सामान्य ई-कॉमर्स धोखाधड़ी के बारे में पता होना चाहिए

विभिन्न प्रकार के ई-कॉमर्स धोखाधड़ी और उनसे बचाव के चरणों के बारे में पढ़ें।

ई-कॉमर्स धोखाधड़ी से बचाव के 5 चरण

ई-कॉमर्स या इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स, एक व्यवसायिक मॉडल है जो कम्पनियों और उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट पर अपनी सेवाओं को खरीदने और बेचने की अनुमति देता है। पिछले कुछ वर्षों में, ई-कॉमर्स व्यवसाय नयी ऊंचाइयों पर पहुंच गया है।  लेकिन इस तरह की उन्नतियों के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी का खतरा भी आता है। अधिकांश व्यवसायों के ऑनलाइन होने से, विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में स्वयं को शिक्षित करने से, इस तरह के जाल में फंसने से बचने में आपकी मदद कर सकता है।

तो, ई-कॉमर्स धोखाधड़ी क्या है? 

ई-कॉमर्स धोखाधड़ी, जिसे खरीद जालसाज़ी कहते हैं, वह तब होता है जब मालिक की जानकारी के बिना अवैध लेन देन होता है।धोखाधड़ी करने वाले लोग आपकी व्यक्तिगत जानकारी चुराकर ये लेन देन करते हैं।  

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यहां ई-कॉमर्स धोखाधड़ी के कुछ प्रकार हैं जिनसे बचना चाहिए 

  1. कार्ड टेस्टिंग धोखाधड़ी 

कार्ड टेस्टिंग धोखाधड़ी तब होती है जब धोखाधड़ी करने वाले लोग चोरी करके या डार्क वेब पर कार्ड डेटा खरीदकर चोरी किये गए एक या अधिक क्रेडिट नंबर्स की जानकारी चुराते हैं। शुरूआत में, कार्ड का परीक्षण करने और यह जांचने के लिए छोटी खरीदारी की जाती है कि क्या वे सफल लेनदेन कर सकते हैं। दुर्भाग्यवश, इन छोटे लेन देन पर आमतौर पर ध्यान नहीं दिया जाता है।  

यहां कुछ चरण हैं जिन्हें आप कार्ड टेस्टिंग धोखाधड़ी से बचाव के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं 

  • एवीएस और सीवीवी मैचिंग का उपयोग। 
  • आईपी एड्रेस की निगरानी करना
  • वेलोसिटी चेक को लागू करना  
  • आईपी एड्रेस की निगरानी करें और किसी भी संदेश को स्वीकार न करें 

2. चार्जबैक धोखाधड़ी 

चार्जबैक धोखाधड़ी, जिसे फ्रैंडली फ्रॉड भी कहा जाता है, यह तब होता है जब कोई सामान खरीदता है और फिर अमान्य लेन देन के लिए उससे चार्जेबैक की मांग की जाती है। इस प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी मुफ्त उत्पादों या गलत रिफंड्स के लिए की जाती है। यदि आप ऑनलाइन व्यवसाय के मालिक हैं, तो आप ऐसे ऑनलाइन धोखाधड़ी के खतरों को कम करने के लिए चार्जबैक मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

3. रिफंड धोखाधड़ी 

रिफंड धोखाधड़ी एक अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी है जिसमें व्यापारी या व्यवसायी मालिक से पैसे मांगे जाते हैं। इन मामलों में, धोखाधड़ी करने वाले लोग चोरी के कार्ड का उपयोग करके भुगतान करते हैं और किसी दूसरे खाते में रिफंड की मांग करते हैं।  रिफंड धोखाधड़ी बहुत खतरनाक है, क्योंकि यह वास्तविक लगती है, और कई ई-कॉमर्स व्यापारी पूरे रिफंड का भुगतान करके इसमें फंस जाते हैं।  

4. पहचान धोखाधड़ी 

इसे खाते को नियंत्रित करने की धोखाधड़ी भी कहते हैं, जहां कोई व्यक्ति ऑनलाइन भुगतान करने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति के खाते का इस्तेमाल करता है।  यह आमतौर पर चुराए गए पासवर्ड, सुरक्षा कोड, या व्यक्तिगत जानकारी को खरीद कर किया जाता है। धोखाधड़ी करने वाले लोग अक्‍सर ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने के लिए उनके विरूद्ध फिशिंग स्कीमों को भी आज़माने की कोशिश करते हैं। ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए, एक मजबूत पासवर्ड बनाने का सुझाव दिया जाता है।  साथ ही, विभिन्न साइट्स के लिए विभिन्न पासवर्ड का इस्तेमाल करें, और लॉगिन प्रयासों के लिए रेट लिमिट सेट करें।

5. इंटरसेप्शन धोखाधड़ी 

इस प्रकार की धोखाधड़ी में, आपकी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर बिलिंग और शिपिंग एड्रेस के साथ एक ऑर्डर दिया जाता है जो चोरी किये गए क्रेडिट कार्ड से मेल खाता है, और बाद में धोखाधड़ी करने वाले लोग डिलीवर होने से पहले ही उत्पाद को अपने आप लेने के लिए उसे रोकने की कोशिश करते हैं। वे अक्सर पैकेज को रीडायरेक्ट करने के लिए शिपिंग साइट से संपर्क करते हैं और उसे स्वयं ले लेते हैं। ऐसी ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए, शिपिंग साइट्स कभी कभार ही रीडायरेक्ट की मांग को स्वीकार करती हैं, और, एक ऑनलाइन स्टोर मालिक के रूप में, आपको शिपमेंट भेजने से पहले पुष्टि भी करनी चाहिए।  

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संवादपत्र

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