इसके लिए क्या करना होगा 

सारांश: 

  वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) सुकन्या समृद्धि खाता (एसएसएस)
उपयुक्तता 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक कोई भी जोखिम से बचने वाला व्यक्ति बेटियों के माता-पिता
ब्याज दर 7.4% 7.1% 8.5%
Iअवधि 5 साल जिसे 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है 15 साल जिसे 5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है 21 साल या लड़की की शादी पर
न्यूनतम और अधिकतम राशि

न्यूनतम - 1,000 रुपये

अधिकतम -15 लाख रुपये

न्यूनतम 500 रुपये

अधिकतम 1.5 lac रुपये

न्यूनतम 250 रुपये अ

धिकतम 1.5 lac रुपये

निकासी जुर्माने के साथ समय से पहले बंद करने की अनुमति पूर्ण निकासी केवल परिपक्वता पर 6 साल पूरे करने के बाद आंशिक निकासी लड़की के 18 साल होने के बाद 50% की समयपूर्व निकासी की अनुमति है

पीएफ खाता रखने वाला व्यक्ति विभिन्न उद्देश्यों के लिए खाते से ऋण के रूप में धन निकाल सकता है। हालांकि, एससीएसएस और सुकन्या समृद्धि खाते के तहत ऋण सुविधा उपलब्ध नहीं है।

किसी को भी जरूरत के हिसाब से कोई भी निवेश साधन चुनना चाहिए। 

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश या कर या कानूनी सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेते समय आपको अलग से स्वतंत्र सलाह लेनी चाहिए।

संबंधित लेख