लंबी अवधि के स्‍टॉक्‍स को कैसे पहचानें और सफलतापूर्वक निवेश करें? The secret to successful long-term stock investing in India

उच्च वृद्धि और रिटर्न की संभावनाओं के साथ अपना लंबे समय का स्टॉक पोर्टफोलियो बनाने के लिए अधिक समय में जांच किये गए दृष्टिकोण का पता लगाएं।

भारत में सफल लंबी अवधि के शेयर निवेश का रहस्य

भारत में लंबी अवधि के निवेश के लिए स्टॉक कैसे चुनें इसका रहस्य आपकी वॉचलिस्ट में स्टॉक के अतीत, वर्तमान और भविष्य की तलाश करने में है। तीनों टाइम हॉराइज़न को देखते हुए, आपको इस बात का बेहतर अंदाजा मिल जाता है कि लंबी अवधि के लिए किन शेयरों को खरीदें।

स्‍टॉक्‍स के अतीत के प्रदर्शन का कैसे पता लगाएं?

भारत में लंबी अवधि के निवेश के लिए सफल स्टॉक्स के अतीत का पता लगाने के लिए, आपको स्टॉक के ऐतिहासिक मेट्रिक्स को पहचानना होगा, विशेष रूप से अल्फा और बीटा को। स्टॉक रिटर्न और इंडेक्स रिटर्न के बीच का अंतर अल्फा है। लंबी अवधि के सफल स्टॉक्स में धनात्‍मक और हाई अल्फा होगा, यानी इंडेक्‍स की तुलना में बेहतर रिटर्न। 

दूसरी ओर, बीटा जोखिम या अस्थिरता का माप है। बीटा के बेंचमार्क के रूप में इंडेक्स ग्राफ के साथ, एक बीटा से अधिक का अर्थ होगा कि स्टॉक इंडेक्स की तुलना में अधिक अस्थिर है, और इसके विपरीत भी ऐसे ही चलता है। लंबी अवधि के निवेश के लिए आदर्श शेयर वे हैं जिनका बीटा न्‍यूनतम और अल्फा उच्चतम है।

वर्तमान प्रदर्शन को देखते हुए स्टॉक कैसे चुनें

आप केवल पिछले प्रदर्शन के आधार पर किसी शेयर को नहीं चुन सकते। अतीत में गोल्‍डन स्ट्रीक का अर्थ यह नहीं है कि स्टॉक भविष्य में अच्छा प्रदर्शन जारी रखेगा। यहां कुछ चीजें दी गई हैं जिन पर आपको विचार करना चाहिए:

  • लंबी अवधि के शेयर निवेश के लिए बड़ी कंपनियों को प्राथमिकता दें क्योंकि वे स्थिर होती हैं और स्थिर रिटर्न प्रदान करती हैं। छोटी कंपनियां मार्केट शेयर के लिए संघर्ष करती हैं, जिससे उनका दीर्घकालिक अस्तित्व पूरी तरफ सुनिश्चित नहीं होता है।
  • कंपनी के बिजनेस और वित्तीय प्रदर्शन को देखें। मजबूत आधार वाली कंपनी हमेशा ऐसी कंपनियों की तुलना में बेहतर विकल्प होती है जो उच्‍च रिटर्न तो देती हैं लेकिन उनकी वित्तीय स्थिति संदिग्ध होती है।
  • सुनिश्चित करें कि आपकी जिन स्‍टॉक्‍स में निवेश करने की योजना है उन्‍होंने हाल ही के समय में अच्‍छा प्रदर्शन किया है। 
  • शेयर बाजार में आपके दीर्घकालिक निवेश का ट्रेडिंग वॉल्यूम अच्छा होना चाहिए। यह स्टॉक में लिक्विडिटी को बढ़ाता है।
  • बढ़ी हुई प्रमोटर होल्डिंग यह तय करने में एक महत्वपूर्ण कारक है कि लंबी अवधि के लिए स्‍टॉक्‍स कैसे चुनें।

शेयर के भविष्‍य के पहलुओं को कैसे देखें?

यदि आप शेयर बाजार में लंबे समय के लिए शेयर्स को चुनने की योजना बना रहे हैं, तो आपको शेयर्स की संभावनाओं को भी देखना चाहिए।

  • अच्छे कॉरपोरेट गवर्नेंस वाले शेयर महत्वपूर्ण हैं। आपने जिस कंपनी में निवेश किया है, उसके प्रबंधन और रणनीतियों में बदलाव के बारे में खबरों पर नजर रखनी चाहिए।
  • यदि आप एक विकासशील उद्योग में निवेश कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि कंपनी बाजार में बने रहने के लिए खुद कुछ नया कर रही है।
  • एक लार्ज-कैप कंपनी का मूल्‍य बहुत कम होता है यदि वह बाजार में अपनी पकड़ का विस्तार करने और उसे बनाये रखने में असमर्थ है। भारत में लंबी अवधि के स्टॉक वे हैं जो विकास को बनाए रखने के लिए खुद के लिए कुछ नया कर रहे हैं। 

यदि आप पता कर रहे हैं कि  लंबी अवधि के लिए कौन सा शेयर खरीदें तो कुछ चीजें हैं जो आपको नहीं करनी चाहिए। पेनी स्‍टॉक्‍स में निवेश करने के लिए लाभ हो सकते हैं, लेकिन उनमें उच्‍च जोखिम भी शामिल होते हैं। अपने आप में, वे आदर्श रूप से लंबी अवधि के स्‍टॉक्‍स के लिए योग्‍य नहीं होते हैं।

निवेश के प्रचलित सुझाव न ढूंढें। इसके बजाय, इस बात पर रणनीति बनाएं कि लंबी-अवधि के स्‍टॉक्‍स कैसे खरीदें और उसका पालन करें। इन तैयारियों और सावधानियों के साथ, आप लंबी अवधि का विश्‍वसनीय और फायदेमंद पोर्टफोलियो बना सकते हैं।

भारत में लंबी अवधि के निवेश के लिए स्टॉक कैसे चुनें इसका रहस्य आपकी वॉचलिस्ट में स्टॉक के अतीत, वर्तमान और भविष्य की तलाश करने में है। तीनों टाइम हॉराइज़न को देखते हुए, आपको इस बात का बेहतर अंदाजा मिल जाता है कि लंबी अवधि के लिए किन शेयरों को खरीदें।

स्‍टॉक्‍स के अतीत के प्रदर्शन का कैसे पता लगाएं?

भारत में लंबी अवधि के निवेश के लिए सफल स्टॉक्स के अतीत का पता लगाने के लिए, आपको स्टॉक के ऐतिहासिक मेट्रिक्स को पहचानना होगा, विशेष रूप से अल्फा और बीटा को। स्टॉक रिटर्न और इंडेक्स रिटर्न के बीच का अंतर अल्फा है। लंबी अवधि के सफल स्टॉक्स में धनात्‍मक और हाई अल्फा होगा, यानी इंडेक्‍स की तुलना में बेहतर रिटर्न। 

दूसरी ओर, बीटा जोखिम या अस्थिरता का माप है। बीटा के बेंचमार्क के रूप में इंडेक्स ग्राफ के साथ, एक बीटा से अधिक का अर्थ होगा कि स्टॉक इंडेक्स की तुलना में अधिक अस्थिर है, और इसके विपरीत भी ऐसे ही चलता है। लंबी अवधि के निवेश के लिए आदर्श शेयर वे हैं जिनका बीटा न्‍यूनतम और अल्फा उच्चतम है।

वर्तमान प्रदर्शन को देखते हुए स्टॉक कैसे चुनें

आप केवल पिछले प्रदर्शन के आधार पर किसी शेयर को नहीं चुन सकते। अतीत में गोल्‍डन स्ट्रीक का अर्थ यह नहीं है कि स्टॉक भविष्य में अच्छा प्रदर्शन जारी रखेगा। यहां कुछ चीजें दी गई हैं जिन पर आपको विचार करना चाहिए:

  • लंबी अवधि के शेयर निवेश के लिए बड़ी कंपनियों को प्राथमिकता दें क्योंकि वे स्थिर होती हैं और स्थिर रिटर्न प्रदान करती हैं। छोटी कंपनियां मार्केट शेयर के लिए संघर्ष करती हैं, जिससे उनका दीर्घकालिक अस्तित्व पूरी तरफ सुनिश्चित नहीं होता है।
  • कंपनी के बिजनेस और वित्तीय प्रदर्शन को देखें। मजबूत आधार वाली कंपनी हमेशा ऐसी कंपनियों की तुलना में बेहतर विकल्प होती है जो उच्‍च रिटर्न तो देती हैं लेकिन उनकी वित्तीय स्थिति संदिग्ध होती है।
  • सुनिश्चित करें कि आपकी जिन स्‍टॉक्‍स में निवेश करने की योजना है उन्‍होंने हाल ही के समय में अच्‍छा प्रदर्शन किया है। 
  • शेयर बाजार में आपके दीर्घकालिक निवेश का ट्रेडिंग वॉल्यूम अच्छा होना चाहिए। यह स्टॉक में लिक्विडिटी को बढ़ाता है।
  • बढ़ी हुई प्रमोटर होल्डिंग यह तय करने में एक महत्वपूर्ण कारक है कि लंबी अवधि के लिए स्‍टॉक्‍स कैसे चुनें।

शेयर के भविष्‍य के पहलुओं को कैसे देखें?

यदि आप शेयर बाजार में लंबे समय के लिए शेयर्स को चुनने की योजना बना रहे हैं, तो आपको शेयर्स की संभावनाओं को भी देखना चाहिए।

  • अच्छे कॉरपोरेट गवर्नेंस वाले शेयर महत्वपूर्ण हैं। आपने जिस कंपनी में निवेश किया है, उसके प्रबंधन और रणनीतियों में बदलाव के बारे में खबरों पर नजर रखनी चाहिए।
  • यदि आप एक विकासशील उद्योग में निवेश कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि कंपनी बाजार में बने रहने के लिए खुद कुछ नया कर रही है।
  • एक लार्ज-कैप कंपनी का मूल्‍य बहुत कम होता है यदि वह बाजार में अपनी पकड़ का विस्तार करने और उसे बनाये रखने में असमर्थ है। भारत में लंबी अवधि के स्टॉक वे हैं जो विकास को बनाए रखने के लिए खुद के लिए कुछ नया कर रहे हैं। 

यदि आप पता कर रहे हैं कि  लंबी अवधि के लिए कौन सा शेयर खरीदें तो कुछ चीजें हैं जो आपको नहीं करनी चाहिए। पेनी स्‍टॉक्‍स में निवेश करने के लिए लाभ हो सकते हैं, लेकिन उनमें उच्‍च जोखिम भी शामिल होते हैं। अपने आप में, वे आदर्श रूप से लंबी अवधि के स्‍टॉक्‍स के लिए योग्‍य नहीं होते हैं।

निवेश के प्रचलित सुझाव न ढूंढें। इसके बजाय, इस बात पर रणनीति बनाएं कि लंबी-अवधि के स्‍टॉक्‍स कैसे खरीदें और उसका पालन करें। इन तैयारियों और सावधानियों के साथ, आप लंबी अवधि का विश्‍वसनीय और फायदेमंद पोर्टफोलियो बना सकते हैं।

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