Tata Elxsi and Trent reclassified based on six-month average market cap!

टाटा ग्रुप की कंपनियां औसत मार्केट कैप के आधार पर लार्ज कैप में पहुंचीं।

टाटा ग्रुप की ये कंपनियां

New large cap companies of TATA group -Tata Elxsi and Trent : देश के सबसे प्रसिद्ध और जाने-माने औद्योगिक घरानों में से एक टाटा ग्रुप पर सभी लोग भरोसा करते हैं और इसे सम्मानित समूह मानते हैं। इसी टाटा ग्रुप की दो कंपनियां टाटा एलेक्सी और ट्रेंट अब मिड कैप से निकल कर लार्ज कैप की श्रेणी में पहुंच गई हैं। इन दोनों कंपनियों के छह महीने के औसत मार्केट कैप के आधार पर उन्हें फिर से वर्गीकृत किया गया है।

टाटा एलेक्सी डिजाइन और टेक्नोलॉजी सेवा प्रदाता कंपनी है, जो अपने उपभोक्ताओं को ऑटोमोटिव, ब्रॉडकास्ट, संचार, स्वास्थ्य देखभाल और परिवहन सेवाएं प्रदान करती है और समूह की दूसरी कंपनी ट्रेंट, एक रिटेल कंपनी है जो खुदरा व्यापार के क्षेत्र में है।

पिछले साल यानी 2022 में इन कंपनियों के शेयरों में आई तेजी के कारण ये कंपनिया लार्ज कैप श्रेणी में अपनी पैठ बनाने में सफल रहीं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया ने हाल ही में लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में शामिल कंपनियों की सूची जारी की है। यह सूची कंपनियों के छह महीने के औसत मार्केट कैप के आधार पर बनाई गई है।

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जनवरी की पांच तारीख को टाटा एलेक्सी का शेयर 6220.55 रुपए पर बंद हुआ था। इस कीमत के आधार पर उसका मार्केट कैप करीब 38,773.31 करोड़ रुपए है। टाटा एलेक्सी का पिछले 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 10,760.40 रुपए है जो इसने 2022 के 17 अगस्त को  छुआ था। जबकि 52 हफ्ते का इसका न्यूनतम स्तर 5,708.10 रुपए रहा है जो कि पिछले महीने यानी 26 दिसंबर को इसका भाव  था। 

पांच जनवरी को ट्रेंट का शेयर 1265.95 रुपए की दर पर बंद हुआ था। इसका मार्केट कैप 45,111.36 करोड़ रुपए है। ट्रेंट का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,571.00 रुपए और न्यूनतम स्तर 983.70 रुपये है। 

और किन-किन कंपनियों की श्रेणी में हुआ बदलाव

जो कंपनियां मिड कैप वर्ग से लार्ज कैप श्रेणी में पहुंची हैं उनमें टाटा एलेक्सी और ट्रेंट के साथ-साथ वरुण बेवरेजेज, एबीबी इंडिया, बॉश, पेज इंडस्ट्रीज और पीआई इंडस्ट्रीज शामिल हैं। जबकि मुथूट फाइनेंस, पेटीएम की अभिभावक कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस, बंधन बैंक, एमफेसिस, ग्लैंड फार्मा और पीरामल एंटरप्राइजेज लार्ज कैप से नीचे खिसक कर मिड कैप में पहुंच गई हैं। 

ब्लू डार्ट, टिमकेन इंडिया, फाइन ऑर्गेनिक्स इंडस्ट्रीज, मेट्रो ब्रांड्स, यूको बैंक, जेएफ कमर्शियल वीकल कंट्रोल सिस्टम्स, अपोलो टायर्स और केपीआईटी टेक्नोलॉजीज स्मॉल कैप से मिड कैप में पहुंच गई हैं। 

दूसरी तरफ गोदरेज इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, टैनला प्लेटफॉर्म्स, आईरईएक्स और आवास फाइनेंसर्स मिड कैप की स्थिति से नीचे खिसक कर स्मॉल कैप में आ गई हैं। लार्ज कैप की कंपनियों के लिए निर्धारित अर्हता 48,900 करोड़ रुपए है जबकि मिड कैप में शामिल होने के लिए यह 16,800 करोड़ रुपए है।

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संवादपत्र

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